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सामूहिक रूप से जले दीयों ने बढ़ाया सतोगुण, महामारी का होगा नाश
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मोमबत्ती जलाते बच्चे।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, बरेली
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ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक तमोगुण से सतोगुण की ओर देशवासियों को ले जाने का है प्रयोग
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बरेली। कोरोना वायरस को खत्म करने में दीप जलाना किसी औषधि से कम नहीं। ज्योतिषाचार्यों के मुताबिक लाखों दीये जब एक साथ जलते हैं तो सूर्य की किरणों की तरह प्रभाव दिखाते हैं। जो रोगाणु या जीवाणुओं को खत्म करने की क्षमता रखते हैं। रविवार को सूर्य अपनी उच्चराशि में रहा और रवि का दिन होने से सूर्य का प्रभाव भी अधिक रहा। शुभ घड़ियों में जले दीपकों के साथ की गई प्रार्थना महामारी के शांति का कारक बनेगी।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सौरभ शंखधार के मुताबिक, दीपदान या दीपोत्सव में लाखों दीपक जलाने का विधान है। प्रकाश के माध्यम से निश्चित समय और संख्या में दीपक को एक साथ जलाकर विश्व शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की जाती है तो उसके पूरे होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस यज्ञ में दीपक संघर्ष का, तेल, घी या चिकनाई स्निग्घता की और पात्र पात्रता का कारक होता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रार्थना को सामूहिक रूप से करने से शांति प्राप्त होती है। यह शास्त्रों का विधान है, इसलिए यह आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि सूर्य का अपनी उच्च राशि में अग्रसर होने से यह प्रयोजन और भी दिव्य रूप लेता है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में सिंह राशि में सूर्य की उच्चता, उच्च के राहु का महामारी का असर कम कर इसे न्यूनता के स्तर पर लाने में सक्षम होंगे। घी का दीपक सतोगुण को बढ़ाने वाला और तेल का दीपक बीमारियों को नष्ट करने वाला और पाप ग्रह के अशुभ प्रभाव को रोकने में सक्षम होता है।
ज्योतिषाचार्य डॉ. सौरभ शंखधार के मुताबिक, दीपदान या दीपोत्सव में लाखों दीपक जलाने का विधान है। प्रकाश के माध्यम से निश्चित समय और संख्या में दीपक को एक साथ जलाकर विश्व शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की जाती है तो उसके पूरे होने की संभावना कई गुना बढ़ जाती है। इस यज्ञ में दीपक संघर्ष का, तेल, घी या चिकनाई स्निग्घता की और पात्र पात्रता का कारक होता है। उन्होंने बताया कि सामूहिक प्रार्थना को सामूहिक रूप से करने से शांति प्राप्त होती है। यह शास्त्रों का विधान है, इसलिए यह आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि सूर्य का अपनी उच्च राशि में अग्रसर होने से यह प्रयोजन और भी दिव्य रूप लेता है। पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र में सिंह राशि में सूर्य की उच्चता, उच्च के राहु का महामारी का असर कम कर इसे न्यूनता के स्तर पर लाने में सक्षम होंगे। घी का दीपक सतोगुण को बढ़ाने वाला और तेल का दीपक बीमारियों को नष्ट करने वाला और पाप ग्रह के अशुभ प्रभाव को रोकने में सक्षम होता है।
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