Bareilly: रोडवेज बस में खरगोश का टिकट काटने वाले परिचालक पर गिरी गाज, एआरएम ने ड्यूटी से हटाया
रोडवेज बस में खरगोश का टिकट काटना परिचालक को भारी पड़ गया। बरेली डिपो के एआरएम ने जांच के बाद परिचालक को ड्यूटी से हटा दिया है। यह कार्रवाई बदायूं के पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा की शिकायत पर की गई।
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रोडवेज बस में खरगोश के 75-75 रुपये के दो टिकट काटने वाले संविदा परिचालक जय प्रकाश को ड्यूटी से हटा दिया गया है। यह कार्रवाई बदायूं निवासी पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा की शिकायत पर की गई है। बस में भरे अन्य लगेज का टिकट न बनाने के मामले में भी परिचालक के खिलाफ जांच कराई जा रही है।
बदायूं के सिविल लाइंस रोडवेज बस अड्डा के पास रहने वाले पारस अग्रवाल ने रविवार को बरेली में कुतुबखाना से खरगोश खरीदा था। बरेली डिपो की बस यूपी 78 जेटी 9265 से वह उसे लेकर बदायूं जा रहे थे। खरगोश पिंजरे में था। बस में अन्य लगेज भी रखा था। परिचालक जय प्रकाश ने खरगोश के दो और पारस अग्रवाल का एक टिकट काट दिया। इसको लेकर पारस ने विरोध भी किया।
उन्होंने बस में रखे अन्य लगेज के टिकट को लेकर परिचालक से बात की, लेकिन परिचालक ने लगेज टिकट के बारे के बताने से इन्कार कर दिया। उन्होंने बस में रखे लगेज का वीडियो बना लिया। बदायूं पहुंचने के बाद खरगोश के दो टिकट काटने को लेकर शिकायत पशु प्रेमी विकेंद्र शर्मा से की। मामले की शिकायत रोडवेज मुख्यालय से की गई।
सोमवार को एआरएम संजीव श्रीवास्तव ने संविदा परिचालक जय प्रकाश को ड्यूटी से रोक दिया। उनके स्थान पर दूसरे परिचालक को लगाया गया है। एआरएम ने बताया कि मामले में जांच कराई जा रही है।
नियमानुसार चार पैर के पशु के बनते हैं दो टिकट
सहायक यातायात निरीक्षक रविंद्र कुमार ने बताया कि चार पैर के जानवर के दो टिकट काटने का नियम है। संबंधित जानवर हिंसक प्रवृत्ति की श्रेणी का नहीं होना चाहिए। उसी जानवर को बस से ले जाया जा सकता है जिससे यात्रियों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो। इसके अलावा पक्षी का एक टिकट बनाने का नियम है। पक्षी अगर पिंजरे में है तो लगेज बुक किया जाएगा और अगर वह खुले में है तो टिकट बनेगा। इस मामले में खरगोश पिंजरे में ही था, लिहाजा टिकट की जगह लगेज बननना चाहिए था।