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Bareilly News: बिल संशोधन, कनेक्शन ट्रांसफर कराने के लिए उपभोक्ता काट रहे चक्कर
Wed, 17 Apr 2024 05:53 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 17 Apr 2024 05:53 AM IST
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बरेली। बिजली बिलों में संशोधन, कनेक्शन ट्रांसफर कराने को लेकर उपभोक्ता लंबे समय से चक्कर काट रहे हैं। ''''साहब नहीं हैं'''' कहकर कर्मचारी उनको लौटा रहे हैं। कुछ मामलों में तो उपभोक्ताओं के नाम पर आरसी कट गई है, जबकि बिजली का मीटर उनके नाम पर ट्रांसफर ही नहीं हुआ है।
कई मामलों में रीडिंग लिए बिना ही उपभोक्ताओं के नाम पर हजारों रुपये का बिल पहुंच रहा है। बिजली बिल में नाम संशोधित कराने के लिए उपभोक्ताओं को छह माह तक भागदौड़ करनी पड़ रही है। कनेक्शन ट्रांसफर कराने में दो वर्ष तक लग जाते हैं। मीरा की पैठ क्षेत्र में कमरुद्दीन के भाई के नाम पर कनेक्शन था। बिल भी कम आता था। अचानक उनके घर में लगा बिजली का मीटर जंप कर गया। इसके बाद 2.5 लाख रुपये बिल आ गया।
एसडीई (सब डिविजनल इंजीनियर) से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अधिशासी अभियंता के पास भेज दिया। डेढ़ साल से वह अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्हें कनेक्शन भी अपने नाम पर ट्रांसफर कराना है। किला निवासी हर्षित बिल में संशोधन के लिए तीन माह से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बिल बकाया में विद्युत निगम की टीम कनेक्शन काटने पहुंच गई। मामले की जानकारी दी तो टीम लौट गई। हर्षित ने बताया कि बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी अधिकारी व कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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वर्जन
कुछ संशोधन संबंधी कार्य लखनऊ से होते हैं, जिन्हें यहां से स्थानांतरित किया जाता है। अमूमन इसमें तीन माह का समय नहीं लगता पर दस्तावेज में कमी की वजह से कई बार देरी हो जाती है। - सत्येंद्र चौहान, अधिशासी अभियंता, उपखंड दो
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कई मामलों में रीडिंग लिए बिना ही उपभोक्ताओं के नाम पर हजारों रुपये का बिल पहुंच रहा है। बिजली बिल में नाम संशोधित कराने के लिए उपभोक्ताओं को छह माह तक भागदौड़ करनी पड़ रही है। कनेक्शन ट्रांसफर कराने में दो वर्ष तक लग जाते हैं। मीरा की पैठ क्षेत्र में कमरुद्दीन के भाई के नाम पर कनेक्शन था। बिल भी कम आता था। अचानक उनके घर में लगा बिजली का मीटर जंप कर गया। इसके बाद 2.5 लाख रुपये बिल आ गया।
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एसडीई (सब डिविजनल इंजीनियर) से इसकी शिकायत की तो उन्होंने अधिशासी अभियंता के पास भेज दिया। डेढ़ साल से वह अधिकारियों के दफ्तर के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका है। उन्हें कनेक्शन भी अपने नाम पर ट्रांसफर कराना है। किला निवासी हर्षित बिल में संशोधन के लिए तीन माह से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। बिल बकाया में विद्युत निगम की टीम कनेक्शन काटने पहुंच गई। मामले की जानकारी दी तो टीम लौट गई। हर्षित ने बताया कि बार-बार चक्कर लगाने के बाद भी अधिकारी व कर्मचारी ध्यान नहीं दे रहे हैं।
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कुछ संशोधन संबंधी कार्य लखनऊ से होते हैं, जिन्हें यहां से स्थानांतरित किया जाता है। अमूमन इसमें तीन माह का समय नहीं लगता पर दस्तावेज में कमी की वजह से कई बार देरी हो जाती है। - सत्येंद्र चौहान, अधिशासी अभियंता, उपखंड दो