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Bareilly News: कक्षा छह के विद्यार्थी सीख रहे ड्रोन और अंतरिक्ष विज्ञान की तकनीक
Mon, 17 Aug 2026 01:50 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Mon, 17 Aug 2026 01:50 AM IST
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बरेली। बरेली छावनी का आरएन टैगोर इंटर कॉलेज आधुनिकता और नवाचार की एक नई इबारत लिख रहा है। विद्यालय में पढ़ने वाले विद्यार्थी कक्षा छह से ही अंतरिक्ष विज्ञान, रोबोटिक्स और ड्रोन टेक्नोलॉजी में महारत हासिल कर रहे हैं।
विद्यालय परिसर में स्थापित खगोल विज्ञान केंद्र और अत्याधुनिक ड्रोन व रोबोटिक्स लैब बड़ा केंद्र बन चुकी हैं। यहां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ ही प्रयोग और प्रत्यक्ष अवलोकन के जरिए ब्रह्मांड के रहस्यों और अंतरिक्ष विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों से रूबरू कराया जा रहा है।
विशेष प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्र अपने नन्हे हाथों से न केवल ड्रोन के शुरुआती हिस्सों को खुद असेंबल कर रहे हैं, बल्कि उड़ान के बुनियादी सिद्धांतों को सीखकर फ्लाइंग प्रैक्टिस का व्यावहारिक अनुभव भी ले रहे हैं।
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रोबोटिक्स लैब में बैटरी, वायर और एलईडी जैसे बुनियादी घटकों से शुरू हुआ यह सफर अब आरड्यूइनो, सेंसर और कोडिंग तक पहुंच चुका है। छात्रों ने 12 से अधिक इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं। इनमें पहाड़ी क्षेत्र में हादसों को रोकने वाली सेंसर-युक्त लाइटें, एग्री फ्लो स्मार्ट सिंचाई, रेल शील्ड एंटी-कोलिजन सिस्टम, होम ऑटोमेशन, गर्ल्स सेफ्टी डिवाइस और डॉ. एआइ बॉट जैसे शानदार मॉडल शामिल हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना मिश्रा ने बताया कि जब बच्चे इतनी कम उम्र में व्यावहारिक विज्ञान से जुड़ते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और समस्याओं को हल करने का दृष्टिकोण पूरी तरह बदल जाता है। वहीं, कैंट बोर्ड की ओर से स्कूल में कई अन्य प्रोजेक्टस भी प्रस्तावित हैं।
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विद्यालय परिसर में स्थापित खगोल विज्ञान केंद्र और अत्याधुनिक ड्रोन व रोबोटिक्स लैब बड़ा केंद्र बन चुकी हैं। यहां विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ ही प्रयोग और प्रत्यक्ष अवलोकन के जरिए ब्रह्मांड के रहस्यों और अंतरिक्ष विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों से रूबरू कराया जा रहा है।
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विशेष प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्र अपने नन्हे हाथों से न केवल ड्रोन के शुरुआती हिस्सों को खुद असेंबल कर रहे हैं, बल्कि उड़ान के बुनियादी सिद्धांतों को सीखकर फ्लाइंग प्रैक्टिस का व्यावहारिक अनुभव भी ले रहे हैं।
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रोबोटिक्स लैब में बैटरी, वायर और एलईडी जैसे बुनियादी घटकों से शुरू हुआ यह सफर अब आरड्यूइनो, सेंसर और कोडिंग तक पहुंच चुका है। छात्रों ने 12 से अधिक इनोवेटिव प्रोजेक्ट्स तैयार किए हैं। इनमें पहाड़ी क्षेत्र में हादसों को रोकने वाली सेंसर-युक्त लाइटें, एग्री फ्लो स्मार्ट सिंचाई, रेल शील्ड एंटी-कोलिजन सिस्टम, होम ऑटोमेशन, गर्ल्स सेफ्टी डिवाइस और डॉ. एआइ बॉट जैसे शानदार मॉडल शामिल हैं।
विद्यालय की प्रधानाचार्य वंदना मिश्रा ने बताया कि जब बच्चे इतनी कम उम्र में व्यावहारिक विज्ञान से जुड़ते हैं, तो उनका आत्मविश्वास और समस्याओं को हल करने का दृष्टिकोण पूरी तरह बदल जाता है। वहीं, कैंट बोर्ड की ओर से स्कूल में कई अन्य प्रोजेक्टस भी प्रस्तावित हैं।