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निगम ने बभिया को किया आउट, नए ट्रंचिंग ग्राउंड की खोज शुरू
बरेली।
Updated Mon, 19 Jun 2017 01:18 AM IST
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Corporation turns out to Bhabi, starts discovering new trunking ground
- फोटो : Corporation turns out to Bhabi, starts discovering new trunking ground
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बभिया में ट्रंचिंग ग्राउंड का मामला भले ही एनजीटी में विचाराधीन हो लेकिन निगम प्रशासन यह समझ गया है इस जमीन पर दाल नहीं गलने वाली। बभिया को लेकर डीएम की रिपोर्ट ने भी यह साबित कर दिया है कि यहां वेटलैंड हैं। इसके बाद यहां तक पहुंचने का कोई रास्ता भी नहीं है। ऐसे में निगम प्रशासन फिर से नई जमीन की खोज में जुट गया है।
बरेली में एयरफोर्स की वजह से ट्रंचिंग ग्राउंड ढूंढने में निगम को काफी एहतियात बरतनी है। सेना की ओर से पहले ही हिदायत दी जा चुकी है कि नैनीताल मार्ग, पीलीभीत रोड और मीरगंज- रामपुर रोड की ओर कोई भी ट्रंचिंग ग्राउंड न बनाया जाए। एयरफोर्स के टेक ऑफ और लैंड करने के अलावा टनल एरिया से दस किलोमीटर की दूरी पर ऐसा कोई भी ग्राउंड न हो, क्याेंकि ट्रंचिंग ग्राउंड के आसपास पक्षियाें का सबसे अधिक बसेरा होता है। इससे विमानों को भी खतरा है। निगम के लिए अब सिर्फ तीन ऐसे क्षेत्र हैं जहां ट्रंचिंग ग्राउंड की गुंजाइश है। इसमें बदायूं रोड, भुता रोड और शाहजहांपुर रोड शामिल हैं। बदायूं रोड पर रामगंगा नदी से भी अच्छी खासी दूरी होनी जरूरी है। निगम की टीम ने इन्हीं क्षेत्रों में जमीन की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि जमीन ढूंढने के बाद भी एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र निगम को लेना होगा।
- बाकरगंज को अभी और करना होगा इंतजार
समाज सेवा मंच की ओर से एनजीटी में दायर की गई याचिका के बाद ट्रंचिंग ग्राउंड ढूंढने के मामले में तेजी से काम हुआ है। बाकरगंज अपनी मियाद पूरी कर चुका है और यहां रहने वाले लोगाें का जीवन नर्क बना हुआ है। पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव की बभिया को ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की तेजी भी डीएम की रिपोर्ट के आगे धराशायी हो गई नहीं तो बभिया कब का फाइनल हो चुका होता। यह बात अलग है कि इसके कुछ दुष्परिणाम बाद में दिखते। बभिया पर अभी कोई फैसला नहीं आया है, लेकिन डीएम की रिपोर्ट के बाद इसको ढूंढने का काम शुरू कर दिया है।
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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन की तलाश टीम कर रही है। बदायूं रोड, शाहजहांपुर रोड और भुता रोड पर ही ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन मिल सकती है। अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है।
डॉ. आईएस तोमर, मेयर
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बरेली में एयरफोर्स की वजह से ट्रंचिंग ग्राउंड ढूंढने में निगम को काफी एहतियात बरतनी है। सेना की ओर से पहले ही हिदायत दी जा चुकी है कि नैनीताल मार्ग, पीलीभीत रोड और मीरगंज- रामपुर रोड की ओर कोई भी ट्रंचिंग ग्राउंड न बनाया जाए। एयरफोर्स के टेक ऑफ और लैंड करने के अलावा टनल एरिया से दस किलोमीटर की दूरी पर ऐसा कोई भी ग्राउंड न हो, क्याेंकि ट्रंचिंग ग्राउंड के आसपास पक्षियाें का सबसे अधिक बसेरा होता है। इससे विमानों को भी खतरा है। निगम के लिए अब सिर्फ तीन ऐसे क्षेत्र हैं जहां ट्रंचिंग ग्राउंड की गुंजाइश है। इसमें बदायूं रोड, भुता रोड और शाहजहांपुर रोड शामिल हैं। बदायूं रोड पर रामगंगा नदी से भी अच्छी खासी दूरी होनी जरूरी है। निगम की टीम ने इन्हीं क्षेत्रों में जमीन की तलाश शुरू कर दी है। हालांकि बताया जा रहा है कि जमीन ढूंढने के बाद भी एयरफोर्स से अनापत्ति प्रमाण पत्र निगम को लेना होगा।
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- बाकरगंज को अभी और करना होगा इंतजार
समाज सेवा मंच की ओर से एनजीटी में दायर की गई याचिका के बाद ट्रंचिंग ग्राउंड ढूंढने के मामले में तेजी से काम हुआ है। बाकरगंज अपनी मियाद पूरी कर चुका है और यहां रहने वाले लोगाें का जीवन नर्क बना हुआ है। पूर्व नगर आयुक्त शीलधर यादव की बभिया को ट्रंचिंग ग्राउंड बनाने की तेजी भी डीएम की रिपोर्ट के आगे धराशायी हो गई नहीं तो बभिया कब का फाइनल हो चुका होता। यह बात अलग है कि इसके कुछ दुष्परिणाम बाद में दिखते। बभिया पर अभी कोई फैसला नहीं आया है, लेकिन डीएम की रिपोर्ट के बाद इसको ढूंढने का काम शुरू कर दिया है।
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ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन की तलाश टीम कर रही है। बदायूं रोड, शाहजहांपुर रोड और भुता रोड पर ही ट्रंचिंग ग्राउंड के लिए जमीन मिल सकती है। अनापत्ति प्रमाण पत्र लेना आवश्यक है।
डॉ. आईएस तोमर, मेयर