फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Bareilly News ›   Civic Amenities

अयोध्या मामले में रिव्यू पिटीशन की आवश्यक्ता नहीं

Fri, 29 Nov 2019 03:06 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Fri, 29 Nov 2019 03:06 AM IST
विज्ञापन
Civic Amenities
बरेली। अयोध्या मामले में उलमा की राय है कि रिव्यू पिटीशन की आवश्यकता नहीं है। साथ ही पांच एकड़ जमीन लेने में भी कोई हर्ज नहीं है।
विज्ञापन

इन दिनों अयोध्या मुद्दे पर तमाम जगहों पर मुस्लिम संगठनों की अलग अलग बैठकों का दौर चल रहा है। इसी संदर्भ में आल इंडिया उलमा-ए-इस्लाम ने दिल्ली स्थित हजरत निजामुद्दीन की दरगाह पर दो दिवसीय मशावरती इजलास के नाम से गत दिवस बैठक हुई। इसमें विभिन्न राज्यों से आए उलमा, बुद्धिजीवियों और स्कालर्स सहित बरेली के भी उलमा व बुद्धिजीवी शामिल हुए। इसकी अध्यक्ष मलवारी (केलरा) से आए ग्रांड मुफ्ती ऑफ इंडिया अल्लामा शेख अबु वक्र अहमद ने की।
इस बैठक से लौट कर आए तंजीम उलमा इस्लाम के महासचिव मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने बैठक में पास हुए छह प्रस्तावों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रिव्यू पिटीशन पर यह राय बनी है कि इस तरह के फैसलों में किसी को भी रीव्यू पिटीशन में कामयाबी नहीं मिली है। इस लिए सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड लखनऊ और बाबरी मस्जिद के पक्षकार इकबाल अंसारी के फैसले पर सहमति जताई गई। पांच एकड़ जमीन पर तय किया गया कि इसे ले लिया जाना चाहिए और उस जगह पर इस्लामिक सेंटर, मुस्लिम बच्चों की शिक्षा और जन कल्याण के कामों के लिए इस्तेमाल किया जाए।
विज्ञापन

इसके अलावा यह भी तय किया गया कि देश के मुसलमानों की तालीमी, आर्थिक और सामाजिक सुधार के एजेंडे पर काम किया जाए। पिछड़े जिलों की पहचान कर मुस्लिम बाहुल्य क्षेत्रों में इंग्लिश मीडियम के पब्लिक स्कूल खोले जाएं। वहीं कादियानी फिरके की बढ़त को रोकने के लिए प्रचार टीम तैयार करने और पूरे देश में 10 लाख पेड़ लगाए जाने का फैसला लिया गया। इसमें पौधा रोपण की शुरुआत हो चुकी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed