रात के अंधेरे में 70 साल की बहन को छोड़कर चले गए भाई
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वक्त बहुत बलवान है। यह कब राजा को रंक और रंक को राजा बना दे, कहा नहीं जा सकता। बिहारीपुर निवासी सत्तर बरस की रंजना गुप्ता की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। बड़े घराने की बेटी रंजना अब दर दर की ठोकरें खानें को मजबूर हैं। रात में उन्हें एक भाई सड़क पर छोड़ गए तो बाकी भाइयों ने भी अपने दरवाजे बंद कर लिए। हंगामा और तकरार के बाद पड़ोसियों ने अपने घर पर रखने की इच्छा जताई तो पुलिस ने जिला अस्पताल में भर्ती कराने का विकल्प दिया। देर रात उन्हें भर्ती करा दिया गया।
मौके पर पहुंची पुलिस ने बताया कि बिहारीपुर सिविल लाइंस निवासी रंजना यहां के प्रभावशाली परिवार की बेटी हैं। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे से वह अपने पुश्तैनी घर के बाहर सड़क पर पड़ी थीं। पड़ोसी कांग्रेस नेता राकेश सक्सेना व अन्य लोग उन्हें घेरे खड़े थे। रंजना ने बताया कि पति से अलग होने के बाद वो मायके में ही रह रही हैं। उनके पांच भाई और दो बहनें हैं। इनमें से चार भाई आसपास ही रहते हैं। जिनमें से एक ठेकेदार, दो बैंक कर्मचारी और एक बैंक से रिटायर हैं। कासगंज निवासी भाई अलमारी का कारोबार करते हैं। बताया कि कई साल से भाइयों का परिवार एक-एक महीना उन्हें अपने यहां रखता है। कुछ समय पहले शहर निवासी भाइयों ने उन्हें वृद्धाश्रम में भर्ती करा दिया। बाद में कासगंज निवासी भाई उन्हें साथ ले गए। बताया कि मंगलवार को वही उन्हें लेकर आए और बरेली में घर के बाहर कार से उतारकर चले गए। यहां बाकी भाइयों ने उनके लिए दरवाजे बंद कर लिए। कोतवाली पुलिस पहुंची तो भाइयों के परिवार ने उन्हें साफतौर पर रखने से इंकार कर दिया।
वृद्धाश्रम के नाम से घबराईं
रंजना गुप्ता को जब अस्पताल ले जाने की कोशिश की तो उन्हें लगा कि वह वृद्धाश्रम ले जाया जा रहा है. इससे वह घबरा गईं और जाने से मना कर दिया। राकेश व अन्य पड़ोसियों ने उन्हें समझाया कि उनका इलाज कराने ले जा रहे हैं तो वह तैयार हुईं। वह खड़ी नहीं हो पा रही थीं। स्ट्रेचर पर डालकर ले जाया गया। राकेश सक्सेना ने ही उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती करा दिया।
पुराने जमाने में किया था इंटर पास
रंजना गुप्ता ने बताया कि कि उस जमाने में उन्होंने एमबी कॉलेज से इंटर किया था, जब लड़कियां घरों से निकलती ही नहीं थीं। उन दिनों को याद किया जब उनके पिता जीवित थे। कहा कि भाइयों के बच्चे होने से लेकर उनकी देखभाल करने तक का काम उन्हीं ने किया। अब शरीर कमजोर हो गया तो सब भूल गए।