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तोड़फोड़ करने वालों पर कार्रवाई होने तक नहीं खुलेगा कॉलेज
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बरेली कॉलेज सभागार में बैठक करते शिक्षक और पदाधिकारी।
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बरेली कॉलेज पहुंचे पुलिस-प्रशासन के अफसरों को शिक्षकों व कर्मचारियों की दो टूक
कहा- आरोपी छात्रनेताओं पर 24 घंटे में हो कार्रवाई, तभी बंदी वापस लेने पर फैसला
बरेली। बेमियादी बंदी के चलते बरेली कॉलेज मंगलवार को दूसरे दिन भी नहीं खुला। आसपास जिलों के सैकड़ों विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे, लेकिन मायूस होकर लौट गए। उधर, हड़ताल खत्म कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कॉलेज प्रशासन से वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शिक्षकों, कर्मचारियों ने अधिकारियों को आरोपी छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे का वक्त देते हुए कहा कि इसके बाद ही बंदी वापस लेने पर कोई फैसला होगा।
पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मारपीट हुई थी। छात्रनेताओं ने कॉलेज में तोड़फोड़ भी की थी। प्राचार्य की कुर्सी को कार्यालय से मैदान में लाकर रख दिया था। छात्र नेताओं के रवैये से आक्रोशित होकर प्राचार्य और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से पुलिस को तहरीर देकर छात्रनेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर 22 अक्तूबर को शिक्षकों और कर्मचारियों ने बैठक कर सोमवार से कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का सामूहिक निर्णय ले लिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
मंगलवार को दूसरे दिन भी कॉलेज बंद रहा। कर्मचारी साइकिल स्टैंड के पास बैठकर कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को हड़ताल की सूचना दे रहे थे। उधर, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और शिक्षक संघ के पदाधिकारी प्राचार्य के साथ धरने पर बैठे। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय, एसीएम फर्स्ट, थाना बारादरी के एसओ हड़ताल खत्म कराने के लिए कॉलेज स्टाफ से बात करने पहुंचे। प्राचार्य की मौजूदगी में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की शिक्षकों-कर्मचारियों से काफी देर वार्ता हुई, लेकिन स्टाफ ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई होने से पहले बंदी वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। स्टाफ ने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का वक्त देते हुए कहा कि इसके बाद ही कॉलेज खोलने पर कोई फैसला होगा।
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पुलिस कार्रवाई करे, अगले दिन खुल जाएगा कॉलेज
चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा के दौरान पुलिस फोर्स की उपलब्धता के लिए कहा गया। अधिकारियों ने मांगों पर सहमति जताई और भविष्य में अराजकता पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। शिक्षकों और कर्मचारियों ने 18 अक्तूबर को कॉलेज में हुए उपद्रव के आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की तो अधिकारियों ने 24 घंटे का वक्त मांगा। चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि अधिकारियों से कह दिया गया है कि जब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी तो उसके अगले कॉलेज खोल दिया जाएगा।
कर्मचारियों से हुई छात्राओं की नोकझोंक
रामपुर, पीलीभीत से कई छात्राएं छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने बरेली कॉलेज पहुंची थीं, मगर गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने हड़ताल के चलते कॉलेज बंद होेने की जानकारी देकर वापस जाने को कहा। इस पर गुस्साईं छात्राओं की कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। दोपहर करीब दो बजे तक छात्राएं परिसर में मौजूद रहीं, लेकिन कोई कार्य न होने पर वे लौट गईं। तमाम छात्र भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र जमा करने कॉलेज पहुंचे थे। कर्मचारियों ने उन्हें भी लौटा दिया।
छात्रहित में आज जमा होंगे छात्रवृत्ति फार्म
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आलोक खरे के मुताबिक, पिछले दिनों हुई घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुए बगैर अब शिक्षक और कर्मचारी कॉलेज खोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि इससे छात्रहित प्रभावित न हो इसके लिए 27 अक्तूबर को कॉलेज बंद रहने के बावजूद छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने के लिए बीएड विभाग परिसर में काउंटर लगेंगे। भीड़भाड़ से बचाव के लिए विभाग के सभी कंप्यूटर पर डाटा फीड करने का कार्य होगा। बीएड विभाग कॉलेज के मुख्य परिसर से बाहर बैंक के पास स्थित है। विद्यार्थियों का कॉलेज परिसर में आना प्रतिबंधित रहेगा।
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कहा- आरोपी छात्रनेताओं पर 24 घंटे में हो कार्रवाई, तभी बंदी वापस लेने पर फैसला
बरेली। बेमियादी बंदी के चलते बरेली कॉलेज मंगलवार को दूसरे दिन भी नहीं खुला। आसपास जिलों के सैकड़ों विद्यार्थी कॉलेज पहुंचे, लेकिन मायूस होकर लौट गए। उधर, हड़ताल खत्म कराने के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी कॉलेज प्रशासन से वार्ता के लिए पहुंचे, लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। शिक्षकों, कर्मचारियों ने अधिकारियों को आरोपी छात्र नेताओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए 24 घंटे का वक्त देते हुए कहा कि इसके बाद ही बंदी वापस लेने पर कोई फैसला होगा।
पिछले दिनों अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के पदाधिकारियों और कर्मचारियों के बीच मारपीट हुई थी। छात्रनेताओं ने कॉलेज में तोड़फोड़ भी की थी। प्राचार्य की कुर्सी को कार्यालय से मैदान में लाकर रख दिया था। छात्र नेताओं के रवैये से आक्रोशित होकर प्राचार्य और कर्मचारियों ने संयुक्त रूप से पुलिस को तहरीर देकर छात्रनेताओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस पर 22 अक्तूबर को शिक्षकों और कर्मचारियों ने बैठक कर सोमवार से कॉलेज को अनिश्चितकाल के लिए बंद करने का सामूहिक निर्णय ले लिया। हालांकि, पुलिस प्रशासन की ओर से अभी तक कार्रवाई नहीं की गई है।
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मंगलवार को दूसरे दिन भी कॉलेज बंद रहा। कर्मचारी साइकिल स्टैंड के पास बैठकर कॉलेज आने वाले विद्यार्थियों को हड़ताल की सूचना दे रहे थे। उधर, प्रॉक्टोरियल बोर्ड और शिक्षक संघ के पदाधिकारी प्राचार्य के साथ धरने पर बैठे। इसी बीच सिटी मजिस्ट्रेट राजीव पांडेय, एसीएम फर्स्ट, थाना बारादरी के एसओ हड़ताल खत्म कराने के लिए कॉलेज स्टाफ से बात करने पहुंचे। प्राचार्य की मौजूदगी में पुलिस और प्रशासनिक अफसरों की शिक्षकों-कर्मचारियों से काफी देर वार्ता हुई, लेकिन स्टाफ ने आरोपी छात्रों के खिलाफ कार्रवाई होने से पहले बंदी वापस लेने से साफ इनकार कर दिया। स्टाफ ने अधिकारियों को कार्रवाई के लिए 24 घंटे का वक्त देते हुए कहा कि इसके बाद ही कॉलेज खोलने पर कोई फैसला होगा।
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पुलिस कार्रवाई करे, अगले दिन खुल जाएगा कॉलेज
चीफ प्रॉक्टर डॉ. वंदना शर्मा ने बताया कि अधिकारियों के साथ हुई बैठक में कॉलेज की सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने, आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई, प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा के दौरान पुलिस फोर्स की उपलब्धता के लिए कहा गया। अधिकारियों ने मांगों पर सहमति जताई और भविष्य में अराजकता पर कड़ी कार्रवाई करने की बात कही। शिक्षकों और कर्मचारियों ने 18 अक्तूबर को कॉलेज में हुए उपद्रव के आरोपियों पर कार्रवाई करने की मांग की तो अधिकारियों ने 24 घंटे का वक्त मांगा। चीफ प्रॉक्टर ने कहा कि अधिकारियों से कह दिया गया है कि जब दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो जाएगी तो उसके अगले कॉलेज खोल दिया जाएगा।
कर्मचारियों से हुई छात्राओं की नोकझोंक
रामपुर, पीलीभीत से कई छात्राएं छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने बरेली कॉलेज पहुंची थीं, मगर गेट पर मौजूद कर्मचारियों ने हड़ताल के चलते कॉलेज बंद होेने की जानकारी देकर वापस जाने को कहा। इस पर गुस्साईं छात्राओं की कर्मचारियों से नोकझोंक हो गई। दोपहर करीब दो बजे तक छात्राएं परिसर में मौजूद रहीं, लेकिन कोई कार्य न होने पर वे लौट गईं। तमाम छात्र भी छात्रवृत्ति के लिए आवेदन पत्र जमा करने कॉलेज पहुंचे थे। कर्मचारियों ने उन्हें भी लौटा दिया।
छात्रहित में आज जमा होंगे छात्रवृत्ति फार्म
शिक्षक संघ के अध्यक्ष डॉ. आलोक खरे के मुताबिक, पिछले दिनों हुई घटनाओं के दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हुए बगैर अब शिक्षक और कर्मचारी कॉलेज खोलने को तैयार नहीं हैं। हालांकि इससे छात्रहित प्रभावित न हो इसके लिए 27 अक्तूबर को कॉलेज बंद रहने के बावजूद छात्रवृत्ति के आवेदन जमा करने के लिए बीएड विभाग परिसर में काउंटर लगेंगे। भीड़भाड़ से बचाव के लिए विभाग के सभी कंप्यूटर पर डाटा फीड करने का कार्य होगा। बीएड विभाग कॉलेज के मुख्य परिसर से बाहर बैंक के पास स्थित है। विद्यार्थियों का कॉलेज परिसर में आना प्रतिबंधित रहेगा।