{"_id":"63fd1a1d61f85b30d3006467","slug":"could-not-read-the-mlas-name-in-tahrir-due-to-lack-of-education-bareilly-news-c-4-bly1015-78216-2023-02-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Bareilly News: ''पढ़ा-लिखा न होने से तहरीर में नहीं पढ़ सका विधायक का नाम''","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Bareilly News: ''पढ़ा-लिखा न होने से तहरीर में नहीं पढ़ सका विधायक का नाम''
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। बहेड़ी से सपा विधायक अताउर्रहमान के खिलाफ रविवार रात दर्ज हुए मारपीट के मुकदमे में नया मोड़ आ गया है। सोेमवार को पीड़ित पक्ष एसएसपी दफ्तर पहुंचा। शपथपत्र सौंपकर विधायक को बेकसूर बताया। अनीस अहमद ने कहा कि वह पढ़े-लिखे नहीं हैं। इसलिए उन्हें दी गई तहरीर वह नहीं पढ़ सके। जिससे विधायक के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। वहीं, एसएसपी ने मामले में जांच की बात कही है।
रविवार रात बहेड़ी थाने में वहां के विधायक अताउर्रहमान के खिलाफ समझौते के दौरान मारपीट और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को वादी अनीस अहमद और उसके दो भाई एसएसपी ऑफिस आए। बताया कि एक जमीन की हिस्सेदारी पर 25 फरवरी को आपस में विवाद हो गया था। वह लोग रविवार को विधायक के कार्यालय गए थे और विधायक ने समझौता करा दिया था। अनीस ने बताया कि विधायक ने न तो किसी को बंधक बनाया, न मारपीट की और न ही फायरिंग जैसी घटना हुई।
कोट
तहरीर के मुताबिक विधायक व अन्य पर रिपोर्ट लिखी गई थी। अब शपथपत्र देकर रिपोर्ट खारिज कराने की मांग की गई है। इस मामले में जांच के आधार पर विधि सम्मत तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- अखिलेश चौरसिया, एसएसपी
विज्ञापन
रविवार रात बहेड़ी थाने में वहां के विधायक अताउर्रहमान के खिलाफ समझौते के दौरान मारपीट और धमकाने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। सोमवार को वादी अनीस अहमद और उसके दो भाई एसएसपी ऑफिस आए। बताया कि एक जमीन की हिस्सेदारी पर 25 फरवरी को आपस में विवाद हो गया था। वह लोग रविवार को विधायक के कार्यालय गए थे और विधायक ने समझौता करा दिया था। अनीस ने बताया कि विधायक ने न तो किसी को बंधक बनाया, न मारपीट की और न ही फायरिंग जैसी घटना हुई।
विज्ञापन
कोट
तहरीर के मुताबिक विधायक व अन्य पर रिपोर्ट लिखी गई थी। अब शपथपत्र देकर रिपोर्ट खारिज कराने की मांग की गई है। इस मामले में जांच के आधार पर विधि सम्मत तरीके से कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- अखिलेश चौरसिया, एसएसपी