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Bareilly News: कार्रवाई पर बिफरे पार्षद, दी सफाई

Tue, 07 Oct 2025 02:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 07 Oct 2025 02:45 AM IST
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Councillor furious over action, gives clarification
सपा पार्षद ने खुद को बताया कैंसर पीड़ित, कांग्रेस पार्षद ने उठाया गांव की पार्टीबंदी का मामला
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बरेली। प्राधिकरण की कार्रवाई से बिफरे दोनों पार्षदों ने सफाई दी। मौलाना तौकीर से कोई वास्ता नहीं होने की दुहाई भी दी। कई अन्य तर्क देते हुए कार्रवाई को गलत बताया।
फरीदापुर चौधरी वार्ड के कांग्रेस पार्षद मैहसर खां ने कहा कि वह वीरसावरकर नगर चौराहे पर 100 वर्गगज जमीन पांच हजार रुपये प्रतिमाह किराये पर लिए हैं। उस पर टिन शेड डालकर गैराज संचालित करते हैं, जो उनके पिता नासिर के नाम से है। यह गैराज 15 साल से चल रहा है। जमीन के मालिक झूमक सिंह हैं। वही किराया लेते हैं। उन्हें भी कोई नोटिस नहीं मिला। पार्षद ने कहा कि उन्हें लगता है कि गांव की पार्टीबंदी की वजह से उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। ऐसा लगता है कि राजनीति करके उन्होंने अपनी जिंदगी खराब कर ली है। उनका और उनके परिवार मौलाना तौकीर से कोई लेना-देना नहीं है।
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सपा पार्षद अब्दुल कय्यूम उर्फ मुन्ना ने बताया कि उनके पास कोई नोटिस नहीं आया, न ही कोई सूचना दी गई। बस यह कह दिया कि सील करना है तो वह बाहर आ गए। मौलाना तौकीर से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। 26 सितंबर को हमारे नवासे का हाथ टूट गया था। मैं वहीं गया था। वहां से लौटकर शोरूम पर बैठा रहा। कैमरे लगे हैं, उसकी फुटेज देख लें और मोबाइल की लोकेशन निकलवा लें। मौलाना की पार्टी अलग है, हमारी अलग है। हमारी विचारधारा भी अलग है। मैं कैंसर पीड़ित हूं। जिन्होंने गलत किया है, उन पर कार्रवाई करें।
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पार्षद और पूर्व पार्षद के विवाद में पहुंचा था मौलाना, नहीं बनी थी बात

फरीदापुर चौधरी में कांग्रेस के पार्षद मैहसर खां और पूर्व पार्षद अकील उर्फ गुड्डू के बीच अगस्त में विवाद हो गया था। 21 अगस्त को मैहसर खां को जेल जाना पड़ा। करीब 15 दिन बाद मैहसर खां जमानत पर बाहर आए दो पूर्व पार्षद के करीबियों ने समझौते की पहल की। मैहसर बताते हैं कि इसी दौरान मौलाना तौकीर रजा ने उन्हें उसी बरातघर में समझौते के लिए बुलाया था, जिसे सोमवार को सील किया गया है। तब मौलाना ने समझौते की बात की थी, लेकिन मैहसर ने मना कर दिया था। ऐसा माना जा है कि बरातघर के संचालक को मौलाना से करीबी भारी पड़ गई, लेकिन बीडीए ने इसे रूटीन कार्रवाई ही बताया है। ब्यूरो
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