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Bareilly News: कागजों पर निर्बाध आपूर्ति के दावे, धरातल पर आधे
Wed, 08 Jul 2026 01:37 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Wed, 08 Jul 2026 01:37 AM IST
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बरेली। विद्युत निगम की ओर से शासन को शहर में 22 से 24 घंटे बिजली आपूर्ति का दावा किया जा रहा है मगर, जमीनी हकीकत इससे उलट है। सुभाष नगर, हरुनगला, राजेंद्रनगर, डीडी पुरम समेत कई इलाकों के लोग रोजाना कई घंटे की बिजली कटौती झेलने के लिए विवश हैं।
कई हिस्सों में मोबाइल ट्रांसफार्मरों के सहारे आपूर्ति दी जा रही है। दूसरी ओर सीबीगंज स्थित स्टोर में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर लंबे समय से धूल फांक रहे हैं। जरूरत के समय इन ट्रांसफार्मरों का उपयोग न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर अघोषित कटौती के चलते घरेलू कार्यों के साथ व्यापार और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
वर्टिकल व्यवस्था फेल, संसाधन भी अधूरे
विभाग ने शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वर्टिकल व्यवस्था लागू की है। लेकिन आम जन के साथ ही लगातार व्यापारी व अन्य भी इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते लोड, समय पर रखरखाव न होने और फॉल्ट आने पर मरम्मत में देरी के कारण आपूर्ति बाधित होना भी परेशानी का सबब बना हुआ है।
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कागजों पर विभाग की ओर से सुभाष नगर उपकेंद्र से 23 घंटे 15 मिनट, हरुनगला में 23 घंटे 40 मिनट, जगतपुर में 21 घंटे 15 मिनट, महानगर उपकेंद्र से 21 घंटे 20 मिनट, रामपुर गार्डन में 23 घंटे 3 मिनट, डीडीपुरम में 23 घंटे 5 मिनट बिजली आपूर्ति देने का दावा है। कैंट उपकेंद्र से 23 घंटे 40 मिनट, सिविल लाइंस उपकेंद्र से 23 घंटे 30 मिनट, शाहदाना उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में 23 घंटे 30 मिनट रोजाना बिजली सप्लाई देने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
लोगों की बात
24 घंटे बिजली बस कागजों पर ही मिल रही है। रोजाना ही तीन से चार घंटे की कटौती का सामना करना पड़ता है। - राधिका कपूर, डेलापीर
सुबह से ही बिजली कटौती शुरू हो जाती है। टोल फ्री नंबर पर कॉल करो तो कोई सटीक जानकारी नहीं मिलती है। - आदित्य शर्मा, गार्डन सिटी
वर्जन :
शहरी क्षेत्र में बेहतर आपूर्ति को लेकर विभाग प्रयासरत है। जिन भी इलाकों में फॉल्ट की सूचना आती है वहां फौरन टीम भेजकर काम कराया जाता है। - धमेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता शहर
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बिजली बिलों में गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान
बरेली। बिजली बिलों में गड़बड़ी व तकनीकी समस्याओं से उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कई उपभोक्ताओं ने गलत बिलिंग व सोलर नेट मीटरिंग से जुड़ीं शिकायतें बढ़ने का आरोप लगाया है। समस्याओं को लेकर उपभोक्ता विद्युत निगम के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अंकित गंगवार ने बताया कि उपभोक्ता जो भी त्रुटियां लेकर आते हैं, उन्हें निस्तारित किया जाता है।
मेरे तीन किलोवॉट कनेक्शन पर इस माह 5400 रुपये का बिल आया है। पहले हर महीने 1200 रुपये का बिल आता था। अचानक बढ़ोतरी की जांच कर इसे सुधारा जाए। - विजय प्रताप सिंह, संजयनगर
मेरे दो किलोवॉट के कनेक्शन पर कभी पांच हजार तो कभी 40 हजार रुपये तक का बिल आ रहा है। नियमित रूप से बिल जमा करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - अब्दुल कईंम, जोगी नवादा
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कई हिस्सों में मोबाइल ट्रांसफार्मरों के सहारे आपूर्ति दी जा रही है। दूसरी ओर सीबीगंज स्थित स्टोर में बड़ी संख्या में ट्रांसफार्मर लंबे समय से धूल फांक रहे हैं। जरूरत के समय इन ट्रांसफार्मरों का उपयोग न होने से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। दूसरी ओर अघोषित कटौती के चलते घरेलू कार्यों के साथ व्यापार और विद्यार्थियों की पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है।
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वर्टिकल व्यवस्था फेल, संसाधन भी अधूरे
विभाग ने शहर में निर्बाध बिजली आपूर्ति को लेकर वर्टिकल व्यवस्था लागू की है। लेकिन आम जन के साथ ही लगातार व्यापारी व अन्य भी इस व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। ट्रांसफार्मरों पर बढ़ते लोड, समय पर रखरखाव न होने और फॉल्ट आने पर मरम्मत में देरी के कारण आपूर्ति बाधित होना भी परेशानी का सबब बना हुआ है।
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कागजों पर विभाग की ओर से सुभाष नगर उपकेंद्र से 23 घंटे 15 मिनट, हरुनगला में 23 घंटे 40 मिनट, जगतपुर में 21 घंटे 15 मिनट, महानगर उपकेंद्र से 21 घंटे 20 मिनट, रामपुर गार्डन में 23 घंटे 3 मिनट, डीडीपुरम में 23 घंटे 5 मिनट बिजली आपूर्ति देने का दावा है। कैंट उपकेंद्र से 23 घंटे 40 मिनट, सिविल लाइंस उपकेंद्र से 23 घंटे 30 मिनट, शाहदाना उपकेंद्र के अंतर्गत आने वाले इलाकों में 23 घंटे 30 मिनट रोजाना बिजली सप्लाई देने की रिपोर्ट शासन को भेजी गई है।
लोगों की बात
24 घंटे बिजली बस कागजों पर ही मिल रही है। रोजाना ही तीन से चार घंटे की कटौती का सामना करना पड़ता है। - राधिका कपूर, डेलापीर
सुबह से ही बिजली कटौती शुरू हो जाती है। टोल फ्री नंबर पर कॉल करो तो कोई सटीक जानकारी नहीं मिलती है। - आदित्य शर्मा, गार्डन सिटी
वर्जन :
शहरी क्षेत्र में बेहतर आपूर्ति को लेकर विभाग प्रयासरत है। जिन भी इलाकों में फॉल्ट की सूचना आती है वहां फौरन टीम भेजकर काम कराया जाता है। - धमेंद्र सिंह, अधीक्षण अभियंता शहर
बिजली बिलों में गड़बड़ी से उपभोक्ता परेशान
बरेली। बिजली बिलों में गड़बड़ी व तकनीकी समस्याओं से उपभोक्ताओं की परेशानी लगातार बढ़ रही है। कई उपभोक्ताओं ने गलत बिलिंग व सोलर नेट मीटरिंग से जुड़ीं शिकायतें बढ़ने का आरोप लगाया है। समस्याओं को लेकर उपभोक्ता विद्युत निगम के कार्यालयों का चक्कर लगा रहे हैं। विद्युत निगम के अधिशासी अभियंता अंकित गंगवार ने बताया कि उपभोक्ता जो भी त्रुटियां लेकर आते हैं, उन्हें निस्तारित किया जाता है।
मेरे तीन किलोवॉट कनेक्शन पर इस माह 5400 रुपये का बिल आया है। पहले हर महीने 1200 रुपये का बिल आता था। अचानक बढ़ोतरी की जांच कर इसे सुधारा जाए। - विजय प्रताप सिंह, संजयनगर
मेरे दो किलोवॉट के कनेक्शन पर कभी पांच हजार तो कभी 40 हजार रुपये तक का बिल आ रहा है। नियमित रूप से बिल जमा करने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं हो रहा है। - अब्दुल कईंम, जोगी नवादा