{"_id":"5f95dc138ebc3eefa7773685","slug":"corona-s-awe-ravan-burnt-the-effervescence-without-missing-the-crowd-from-the-dussehra-fairs-bareilly-news-bly42462920","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कोरोना का खौफः दशहरा मेलों से भीड़ गायब बिना तामझाम जला रावण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कोरोना का खौफः दशहरा मेलों से भीड़ गायब बिना तामझाम जला रावण
विज्ञापन
सुभाष नगर के रामलीला मैदान में जलता रावण का पुतला।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। पिछले साल दशहरा मेला में भीड़ की वजह से सभी रास्ते जाम रहते थे। इस बार ऐसा कुछ नहीं हुआ। शहर में केवल दो जगह ही रावण के दस फुट का पुतले जलाए गए। वह भी बिना किसी तामझाम के। न भीड़भाड़ थी और न आतिशबाजी का धूमधड़ाका। पहले जब पुतला दहन होता था तो आसपास का इलाका रोशनी से जगमग रहता था। देर तक पटाखों की आवाज गूंजती थी।
शहर में मॉडल टाउन, जोगी नवादा, श्रीकृष्ण लीला ग्राउंड पीलीभीत रोड, चौधरी मुहल्ला, सुभाषनगर, सदर बाजार, आरए बाजार में रामलीला का आयोजन होता है। इन सभी सभी जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के समय दशहरा मेले में अपार भीड़ जुटती थी। यहां तक की रास्ते बंद कर दिए जाते थे। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से सुभाषनगर और चौधरी मुहल्ले में ही रामलीला का रस्म अदायगी भर के लिए मंचन किया गया। सात दिन तक चले मंचन में केवल नाममात्र के ही दर्शक जुटे। दशहरा के दिन पांच फुट के पुतले का दहन किया गया। कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के चलते चौधरी मुहल्ले में होने वाली रानी श्री लक्ष्मीबाई रामलीला का स्थान बदल दिया गया। बीते कई वर्षों से हार्टमैन कॉलेज के पास दशहरा मेला और रामलीला होती थी, उसमें भारी भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार गाइड लाइन के चलते रामलीला की जगह बदल दी गई।
विज्ञापन
शहर में मॉडल टाउन, जोगी नवादा, श्रीकृष्ण लीला ग्राउंड पीलीभीत रोड, चौधरी मुहल्ला, सुभाषनगर, सदर बाजार, आरए बाजार में रामलीला का आयोजन होता है। इन सभी सभी जगह रावण, कुंभकर्ण और मेघनाद के पुतलों के दहन के समय दशहरा मेले में अपार भीड़ जुटती थी। यहां तक की रास्ते बंद कर दिए जाते थे। इस बार कोरोना संक्रमण की वजह से सुभाषनगर और चौधरी मुहल्ले में ही रामलीला का रस्म अदायगी भर के लिए मंचन किया गया। सात दिन तक चले मंचन में केवल नाममात्र के ही दर्शक जुटे। दशहरा के दिन पांच फुट के पुतले का दहन किया गया। कोरोना संक्रमण की गाइड लाइन के चलते चौधरी मुहल्ले में होने वाली रानी श्री लक्ष्मीबाई रामलीला का स्थान बदल दिया गया। बीते कई वर्षों से हार्टमैन कॉलेज के पास दशहरा मेला और रामलीला होती थी, उसमें भारी भीड़ जुटती थी, लेकिन इस बार गाइड लाइन के चलते रामलीला की जगह बदल दी गई।
विज्ञापन
अलखनाथ मंदिर में शंखनाद करते साधु-संत।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली