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बिशारतगंज थाने में अनहोनी घटनाओं को लेकर पुलिस में दहशत
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बिशारतगंज। पिछले डेढ़ माह में हुई कई अप्रिय घटनाओं से एक बार बिशारतगंज थाने में किसी साये की चर्चाएं होने लगी है। दहशत में अधिकांश पुलिसकर्मी यहां से तबादला करने की जुगत में लगे हैं। बृहस्पतिवार को पुलिस कर्मियों ने थाने मेें स्थित देवी मंदिर में हवन कराया था। बृहस्पतिवार को ही एसएसपी ने नये थानाध्यक्ष की यहां तैनाती की थी। शाम छह बजे वह थाने में आमद कराकर बरेली चले गए। रात में उन्होंने तबादला करा लिया।
23 जून की सुबह बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव संघासी निवासी रामवीर ने पुलिस हिरासत में थाने के शौचालय में गमछा से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक शोएब मियां सहित तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। 27 जून को श्रीकांत राय को प्रभारी निरीक्षक तैनात किया गया। 8 जुलाई को एसएसपी ने यहां तैनात एसएसआई गजेंद्र सिंह यादव को अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया। एसएसआई के स्थान पर कोई नई तैनाती नहीं की गई। 27 जुलाई को प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय की हार्टअटैक से मौत हो गई। इसके बाद पूरा थाना दहशत में आ गया। कई पुलिसकर्मी बीमार हो गए। बिशारतगंज थाने की स्थापना के 35 वर्षों में यहां 77 थानाध्यक्ष तैनात हुए, जिनमें कई तेज तर्रार शामिल है, लेकिन मात्र 25 ही भाग्यशाली रहे जो यहां से चार्ज पर गए। बाकी पदावनत होकर गए।
अधिकारिक तौर पर भले ही इन थानाध्यक्षों को अपराधों में वृद्धि, कार्य में शिथिलता या गैर जनपद और रेंज में अवधि पूरी होने के कारण हटाया गया हो, लेकिन यहां के लोग थाने के पीछे बनी कब्रों को ही इसका खास कारण मानते है। कुछ लोगों का कहना है कि थाने का भवन कब्रिस्तान की जगह में बना होने के कारण ऐसा हो रहा है। वे इस स्थान को अभिशप्त मानते है। एक किंवदंती यह भी है कि थाना भवन की जगह एक बहुत पुराना पीपल का वृक्ष था, जिसे कटवाकर थाने का भवन बनाए जाने के कारण ऐसा हो रहा है। लोग इस स्थान पर प्रेत आत्मा का वास मानते हैं। कारण भले ही चाहे जो हो परंतु यह थाना थानाध्यक्षों के लिए अभिशाप बन गया है। एसएसपी ने बृहस्पतिवार को श्याम सिंह की तैनाती की। शाम को उन्होंने आमद कराई रात को बरेली जाकर स्थानांतरण करा लिया। एसएसपी ने अब पुलिस लाइन से मनोज कुमार को प्रभारी निरीक्षक तैनात किया है।
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23 जून की सुबह बदायूं के थाना हजरतपुर के गांव संघासी निवासी रामवीर ने पुलिस हिरासत में थाने के शौचालय में गमछा से फंदा लगाकर जान दे दी थी। इस मामले में एसएसपी ने प्रभारी निरीक्षक शोएब मियां सहित तीन पुलिस कर्मियों को सस्पेंड कर दिया था। 27 जून को श्रीकांत राय को प्रभारी निरीक्षक तैनात किया गया। 8 जुलाई को एसएसपी ने यहां तैनात एसएसआई गजेंद्र सिंह यादव को अनिवार्य सेवानिवृत्त कर दिया। एसएसआई के स्थान पर कोई नई तैनाती नहीं की गई। 27 जुलाई को प्रभारी निरीक्षक श्रीकांत राय की हार्टअटैक से मौत हो गई। इसके बाद पूरा थाना दहशत में आ गया। कई पुलिसकर्मी बीमार हो गए। बिशारतगंज थाने की स्थापना के 35 वर्षों में यहां 77 थानाध्यक्ष तैनात हुए, जिनमें कई तेज तर्रार शामिल है, लेकिन मात्र 25 ही भाग्यशाली रहे जो यहां से चार्ज पर गए। बाकी पदावनत होकर गए।
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अधिकारिक तौर पर भले ही इन थानाध्यक्षों को अपराधों में वृद्धि, कार्य में शिथिलता या गैर जनपद और रेंज में अवधि पूरी होने के कारण हटाया गया हो, लेकिन यहां के लोग थाने के पीछे बनी कब्रों को ही इसका खास कारण मानते है। कुछ लोगों का कहना है कि थाने का भवन कब्रिस्तान की जगह में बना होने के कारण ऐसा हो रहा है। वे इस स्थान को अभिशप्त मानते है। एक किंवदंती यह भी है कि थाना भवन की जगह एक बहुत पुराना पीपल का वृक्ष था, जिसे कटवाकर थाने का भवन बनाए जाने के कारण ऐसा हो रहा है। लोग इस स्थान पर प्रेत आत्मा का वास मानते हैं। कारण भले ही चाहे जो हो परंतु यह थाना थानाध्यक्षों के लिए अभिशाप बन गया है। एसएसपी ने बृहस्पतिवार को श्याम सिंह की तैनाती की। शाम को उन्होंने आमद कराई रात को बरेली जाकर स्थानांतरण करा लिया। एसएसपी ने अब पुलिस लाइन से मनोज कुमार को प्रभारी निरीक्षक तैनात किया है।
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