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गुप्ता दंपती मर्डर केस, सीबीआई ने तुड़वाया अलमारी का ताला, मिली खाली
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बदायूं। गुप्ता दंपती मर्डर केस में छानबीन करने आई सीबीआई बुधवार दोपहर उनके घर पहुंची। सीबीआई ने दंपती के घर में रखी एक पुरानी अलमारी का ताला तुड़वाकर देखा, लेकिन उसमें कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला। सीबीआई दंपती मर्डर केस के अलावा बरेली में हुए उनके बेटे मुकुल गुप्ता एनकाउंटर की जांच भी कर रही है। कोई सुबूत न मिलने पर सीबीआई को फिलहाल खाली हाथ लौटना पड़ा।
आठ अप्रैल 2015 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के सड़े गले शव उनके घर के अंदर मिले थे। उनकी किसी धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दंपती अपने बेटे मुकुल गुप्ता के बरेली में हुए फर्जी एनकाउंटर केस की पैरवी कर रहे थे। आरोप है कि मुकुल गुप्ता का बरेली में सीबीगंज के पास पुलिस ने फर्जी तरीके से एनकाउंटर कर दिया था। मुकुल के एनकाउंटर मामले की जांच भी सीबीआई कर रही थी। इस मामले की जांच किसी नतीजे पर पहुंचती इससे पहले मुकुल के माता-पिता की उनके ही घर में हत्या कर दी गई थी। गुप्ता मर्डर केस की शुरू में जांच कोतवाली पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब तक सीबीआई घर के नौकरों, परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर चुकी है। करीब छह माह पूर्व सीबीआई को दंपती की एक पुरानी अलमारी होने का पता चला था। सीबीआई को लगा कि शायद अलमारी से घटना संबंधी कोई सुबूत मिल सकता है। तभी से सीबीआई अलमारी खुलवाने की कोशिश में थी। करीब तीन माह पूर्व सीबीआई ने अलमारी की चाबी के बारे में परिवार वालों से पूछताछ की थी, लेकिन चाबी का कुछ पता नहीं चला।
लखनऊ से बुधवार दोपहर सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम फिर यहां कटरा ब्राह्मपुर मोहल्ला पहुंची। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दंपती के मकान में रखी अलमारी देखी गई। उसके बाद एक मिस्त्री को बुलवाकर अलमारी का ताला तुड़वाया गया। खोलने पर अलमारी बिल्कुल खाली मिली, जिसके बाद टीम बैरंग लौट गई।
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सराफा व्यापारियों से कर चुकी है पूछताछ
गुप्ता दंपती मर्डर केस में सीबीआई शहर के सराफ व्यापारियों से भी पूछताछ कर चुकी है। सराफा व्यापारी गुप्ता दंपती से ब्याज पर रुपये लेते थे। उनके पास व्यापारी सोने-चांदी के आभूषण गिरवीं रखते थे।
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आठ अप्रैल 2015 को शहर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला कटरा ब्राह्मपुर निवासी रिटायर्ड इंजीनियर विजेंद्र गुप्ता और उनकी पत्नी सन्नो गुप्ता के सड़े गले शव उनके घर के अंदर मिले थे। उनकी किसी धारदार हथियार से गोदकर हत्या कर दी गई थी। दंपती अपने बेटे मुकुल गुप्ता के बरेली में हुए फर्जी एनकाउंटर केस की पैरवी कर रहे थे। आरोप है कि मुकुल गुप्ता का बरेली में सीबीगंज के पास पुलिस ने फर्जी तरीके से एनकाउंटर कर दिया था। मुकुल के एनकाउंटर मामले की जांच भी सीबीआई कर रही थी। इस मामले की जांच किसी नतीजे पर पहुंचती इससे पहले मुकुल के माता-पिता की उनके ही घर में हत्या कर दी गई थी। गुप्ता मर्डर केस की शुरू में जांच कोतवाली पुलिस ने की थी, लेकिन बाद में यह केस सीबीआई को ट्रांसफर कर दिया गया। अब तक सीबीआई घर के नौकरों, परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर चुकी है। करीब छह माह पूर्व सीबीआई को दंपती की एक पुरानी अलमारी होने का पता चला था। सीबीआई को लगा कि शायद अलमारी से घटना संबंधी कोई सुबूत मिल सकता है। तभी से सीबीआई अलमारी खुलवाने की कोशिश में थी। करीब तीन माह पूर्व सीबीआई ने अलमारी की चाबी के बारे में परिवार वालों से पूछताछ की थी, लेकिन चाबी का कुछ पता नहीं चला।
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लखनऊ से बुधवार दोपहर सीबीआई की तीन सदस्यीय टीम फिर यहां कटरा ब्राह्मपुर मोहल्ला पहुंची। इसकी सूचना पर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। दंपती के मकान में रखी अलमारी देखी गई। उसके बाद एक मिस्त्री को बुलवाकर अलमारी का ताला तुड़वाया गया। खोलने पर अलमारी बिल्कुल खाली मिली, जिसके बाद टीम बैरंग लौट गई।
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सराफा व्यापारियों से कर चुकी है पूछताछ
गुप्ता दंपती मर्डर केस में सीबीआई शहर के सराफ व्यापारियों से भी पूछताछ कर चुकी है। सराफा व्यापारी गुप्ता दंपती से ब्याज पर रुपये लेते थे। उनके पास व्यापारी सोने-चांदी के आभूषण गिरवीं रखते थे।