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पीएम आवास के खातों में बेनामी लेनदेन की आयकर विभाग भी करेगा जांच
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बरेली। टेरर फंडिंग और हवाला कारोबार के लिए प्रधानमंत्री आवास के लिए खुलवाए गए बैंक खातों के जरिये बेनामी लेनदेन की जांच आयकर विभाग भी करेगा। दरअसल अभी तक इस मामले की जांच कर रही पुलिस का कहना है कि पीएम आवास के खातों के जरिये काफी मात्रा में काला धन भी सफेद किए जाने के सुराग मिल रहे हैं, इसलिए पुलिस के स्तर से ही आयकर विभाग को इस प्रकरण की जांच करने के लिए लिखने का फैसला लिया गया है।
टेरर फंडिंग और हवाला काराबोर से जुड़े दो लोगों को कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी से पकड़ा गया था। इन लोगों से पूछताछ के बाद पता चला था कि इस धंधे का मास्टर माइंड इज्जतनगर के गांव परतापुर का सदाकत है। एटीएस ने अगले ही दिन परतापुर में भी दबिश दी लेकिन सदाकत इससे पहले ही फरार हो गया। मामले की जांच आगे बढ़ी तो प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए खुलवाए गए तमाम ऐसे बैंक खातों का भी पता चला जिनमें लाखों रुपये का बेनामी लेनदेन हुआ था। शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों के ये बैंक खाते एसबीआई की नगरिया परीक्षित और सिविल लाइंस की एक निजी बैंक में खुलवाए गए थे।
इनमें से ज्यादतर खातों में एक ही दिन में लाखों रुपये जमा करके ट्रांसफर कर दिए जाने का मामला सामने आने पर खाताधारकों में भी हड़कंप मच गया था। दरअसल हवाला कारोबार से जुड़े लोग ही इन लोगों को झांसा देकर उनके खातों को खुद ऑपरेट कर रहे थे। इसके बाद कोतवाली के मकरंदपुर में रहने वाली किरन ने कोतवाली में नेकपुर के मोहित, वीरभट्टी के शुभम, सुधीर और कुछ और लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। पुलिस विवेचना के दौरान छह खातों में करीब 26 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस अब इस मामले में आयकर विभाग की जांच कराने के लिए उसके अफसरों को भी पत्र लिखने जा रही है।
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नोटबंदी के बाद काला धन भी किया सफेद
नोटबंदी के बाद नकद राशि के लेनदेन पर काफी सख्ती कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इस वजह से बेनामी लेनदेन करने वालों ने कालाधन सफेद करने के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के खातों को माध्यम बनाया। पुलिस का कहना है कि सरकार को चूना लगाकर आयकर से बचने के लिए यह कवायद की गई है।
आयकर से बचने के लिए भी पीएम आवास योजना के खातों में लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है। इसलिए आयकर विभाग को भी इसकी सूचना भेजी जा रही है ताकि बेनामी लेनदेन करने वालों पर जांच के बाद सख्ती से कार्रवाई हो सके। - गीतेश कपिल, इंस्पेक्टर कोतवाली
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टेरर फंडिंग और हवाला काराबोर से जुड़े दो लोगों को कुछ समय पहले लखीमपुर खीरी से पकड़ा गया था। इन लोगों से पूछताछ के बाद पता चला था कि इस धंधे का मास्टर माइंड इज्जतनगर के गांव परतापुर का सदाकत है। एटीएस ने अगले ही दिन परतापुर में भी दबिश दी लेकिन सदाकत इससे पहले ही फरार हो गया। मामले की जांच आगे बढ़ी तो प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए खुलवाए गए तमाम ऐसे बैंक खातों का भी पता चला जिनमें लाखों रुपये का बेनामी लेनदेन हुआ था। शहर के विभिन्न हिस्सों में रहने वाले लोगों के ये बैंक खाते एसबीआई की नगरिया परीक्षित और सिविल लाइंस की एक निजी बैंक में खुलवाए गए थे।
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इनमें से ज्यादतर खातों में एक ही दिन में लाखों रुपये जमा करके ट्रांसफर कर दिए जाने का मामला सामने आने पर खाताधारकों में भी हड़कंप मच गया था। दरअसल हवाला कारोबार से जुड़े लोग ही इन लोगों को झांसा देकर उनके खातों को खुद ऑपरेट कर रहे थे। इसके बाद कोतवाली के मकरंदपुर में रहने वाली किरन ने कोतवाली में नेकपुर के मोहित, वीरभट्टी के शुभम, सुधीर और कुछ और लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी की रिपोर्ट भी दर्ज करा दी थी। पुलिस विवेचना के दौरान छह खातों में करीब 26 लाख रुपये के लेनदेन की पुष्टि हो चुकी है। पुलिस अब इस मामले में आयकर विभाग की जांच कराने के लिए उसके अफसरों को भी पत्र लिखने जा रही है।
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नोटबंदी के बाद काला धन भी किया सफेद
नोटबंदी के बाद नकद राशि के लेनदेन पर काफी सख्ती कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इस वजह से बेनामी लेनदेन करने वालों ने कालाधन सफेद करने के लिए प्रधानमंत्री आवासीय योजना के खातों को माध्यम बनाया। पुलिस का कहना है कि सरकार को चूना लगाकर आयकर से बचने के लिए यह कवायद की गई है।
आयकर से बचने के लिए भी पीएम आवास योजना के खातों में लाखों रुपये का लेनदेन किया गया है। इसलिए आयकर विभाग को भी इसकी सूचना भेजी जा रही है ताकि बेनामी लेनदेन करने वालों पर जांच के बाद सख्ती से कार्रवाई हो सके। - गीतेश कपिल, इंस्पेक्टर कोतवाली