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Bareilly News: सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा, हॉकी खिलाड़ियों को फिर भी नहीं मिला मैदान
Sun, 13 Apr 2025 02:02 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Sun, 13 Apr 2025 02:02 AM IST
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बरेली। स्पोर्ट्स स्टेडियम में सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण पूरा होने के बाद भी हॉकी के खिलाड़ियों को अब तक मैदान अभ्यास के लिए नहीं मिल पाया है। खिलाड़ी फुटबॉल मैदान के एक हिस्से में ही प्रशिक्षण ले रहे हैं।
यह हिस्सा न केवल असमतल है, बल्कि यहां किसी प्रकार की कृत्रिम टर्फ या अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा है। जगह की कमी के चलते खिलाड़ी सही से अभ्यास करने में भी असमर्थ हैं। असमतल मैदान पर खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। गेंद की गति और मूवमेंट का अनुमान लगाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
निर्माण से पूर्व हॉकी मैदान पर ही करते थे अभ्यास
ट्रैक के निर्माण से पहले खिलाड़ी हॉकी मैदान पर ही अभ्यास करते थे। मैदान समतल होने के साथ ही यहां गोल पोस्ट की सुविधा भी थी। निर्माण शुरू होने के बाद ट्रैक के चारों ओर जाली लगा दी गई। इससे 400 मीटर लंबे और आठ लेन के ट्रैक के बीच की खाली जगह में बने हॉकी मैदान में प्रवेश नहीं किया जा सकता है।
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लोकार्पण के बाद भी इंतजार जारी
एक अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सिंथेटिक ट्रैक का लोकार्पण किया जा चुका है। खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हॉकी के मैदान को सही कराके, दोबारा खोल दिया जाएगा। अब तक इस संबंध में प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।
वर्जन :
समिति ट्रैक की गुणवत्ता जांचेगी। इसके बाद इसे स्टेडियम के हैंडओवर किया जाएगा। हॉकी मैदान को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही खिलाड़ी यहां अभ्यास कर सकेंगे। - जितेंद्र यादव, आरएसओ
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यह हिस्सा न केवल असमतल है, बल्कि यहां किसी प्रकार की कृत्रिम टर्फ या अन्य बुनियादी सुविधाएं भी मौजूद नहीं हैं। इससे खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा है। जगह की कमी के चलते खिलाड़ी सही से अभ्यास करने में भी असमर्थ हैं। असमतल मैदान पर खिलाड़ियों के चोटिल होने का खतरा भी बना रहता है। गेंद की गति और मूवमेंट का अनुमान लगाने में भी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
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निर्माण से पूर्व हॉकी मैदान पर ही करते थे अभ्यास
ट्रैक के निर्माण से पहले खिलाड़ी हॉकी मैदान पर ही अभ्यास करते थे। मैदान समतल होने के साथ ही यहां गोल पोस्ट की सुविधा भी थी। निर्माण शुरू होने के बाद ट्रैक के चारों ओर जाली लगा दी गई। इससे 400 मीटर लंबे और आठ लेन के ट्रैक के बीच की खाली जगह में बने हॉकी मैदान में प्रवेश नहीं किया जा सकता है।
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लोकार्पण के बाद भी इंतजार जारी
एक अप्रैल को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से सिंथेटिक ट्रैक का लोकार्पण किया जा चुका है। खिलाड़ियों को उम्मीद थी कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हॉकी के मैदान को सही कराके, दोबारा खोल दिया जाएगा। अब तक इस संबंध में प्रयास शुरू नहीं हुए हैं।
वर्जन :
समिति ट्रैक की गुणवत्ता जांचेगी। इसके बाद इसे स्टेडियम के हैंडओवर किया जाएगा। हॉकी मैदान को दुरुस्त किया जा रहा है। जल्द ही खिलाड़ी यहां अभ्यास कर सकेंगे। - जितेंद्र यादव, आरएसओ