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प्रशासन को सहयोग करें: मौलॊनॊ असलम मियॊं
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मोहम्मद असलम मियां
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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बरेली। कोरोना वायरस को लोग हलके में न लें यह एक मूजी और लाइलाज बीमारी है। इसके लिए केंद्रीय हुकूमत से जो गाइड लाइन मिल रही है उस पर अमल करें। इस लॉक डाउन में खास तौर पर प्रशासन और पुलिस की जो जिम्मेदारी देखने में आ रही है उसमें लोग सहयोग करें और अपने घरों में रहें।
यह बयान खानकाह वामिकिया निशातिया के नायब सज्जादा मौलाना सय्यद मोहम्मद असलम मियां वामिकी ने जारी किया है। उन्होंने कहा है कि शासन प्रशासन के साथ ही हम लोगों की भी जिम्मेदारी होती है कि इस वायरस से लड़ने के लिए मस्जिद, मदरसों, खानकाहों और दीगर धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार क्षेत्रवार अवाम से घरों में रहने के लिए अपील करें। साथ ही चौराहों, गली बाजारों में लोगों को निकलने से रोकें। क्योंकि कुरान का फरमान है कि अपनी और दूसरे लोगों की जानों की हिफाजत करें। सफाई आधा इमान है इसका ख्याल रखें। खानकाहों के जिम्मेदारान और मस्जिदों के इमाम से अपील है कि वह इस संबंध में संदेश देते रहें। जब तक हालात काबू में नहीं आ जाते जुलूस जलसे की जिम्मेदारी न लें। साथ ही यह हम सब की यह कोशिश होनी चाहिए एक कमेटी बना कर जो गरीब गुरबा उनके खान पान के इंतजाम किए जाए।
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यह बयान खानकाह वामिकिया निशातिया के नायब सज्जादा मौलाना सय्यद मोहम्मद असलम मियां वामिकी ने जारी किया है। उन्होंने कहा है कि शासन प्रशासन के साथ ही हम लोगों की भी जिम्मेदारी होती है कि इस वायरस से लड़ने के लिए मस्जिद, मदरसों, खानकाहों और दीगर धार्मिक स्थलों के जिम्मेदार क्षेत्रवार अवाम से घरों में रहने के लिए अपील करें। साथ ही चौराहों, गली बाजारों में लोगों को निकलने से रोकें। क्योंकि कुरान का फरमान है कि अपनी और दूसरे लोगों की जानों की हिफाजत करें। सफाई आधा इमान है इसका ख्याल रखें। खानकाहों के जिम्मेदारान और मस्जिदों के इमाम से अपील है कि वह इस संबंध में संदेश देते रहें। जब तक हालात काबू में नहीं आ जाते जुलूस जलसे की जिम्मेदारी न लें। साथ ही यह हम सब की यह कोशिश होनी चाहिए एक कमेटी बना कर जो गरीब गुरबा उनके खान पान के इंतजाम किए जाए।
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