COVID-19: बरेली में फिर लौटा कोरोना, सात महीने बाद मिला मरीज, नोएडा के अस्पताल में भर्ती
नये साल में कोरोना का खतरा बढ़ गया है। बरेली में कोरोना ने फिर दस्तक दे दी है। नवाबगंज का एक व्यक्ति संक्रमित मिला है। वह कई दिनों से बीमार है। उसे नोएडा के अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी जांच कराई गई। उसमें कोरोना संक्रमण की पुष्टि हुई है।
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सात माह बाद बरेली जिले में कोरोना संक्रमित एक मरीज मिला है। पांच दिन पहले एक व्यक्ति को नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। संदिग्ध लक्षण मिलने पर कोविड जांच हुई। इसकी रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव आई है। संक्रमण नए स्वरूप जेएन-1 का है या नहीं, इसकी जांच होगी।
स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, नवाबगंज के 64 वर्षीय वकील इलाज के लिए शहर के एक निजी अस्पताल में भर्ती हुए थे। सुधार न होने पर परिजनों ने उन्हें पांच दिन पहले नोएडा के निजी अस्पताल में भर्ती कराया था।
बताते हैं कि इलाज के बावजूद हालत में सुधार न होने पर आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिया गया। जांच रिपोर्ट पॉजिटिव मिली है। अस्पताल ने देर शाम स्वास्थ्य विभाग को सूचना भेजी। परिवार में छह लोग हैं। चार लोग मरीज के साथ अस्पताल में हैं। परिजन में संक्रमण के कोई लक्षण नहीं है।
कोरोना संदिग्धों की हो रही निगरानी
सात माह पहले बरेली कोरोनामुक्त हो चुका था। कोरोना के नए वैरिएंट जेएन-1 के मरीज मिलने से फिर दहशत हावी हो रही है। प्रदेश सरकार से एडवाइजरी जारी होने के बाद जिले में भी कोरोना संदिग्ध मरीजों की निगरानी शुरू हो गई है। इस बीच सात महीने बाद फिर एक मरीज मिला है। इसे लेकर स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है।
एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. मीसम अब्बास के मुताबिक सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी इंफेक्शन (सारी), इंफ्लुएंजा लाइक इलनेस (आईएलआई) के मरीजों की आरटीपीसीआर जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट पॉजिटिव मिलने पर जीनोम सिक्वेंसिंग के लिए सैंपल केजीएमयू लखनऊ भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने तक मरीज तीन सौ बेड अस्पताल में आइसोलेट होंगे। हालत बिगड़ने की स्थिति में उन्हें एल-3 अस्पताल में भर्ती कराया जा सकता है।
मार्च 2020 में मिला था पहला मरीज
27 मार्च 2020 को जिले में कोरोना का पहला मरीज मिला था। तब से मई 2023 तक शहर ने कोरोना की तीन लहरों को झेला। 51 हजार लोग संक्रमित हुए थे और 378 लोग काल के गाल में समा गए थे। स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक अब तक 22 लाख लोगों की एंटीजन और आरटीपीसीआर जांच की जा चुकी है।