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Bareilly News: सोशल मीडिया अकाउंट के लिए बनाएं दूसरी ई-मेल आईडी
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बरेली। अपनी मुख्य ई-मेल आईडी को सोशल मीडिया अकाउंट से लिंक न करें। इसके लिए दूसरी आईडी बना लें। साइबर क्राइम से बचाव के लिए किसी लिंक के यूआरएल को चेक करने के बाद ही उसे खोलें। फेक वेबसाइट का वेब एड्रेस अलग होता है। थोड़ी सी जागरूकता के सहारे खुद को व अपने परिजनों को साइबर ठगी से बचा सकते हैं। महिलाएं आत्मरक्षा के लिए हमेशा अपने पास पेपर स्प्रे रखने की आदत डालें।
अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को एसएसवी इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने ये बातें कहीं। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि साइबर ठग हमारी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। वे एपीके फाइल के जरिये ठगी करते हैं। इनसे सावधान रहें। अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट कर टू स्टेप वेरिफिकेशन से सुरक्षित करें। अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें। उन्होंने साइबर स्टाकिंग की जानकारी भी दी। इस दौरान प्रबंधक साकेत सुधांशु शर्मा, प्रबंध समिति के अध्यक्ष अंजली शर्मा मौजूद रहीं।
इन बातों पर दें ध्यान
- दूसरे के फोन या कंप्यूटर में अगर अपने सोशल मीडिया अकाउंट को लॉगइन करें तो कीप लॉगइन पर कभी क्लिक न करें।
- महिलाएं खुद की सुरक्षा करने के लिए आत्मनिर्भर बनें और सेल्फ डिफेंस जरूर सीखें।
- किसी भी एप को डाउनलोड करने के लिए लिंक का प्रयोग न करके प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर का ही उपयोग करें।
- ज्यादातर 45 से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों के साथ ही साइबर ठगी होती है। इसलिए बच्चे अपने घर के बड़ों को इसकी जानकारी देते रहें।
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साइबर सुरक्षा के सुझाव
- अपनी पर्सनल जानकारी साझा न करें।
-अनजान ई-मेल और संदेशों से सावधान रहें।
- पब्लिक वाई-फाई पर लॉगइन करने से बचें।
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सवाल : साइबर क्राइम होने पर क्या करें? - आकांक्षा
जवाब : सभी थानों में साइबर सेल एक्टिव है। इसके अलावा आप साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और cybercrime.gov.in के जरिये भी अपनी शिकायत कर सकते हैं।
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सवाल: साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए क्या-क्या दस्तावेज जरूरी हैं? - समृद्धि
जवाब : जिस तरह का क्राइम होता है, उसी तरह के दस्तावेज मांगे जाते हैं। जैसे किसी अनजान ने आपकी आपत्तिजनक तस्वीरें अपलोड कर दी हों तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर दस्तावेज के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
सवाल : अगर थाने में सुनवाई न हो तो क्या करें? - स्वास्तिक
जवाब : ऐसा होने पर आप थाना इंचार्ज से शिकायत कर सकते हैं। वह भी न सुनें तो सीओ को बता सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा नहीं होता।
(नोट : सभी सवालों के जवाब एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने दिए।)
संवाद
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अमर उजाला फाउंडेशन की ओर से बृहस्पतिवार को एसएसवी इंटर कॉलेज में आयोजित पुलिस की पाठशाला में एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने ये बातें कहीं। साइबर थाने के इंस्पेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि साइबर ठग हमारी जल्दबाजी का फायदा उठाते हैं। वे एपीके फाइल के जरिये ठगी करते हैं। इनसे सावधान रहें। अपने सभी सोशल मीडिया अकाउंट को प्राइवेट कर टू स्टेप वेरिफिकेशन से सुरक्षित करें। अनजान व्यक्तियों से दूरी बनाकर रखें। उन्होंने साइबर स्टाकिंग की जानकारी भी दी। इस दौरान प्रबंधक साकेत सुधांशु शर्मा, प्रबंध समिति के अध्यक्ष अंजली शर्मा मौजूद रहीं।
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इन बातों पर दें ध्यान
- दूसरे के फोन या कंप्यूटर में अगर अपने सोशल मीडिया अकाउंट को लॉगइन करें तो कीप लॉगइन पर कभी क्लिक न करें।
- महिलाएं खुद की सुरक्षा करने के लिए आत्मनिर्भर बनें और सेल्फ डिफेंस जरूर सीखें।
- किसी भी एप को डाउनलोड करने के लिए लिंक का प्रयोग न करके प्ले स्टोर या एप्पल स्टोर का ही उपयोग करें।
- ज्यादातर 45 से अधिक आयु वर्ग के व्यक्तियों के साथ ही साइबर ठगी होती है। इसलिए बच्चे अपने घर के बड़ों को इसकी जानकारी देते रहें।
साइबर सुरक्षा के सुझाव
- अपनी पर्सनल जानकारी साझा न करें।
-अनजान ई-मेल और संदेशों से सावधान रहें।
- पब्लिक वाई-फाई पर लॉगइन करने से बचें।
सवाल : साइबर क्राइम होने पर क्या करें? - आकांक्षा
जवाब : सभी थानों में साइबर सेल एक्टिव है। इसके अलावा आप साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं और cybercrime.gov.in के जरिये भी अपनी शिकायत कर सकते हैं।
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सवाल: साइबर क्राइम की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए क्या-क्या दस्तावेज जरूरी हैं? - समृद्धि
जवाब : जिस तरह का क्राइम होता है, उसी तरह के दस्तावेज मांगे जाते हैं। जैसे किसी अनजान ने आपकी आपत्तिजनक तस्वीरें अपलोड कर दी हों तो उसका स्क्रीनशॉट लेकर दस्तावेज के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
सवाल : अगर थाने में सुनवाई न हो तो क्या करें? - स्वास्तिक
जवाब : ऐसा होने पर आप थाना इंचार्ज से शिकायत कर सकते हैं। वह भी न सुनें तो सीओ को बता सकते हैं। हालांकि, आमतौर पर ऐसा नहीं होता।
(नोट : सभी सवालों के जवाब एसपी दक्षिणी अंशिका वर्मा ने दिए।)
संवाद