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Bareilly News: नीचे से ऊपर तक सांठगांठ... कौन करेगा किसकी जांच

Sun, 03 Sep 2023 02:03 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 03 Sep 2023 02:03 AM IST
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Collusion from bottom to top... who will investigate whom
बरेली। रजिस्ट्री दफ्तरों में कामकाज के तरीके पर सवाल उठते रहे हैं। फरीदपुर दफ्तर इससे अछूता नहीं है। यहां सरकारी से तीन गुना प्राइवेट कर्मचारी हैं। ये रोजाना होने वाली लाखों रुपये की आवाजाही में अपना हिस्सा खोजते हैं। अभी तक बयानों के आधार पर लीपापोती कर राज दफन करने का दौर चल रहा था। रिपोर्ट दर्ज होने से कार्रवाई के आसार बने हैं।
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रजिस्ट्री दफ्तर में नंबर दो की अर्थव्यवस्था के बीच कामकाज की चर्चा है। यहां सिस्टम की संलिप्तता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। दफ्तर में कैश पेटी रखने वाले स्थान पर घटना के वक्त तक सीसीटीवी कैमरा नहीं था। मामले में पर्दा डालने के लिए बाद में लगवाया गया। यहां सरकारी स्टाफ के तौर पर केवल चार लोग ही हैं, जबकि यहां करीब 15 लोग काम करते हैं। ऐसे लोग कैश से लेकर महत्वपूर्ण फाइलों को इधर से उधर ले जाने का काम करते हैं। रिपोर्ट होने की स्थिति में ऐसे लोगों की जवाबदेही तय हो सकती है। इनमें से कुछ लोग संदेह के घेरे में भी हो सकते हैं। जाहिर है कि अंदर के किसी शख्स की मिलीभगत या जानकारी के बिना इस तरह की घटना होना मुश्किल है।
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सवाल... गैरजरूरी थे कागजात तो रिपोर्ट अब क्यों जरूरी
घटनाक्रम के करीब 10 दिन बाद कराई गई रिपोर्ट को लेकर सवाल यह भी उठ रहा है कि अगर कागजात गैरजरूरी थे रिपोर्ट अब क्यों दर्ज कराई गई? आरोपी और कार में बैठे तीन हथियारबंद साथियों ने लूटने की जहमत क्यों उठाई? इस लूट के दौरान भीड़ उन पर हमला या पुलिस फायरिंग भी कर सकती थी। सूत्र बताते हैं कि दफ्तर में कुछ दलाल भी सक्रिय हैं जो काम आसान बनाने का दावा कर क्रेता और विक्रेता की हैसियत के हिसाब से चढ़ावा वसूल लेते हैं। कई बार बैनामा लिखने के दौरान ही दलाल लोगों के पीछे लग जाते हैंं। तहसील से लेकर जिला स्तर तक के वरिष्ठ अधिकारियों के नाम से हिस्सा जाने की बात कहकर भी वसूली की जाती है। कैश एक ही पेटी में रखा रहता है जिसे शाम को हटाकर हिसाब किया जाता है। जांच में स्टांप शुल्क से ज्यादा कैश निकलने की स्थिति में कुछ लोगों पर कार्रवाई की भी आशंका है। कुछ ऐसे कर्मचारी भी बताए जाते हैं जो संविदा पर भी नहीं हैं। इनके मानदेय या दिहाड़ी को लेकर कहां से व्यवस्था की जाती है, यह भेद भी खुलने के आसार हैं।
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संबंधित प्रकरण में एफआईआर शुक्रवार को दर्ज हो गई है। पेटी में कैश था या आवश्यक दस्तावेज, इसकी पुष्टि विवेचना में हो जाएगी। जांच पूरी होने तक संबंधित प्रकरण पर कुछ कहा नहीं जा सकता है।- संतोष बहादुर सिंह, एडीएम एफआर


मौके पर हुई जांच में सीसीटीवी देखा तो उसमें कोई व्यक्ति कुछ सामान ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है मगर उसमें क्या है, यह स्पष्ट नहीं है। घटना के दौरान जो लोग मौजूद थे वही बता सकते हैं कि उसमें कुछ था या नहीं। यानी रद्दी थी या रुपये। एफआईआर की जांच रिपोर्ट के बाद ही कुछ कह सकते हैं। -तेज सिंह यादव, एआईजी स्टांप
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