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बैंक को नोटिस: विवादित जमीन पर क्यों मंजूर किया लोन
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बरेली। राजस्व रिकॉर्ड में जालसाजी करके रुहेलखंड विश्वविद्यालय की कब्जाई गई जमीन पर लोन देकर पंजाब नेशनल बैंक की पटेल चौक शाखा का स्टाफ बुरी तरह घिर गया है। सवाल उठ रहा है कि जब अपनी मेहनत की कमाई से प्लॉट खरीदने वालों को मकान बनाने के लिए लोन देने के लिए बैंकों में चक्कर कटवाना आम बात है तो रुहेलखंड विश्वविद्यालय की जमीन के फर्जी कागजों की तस्दीक किए बगैर लोन कैसे मंजूर कर दिया गया। तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता ने पीएनबी के शाखा प्रबंधक को नोटिस देकर जवाब मांगा है कि किस रिकार्ड के आधार पर इस जमीन पर लोन दिया गया। ये रिकॉर्ड भी उपलब्ध कराने को कहा है।
रुहेलखंड यूनिवर्सिटी की हरुनगला में 2720 वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन है। हालांकि यह जमीन विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के अंदर घिरी हुई है लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने खतौनी में जालसाजी कराकर इस जमीन की मिल्कियत अपने नाम दर्ज करा ली और उस पर पंजाब नेशनल बैंक की पटेल चौक शाखा से लाखों रुपये का लोन भी मंजूर करा लिया। हाल ही में इस मामले का खुलासा होने के बाद तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता को इसकी जांच सौंपी गई है। तहसीलदार की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जमीन कब्जाने वालों को पटेल चौक की पीएनबी शाखा से लोन मंजूर किया गया था। विवादित भूमि होने के बाद भी बैंक स्टाफ ने किन रिकार्डों के आधार पर लोन पास कर दिया, इसके लिए बैंक से रिकार्ड मांगे गए हैं। तहसीलदार का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। सबसे बड़ी वजह यह है कि यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी से घिरी जमीन पर लोन दिया गया है, इसका सीधा मतलब है कि बैंक स्टाफ ने जमीन पर लोन देने से पहले उसका भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया। पूरे प्रकरण में इस पहलू की जांच होनी भी जरूरी है। इसलिए 29 नवंबर को बैंक के शाखा प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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रुहेलखंड यूनिवर्सिटी की हरुनगला में 2720 वर्ग मीटर बेशकीमती जमीन है। हालांकि यह जमीन विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के अंदर घिरी हुई है लेकिन फिर भी कुछ लोगों ने खतौनी में जालसाजी कराकर इस जमीन की मिल्कियत अपने नाम दर्ज करा ली और उस पर पंजाब नेशनल बैंक की पटेल चौक शाखा से लाखों रुपये का लोन भी मंजूर करा लिया। हाल ही में इस मामले का खुलासा होने के बाद तहसीलदार सदर आशुतोष गुप्ता को इसकी जांच सौंपी गई है। तहसीलदार की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि जमीन कब्जाने वालों को पटेल चौक की पीएनबी शाखा से लोन मंजूर किया गया था। विवादित भूमि होने के बाद भी बैंक स्टाफ ने किन रिकार्डों के आधार पर लोन पास कर दिया, इसके लिए बैंक से रिकार्ड मांगे गए हैं। तहसीलदार का कहना है कि मामला बेहद गंभीर है। सबसे बड़ी वजह यह है कि यूनिवर्सिटी की चहारदीवारी से घिरी जमीन पर लोन दिया गया है, इसका सीधा मतलब है कि बैंक स्टाफ ने जमीन पर लोन देने से पहले उसका भौतिक सत्यापन भी नहीं कराया। पूरे प्रकरण में इस पहलू की जांच होनी भी जरूरी है। इसलिए 29 नवंबर को बैंक के शाखा प्रबंधक से स्पष्टीकरण मांगा गया है।
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