{"_id":"5ab162384f1c1bae758b691f","slug":"commission-in-books-lead-parents-to-spend-more","type":"story","status":"publish","title_hn":"किताब वालों से स्कूलों की सांठगांठ,खामियाजा उठा रहे अभिभावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किताब वालों से स्कूलों की सांठगांठ,खामियाजा उठा रहे अभिभावक
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
Updated Wed, 21 Mar 2018 01:04 AM IST
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इस साल फिर स्कूल और बुक सेलर के बीच की साठगांठ में पेरेंट्स पिसना शुरू हो गए हैं। किसी निर्धारित बुक स्टाल से कोर्स खरीदने का अभिभावक पर दबाव बनाना नियम के खिलाफ है पर शहर के कई पब्लिक स्कूल खुलेआम ऐसा कर रहे हैं, जिसका परिणाम बुकसेलर के मनमानी करने के रूप में सामने आ रहा है। बुक सेलर्स ने किताब, कॉपी और स्टेशनरी का पूरा सेट बनाकर बेचना शुरू कर दिया है। जो पेरेंट्स सिर्फ किताबें खरीदने पहुंच रहे हैं उन्हें वे पूरा सेट लेने का दबाव बनाकर किताबें नहीं दे रहे। दूसरी ओर, कई स्कूल दावा कर रहे हैं कि पेरेंट्स किसी भी दुकान से सिलेबस खरीदने के लिए स्वतंत्र हैं। पर हकीकत यह है कि स्कूल ने जो पब्लिशर चुना है, उसने शहर में सिर्फ निर्धारित बुक स्टोर को ही किताबें सप्लाई की हैं। ऐसे में ये स्कूल दूसरे रास्ते से माल कमा रहे हैं।
हार्टमन के बुक सेलर पूरा सेट बेचने पर अड़े, कई पेरेंट्स से हुई कहासुनी
बरेली। ताजा मामला, शहर के सबसे पुराने स्कूल हार्टमन का है। इस बार स्कूल ने दो काउंटर पर किताबें उपलब्ध कराई हैं पर पेरेंट्स को कोई राहत नहीं मिल रही। ये दोनों बुक सेलर पीलीभीत बाईपास स्थित बुक विला और शाहमतगंज रोड स्थित पुस्तक भंडार ने अभिभावकों पर पूरे सेट खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। नाम न प्रकाशित करने की गुजारिश पर साहूकारा के अभिभावक ने बताया कि बुक सेलर के पास गए तो बहुत देर तो वह पूरा सेट खरीदने का दबाव बनाते रहे, फिर 25 के बाद आने को कहा। उनका कहना है कि आखिरी सप्ताह में कोर्स खरीद में बहुत मारामारी होगी, तब बुक सेलर की मनमानी और बढ़ जाएंगी। मारवाड़ीगंज के अभिभावक का कहना है कि जो कॉपी उन्हें दूसरी दुकान पर 25 रुपये की पड़ रही है वह बुक सेलर पूरे सेट में 50 रुपये कीमत पर दे रहा है। वह बोले कि बहुत देर वह बहस करते रहे फिर बिना कोर्स खरीदे चले आए। यह मुद्दा सोमवार को अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंकुर किशोर सक्सेना ने हार्टमन प्रिंसिपल के सामने रखा। प्रिंसिपल ने उन्हें बुक सेलर के साथ मीटिंग करके समस्या सुलझाने का आश्वासन भी दिया पर मंगलवार को भी बुकसेलर की मनमानी जारी रही। अमर उजाला से प्रिंसिपल फादर पीटर विजय मिंज ने कहा कि बुकसेलर से इस मामले में बात करके स्पष्ट निर्देश दिया है कि पेरेंट्स किसी हालत में परेशान न हो। साथ ही उन्होंने बताया कि पेरेंट्स को दस प्रतिशत का डिस्काउंट देने को भी कहा है।
स्कूलों ने नवंबर से शुरू कर दी थी प्रवेश प्रक्रिया, आज तक फीस नहीं बताई
बरेली। शहर के सभी बड़े स्कूलों में नवंबर अंतिम सप्ताह से ही रजिस्ट्रेशन फार्म बंटना शुरू हो गए थे। स्कूलों ने 15 जनवरी तक अपने यहां पेरेंट्स का इंटरव्यू भी करा लिया। फरवरी में उन स्टूडेंट की लिस्ट भी जारी कर दी जिनका दाखिला होना है। इसके बावजूद स्कूलों ने नए सेशन के लिए बढ़ी हुई फीस और सिलेबस की घोषणा नहीं की। जबकि निजी स्कूलों की अगुवाई करने का दावा करने वाले इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने 15 जनवरी तक सभी स्कूलों की फीस और सिलेबस की घोषणा वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर किए जाने की घोषणा की थी। अमूमन सभी छोटे-बड़े स्कूलों ने अभी तक फीस की घोषणा नहीं की है। पेरेंट्स कह रहे हैं कि अगर उन्हें फीस कार्ड मिल जाए तो वे अपना बजट बनाए। अप्रैल होने के कारण अभिभावक वैसे ही परेशानी में हैं।
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स्कूलों ने तय किया एक पब्लिशर, कैसे खत्म होगी मोनोपाली
जीपीएम, बीबीएल, बिशप कोनराड, सेंट मारिया, सेक्रेड हार्ट्स आदि स्कूलों का कहना है कि अभिभावक जहां से भी चाहें उस बुक सेलर से किताबें खरीद सकते हैं। पर असल में पेंच यह है कि स्कूलों ने सिर्फ एक पब्लिशर की किताबें ही अपने यहां चलाई हैं। इन पब्लिशर ने शहर के सिर्फ निर्धारित बुक सेलर को ही किताबें दी हैं। अब अगर पेरेंट्स किसी दूसरी दुकान पर कोर्स खरीदने भी जाए तो कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि किताबें सिर्फ निर्धारित दुकानदार के पास ही हैं।
तीस प्रतिशत तक महंगी कर दी किताबें
इस बार किताबें तीस प्रतिशत तक महंगी कर दी गई हैं। मारवाड़ीगंज के राजू ने बताया कि कक्षा दो का सेट छह हजार रुपये का मिल रहा है, पिछले साल यह 3800 रुपये का था। आलमगीरीगंज के जितिन ने बताया कि बड़े बेटे के लिए उन्होंने कक्षा 5 का सेट 4600 रुपये का खरीदा था, इस साल बेटी के लिए लेने गए तो 6300 रुपये का मिला। अभिभावक अगर अपनी शिकायत प्रिंसिपल के पास लेकर भी जाए तो वहां से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिल रहा।
सेंट मारिया की फेल छात्राओं ने लगाया ट्यूशन के दबाव का आरोप
बरेली। सेंट मारिया स्कूल की 11वीं कक्षा की 12 छात्राओं ने लिखित शिकायत करके स्कूल पर जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि टीचर ने उन्हें इसलिए फेल कर दिया क्योंकि उन्होंने ट्यूशन नहीं पढ़ी। यह भी आरोप है कि लगातार उन पर टीचर ट्यूशन पढ़ने का दबाव बनाती रहीं। हालांकि सेंट मारिया की प्रिंसिपल सिस्टर सुनीता का कहना है कि हमारे यहां की कोई टीचर ट्यूशन नहीं पढ़ातीं हैं, हमने पांच उन छात्राओं का रिजल्ट रोका है, जिनके यूनिट टेस्ट, हाफ ईयर्ली एग्जाम में परफार्मेंस बहुत खराब रहा। आईसीएसई के निर्देश के अनुसार ही यह किया गया है।
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हार्टमन के बुक सेलर पूरा सेट बेचने पर अड़े, कई पेरेंट्स से हुई कहासुनी
बरेली। ताजा मामला, शहर के सबसे पुराने स्कूल हार्टमन का है। इस बार स्कूल ने दो काउंटर पर किताबें उपलब्ध कराई हैं पर पेरेंट्स को कोई राहत नहीं मिल रही। ये दोनों बुक सेलर पीलीभीत बाईपास स्थित बुक विला और शाहमतगंज रोड स्थित पुस्तक भंडार ने अभिभावकों पर पूरे सेट खरीदने का दबाव बनाना शुरू कर दिया है। नाम न प्रकाशित करने की गुजारिश पर साहूकारा के अभिभावक ने बताया कि बुक सेलर के पास गए तो बहुत देर तो वह पूरा सेट खरीदने का दबाव बनाते रहे, फिर 25 के बाद आने को कहा। उनका कहना है कि आखिरी सप्ताह में कोर्स खरीद में बहुत मारामारी होगी, तब बुक सेलर की मनमानी और बढ़ जाएंगी। मारवाड़ीगंज के अभिभावक का कहना है कि जो कॉपी उन्हें दूसरी दुकान पर 25 रुपये की पड़ रही है वह बुक सेलर पूरे सेट में 50 रुपये कीमत पर दे रहा है। वह बोले कि बहुत देर वह बहस करते रहे फिर बिना कोर्स खरीदे चले आए। यह मुद्दा सोमवार को अभिभावक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अंकुर किशोर सक्सेना ने हार्टमन प्रिंसिपल के सामने रखा। प्रिंसिपल ने उन्हें बुक सेलर के साथ मीटिंग करके समस्या सुलझाने का आश्वासन भी दिया पर मंगलवार को भी बुकसेलर की मनमानी जारी रही। अमर उजाला से प्रिंसिपल फादर पीटर विजय मिंज ने कहा कि बुकसेलर से इस मामले में बात करके स्पष्ट निर्देश दिया है कि पेरेंट्स किसी हालत में परेशान न हो। साथ ही उन्होंने बताया कि पेरेंट्स को दस प्रतिशत का डिस्काउंट देने को भी कहा है।
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स्कूलों ने नवंबर से शुरू कर दी थी प्रवेश प्रक्रिया, आज तक फीस नहीं बताई
बरेली। शहर के सभी बड़े स्कूलों में नवंबर अंतिम सप्ताह से ही रजिस्ट्रेशन फार्म बंटना शुरू हो गए थे। स्कूलों ने 15 जनवरी तक अपने यहां पेरेंट्स का इंटरव्यू भी करा लिया। फरवरी में उन स्टूडेंट की लिस्ट भी जारी कर दी जिनका दाखिला होना है। इसके बावजूद स्कूलों ने नए सेशन के लिए बढ़ी हुई फीस और सिलेबस की घोषणा नहीं की। जबकि निजी स्कूलों की अगुवाई करने का दावा करने वाले इंडिपेंडेंट स्कूल एसोसिएशन ने 15 जनवरी तक सभी स्कूलों की फीस और सिलेबस की घोषणा वेबसाइट और नोटिस बोर्ड पर किए जाने की घोषणा की थी। अमूमन सभी छोटे-बड़े स्कूलों ने अभी तक फीस की घोषणा नहीं की है। पेरेंट्स कह रहे हैं कि अगर उन्हें फीस कार्ड मिल जाए तो वे अपना बजट बनाए। अप्रैल होने के कारण अभिभावक वैसे ही परेशानी में हैं।
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स्कूलों ने तय किया एक पब्लिशर, कैसे खत्म होगी मोनोपाली
जीपीएम, बीबीएल, बिशप कोनराड, सेंट मारिया, सेक्रेड हार्ट्स आदि स्कूलों का कहना है कि अभिभावक जहां से भी चाहें उस बुक सेलर से किताबें खरीद सकते हैं। पर असल में पेंच यह है कि स्कूलों ने सिर्फ एक पब्लिशर की किताबें ही अपने यहां चलाई हैं। इन पब्लिशर ने शहर के सिर्फ निर्धारित बुक सेलर को ही किताबें दी हैं। अब अगर पेरेंट्स किसी दूसरी दुकान पर कोर्स खरीदने भी जाए तो कोई फायदा नहीं होगा, क्योंकि किताबें सिर्फ निर्धारित दुकानदार के पास ही हैं।
तीस प्रतिशत तक महंगी कर दी किताबें
इस बार किताबें तीस प्रतिशत तक महंगी कर दी गई हैं। मारवाड़ीगंज के राजू ने बताया कि कक्षा दो का सेट छह हजार रुपये का मिल रहा है, पिछले साल यह 3800 रुपये का था। आलमगीरीगंज के जितिन ने बताया कि बड़े बेटे के लिए उन्होंने कक्षा 5 का सेट 4600 रुपये का खरीदा था, इस साल बेटी के लिए लेने गए तो 6300 रुपये का मिला। अभिभावक अगर अपनी शिकायत प्रिंसिपल के पास लेकर भी जाए तो वहां से उन्हें कोई आश्वासन नहीं मिल रहा।
सेंट मारिया की फेल छात्राओं ने लगाया ट्यूशन के दबाव का आरोप
बरेली। सेंट मारिया स्कूल की 11वीं कक्षा की 12 छात्राओं ने लिखित शिकायत करके स्कूल पर जानबूझकर फेल करने का आरोप लगाया है। छात्राओं का आरोप है कि टीचर ने उन्हें इसलिए फेल कर दिया क्योंकि उन्होंने ट्यूशन नहीं पढ़ी। यह भी आरोप है कि लगातार उन पर टीचर ट्यूशन पढ़ने का दबाव बनाती रहीं। हालांकि सेंट मारिया की प्रिंसिपल सिस्टर सुनीता का कहना है कि हमारे यहां की कोई टीचर ट्यूशन नहीं पढ़ातीं हैं, हमने पांच उन छात्राओं का रिजल्ट रोका है, जिनके यूनिट टेस्ट, हाफ ईयर्ली एग्जाम में परफार्मेंस बहुत खराब रहा। आईसीएसई के निर्देश के अनुसार ही यह किया गया है।