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एडमिशन लेने को दिव्यांग बन गए हैं कई छात्रनेता
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बरेली। बरेली कॉलेज में एलएलबी में फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर भारांक हासिल करने का मामला राजभवन तक पहुंच गया। कॉलेज प्रशासन पर मामले को दबाने का आरोप लगाते हुए एक छात्रनेता ने इसकी जांच कराने की मांग की है।
बरेली कॉलेज में एलएलबी की एडमिशन प्रक्रिया पिछले साल से ही विवादित है। इसके चलते कुछ एडमिशन भी निरस्त हुए थे। शैक्षिक सत्र 2019-20 के एडमिशन शुरू होने से पहले ही कुछ छात्रों ने इस बार प्रवेश परीक्षा के जरिये एडमिशन लेने की बात कही थी। मगर विश्वविद्यालय ने इस पर ध्यान नहीं दिया और मेरिट के जरिये ही प्रवेश लेना शुरू कर दिया। इस पर पहले ही दिन से विवाद शुरू हो गया। पहले तो एबीवीपी ने मेरिट पर सवाल उठाकर हंगामा किया लेकिन फिर शांत हो गए। इसी बीच सामने आया कि कुछ छात्र नेताओं ने एलएलबी में एडमिशन पाने के लिए फर्जी भारांक सर्टिफिकेट लगाए हैं। इनमें से कुछ छात्र तो अच्छे-भले होने के बावजूद दिव्यांग बन गए। मामला संज्ञान में आने पर कॉलेज प्रशासन ने जांच कराने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर छात्रनेता इमरान अंसारी ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन मामले को दबाने में लगा है।
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बरेली कॉलेज में एलएलबी की एडमिशन प्रक्रिया पिछले साल से ही विवादित है। इसके चलते कुछ एडमिशन भी निरस्त हुए थे। शैक्षिक सत्र 2019-20 के एडमिशन शुरू होने से पहले ही कुछ छात्रों ने इस बार प्रवेश परीक्षा के जरिये एडमिशन लेने की बात कही थी। मगर विश्वविद्यालय ने इस पर ध्यान नहीं दिया और मेरिट के जरिये ही प्रवेश लेना शुरू कर दिया। इस पर पहले ही दिन से विवाद शुरू हो गया। पहले तो एबीवीपी ने मेरिट पर सवाल उठाकर हंगामा किया लेकिन फिर शांत हो गए। इसी बीच सामने आया कि कुछ छात्र नेताओं ने एलएलबी में एडमिशन पाने के लिए फर्जी भारांक सर्टिफिकेट लगाए हैं। इनमें से कुछ छात्र तो अच्छे-भले होने के बावजूद दिव्यांग बन गए। मामला संज्ञान में आने पर कॉलेज प्रशासन ने जांच कराने की बात कही, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसको लेकर छात्रनेता इमरान अंसारी ने राज्यपाल आनंदी बेन पटेल को शिकायती पत्र भेजकर कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने आरोप लगाया है कि कॉलेज प्रशासन मामले को दबाने में लगा है।
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