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लैब में लक्ष्य की आधी जांच भी नहीं करा पा रहे अफसर
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बरेली। जिला अस्पताल में कोविड-19 जांच के लिए शासन ने लाखों रुपये कीमत से बीएसएल-2 लैब की स्थापना कराई है, लेकिन इसमें जांच का लक्ष्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। इसकी जानकारी होने पर अपर मुख्य सचिव/नोडल अफसर नवनीत सहगल ने नाराजगी जताई है। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को सैंपल की जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा यह सुनिश्चित करने को भी कहा है कि अस्पताल में पहुंचने वाले प्रत्येक मरीज की तत्काल कोरोना जांच की जाए।
जिला अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए शासन ने पुरानी ओटी में करीब 50 लाख की लागत से बीएसएल-2 लैब की स्थापना कराई है। इसका 11 जुलाई को मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लोकार्पण किया था। उस दौरान नोडल अफसर नवनीत सहगल जिला अस्पताल में मौजूद रहे थे। इस लैब में रोजाना सौ सैंपल की जांच का लक्ष्य रखा गया लेकिन स्थापना के बाद करीब एक महीने तो माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट न होने से लैब में जांच ही नहीं हो सकी। बाद में जांच शुरू भी हुई तो रोजाना 50 सैंपल की ही जांच पा रही है। समीक्षा के दौरान नोडल अफसर ने इस पर खासी नाराजगी जताते हुए लक्ष्य के अनुरूप जांच करने के निर्देश दिए हैं।
शासन की ओर से मिल रहे सुझावों और निर्देशों का पालन करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लैब में जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। - डॉ. आरएन गिरि, एसीएमओ
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जिला अस्पताल में कोरोना की जांच के लिए शासन ने पुरानी ओटी में करीब 50 लाख की लागत से बीएसएल-2 लैब की स्थापना कराई है। इसका 11 जुलाई को मुख्यमंत्री ने लखनऊ से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये लोकार्पण किया था। उस दौरान नोडल अफसर नवनीत सहगल जिला अस्पताल में मौजूद रहे थे। इस लैब में रोजाना सौ सैंपल की जांच का लक्ष्य रखा गया लेकिन स्थापना के बाद करीब एक महीने तो माइक्रोबॉयोलॉजिस्ट न होने से लैब में जांच ही नहीं हो सकी। बाद में जांच शुरू भी हुई तो रोजाना 50 सैंपल की ही जांच पा रही है। समीक्षा के दौरान नोडल अफसर ने इस पर खासी नाराजगी जताते हुए लक्ष्य के अनुरूप जांच करने के निर्देश दिए हैं।
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शासन की ओर से मिल रहे सुझावों और निर्देशों का पालन करने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। लैब में जांच की संख्या बढ़ाने के निर्देश दे दिए गए हैं। - डॉ. आरएन गिरि, एसीएमओ
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