लांस नायक हत्याकांड: साथी की पत्नी से छेड़खानी करता था राजेश, विरोध पर ली जान; अब दोषियों को मिली ये सजा
जब भी सैन्यकर्मी की पत्नी घर से बाहर निकलतीं तो कैंट निवासी राजेश चौधरी उनका पीछा करता। अश्लील इशारे करता। एक दिन राजेश ने बीच बाजार महिला का हाथ पकड़ लिया। तब उन्होंने अपने पति को बताया। पति ने अरुणाचल से अनिल कुमार को फोन करके राजेश को समझाने के लिए कहा था।
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बरेली के लांस नायक अनिल कुमार हत्याकांड में दोषी ध्रुव चौधरी को फांसी और उसके बड़े भाई राजेश चौधरी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। बहस के दौरान अभियोजन की ओर से कोर्ट को बताया गया कि अभियुक्त राजेश चौधरी एक दूसरे सैन्यकर्मी की पत्नी के पीछे पड़ गया था। साथी के मामले में विरोध जताने पर अनिल की हत्या कर दी थी।
मामला मार्च 2018 का है। लांस नायक अनिल कुमार जाट रेजिमेंट सेंटर से ड्यूटी करके दोपहर दो बजे घर लौट रहे थे। सदर बाजार में राजेश के कहने पर ध्रुव ने अनिल को गोली मारी थी। कोर्ट ने अभियुक्त ध्रुव चौधरी व राजेश चौधरी को 22 फरवरी 2024 को दोषी करार दे दिया था। बुधवार को ध्रुव चौधरी को फांसी और राजेश को उम्रकैद की सजा सुनाई गई। ध्रुव पर 13 हजार व राजेश पर 10 हजार रुपये जुर्माना भी लगाया गया।
सोनीपत के रहने वाले थे अनिल
जिला शासकीय अधिवक्ता सुनिति कुमार पाठक ने कोर्ट को बताया कि अनिल जाट रेजिमेंट में तैनात थे। वह हरियाणा के सोनीपत जिले के गांव गुहाना के निवासी थे। वह यहां सदर बाजार में किराये पर रहते थे। अनिल के साथी लांस नायक अरुणाचल प्रदेश में तैनात थे। उन्होंने गृह जनपद ऊधम सिंह नगर नजदीक होने की वजह से अपनी पत्नी व बच्चों को कैंट में किराये के मकान में रखा था। जब भी उनकी पत्नी घर से बाहर निकलतीं तो कैंट निवासी राजेश चौधरी उनका पीछा करता। अश्लील इशारे करता।
एक दिन राजेश ने बीच बाजार महिला का हाथ पकड़ लिया। तब उन्होंने अपने पति को बताया। पति ने अरुणाचल से अनिल कुमार को फोन करके राजेश को समझाने के लिए कहा। अनिल कुमार ने समझाया तो राजेश और भड़क गया। तब अनिल ने उसकी पिटाई कर दी थी। इस घटना के बाद राजेश चौधरी ने महिला को और परेशान करना शुरू कर दिया। अनिल कुमार ने फिर विरोध जताया तो दोनों भाइयों ने दफ्तर से लौटते वक्त घेरकर उनको गोली मार दी थी।
सेवानिवृत हवलदारों ने दी गवाही
राजेश और ध्रुव का कैंट के सदर इलाके में काफी आतंक था। जब इस मामले में कोई गवाही के लिए तैयार नहीं हो रहा था तो सेवानिवृत हवलदार कुलदीप सिंह का साहस काम आया। अभियोजन की ओर से वकील अरुण कुमार सक्सेना ने कोर्ट को स्थिति से अवगत कराया। कोर्ट ने एसएसपी को गवाहों को सुरक्षा देने और मामले की जांच के लिए लिखा। इसके कुछ दिन बाद ही अदालत ने दोनों अभियुक्तों की जमानत खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया। सेवानिवृत हवलदार कुलदीप सिंह, भरत सिंह सोलंकी, पीड़िता व उसके पति ने साहस करके गवाही दी और मामले को अंजाम तक पहुचाया।
अनिल की पत्नी बोलीं- दिल को सुकून मिला
आंख में आंसू लिए अदालत में बैठी मृत लांस नायक अनिल कुमार की पत्नी सोनी देवी ने कहा कि उनके दिल को आज सुकून मिला है। यहां तक पहुंचने के लिए बहुत मुश्किल उठानी पड़ी लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। अब उनके सामने अपने दो बेटों का भविष्य है।
पूर्व फौजियों ने खुशी मनाई
अदालत का फैसला आने से पहले ही कई पूर्व फौजी न्यायालय परिसर के बाहर एकत्र हो गए थे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए खुशी मनाई। ये लोग जय जवान जय किसान और जय हिंदुस्तान के नारे लगा रहे थे। कोर्ट के फैसले पर इन्होंने संतुष्टि जाहिर की। कहा कि उनके साथी की आत्मा को शांति मिली है।