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अटके प्रोजेक्टों का हाल जानने आ रहे नोडल अधिकारी नवनीत सहगल

Wed, 20 Nov 2019 02:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 20 Nov 2019 02:20 AM IST
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Civic Amenities
बरेली। जिले के नोडल अधिकारी नवनीत सहगल के विकास कार्यों की समीक्षा के लिए 20 और 21 नवंबर के दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट हो गया है। करीब दो माह पहले प्रभारी मंत्री श्रीकांत शर्मा ने भी विकास के अटके प्रोजेक्टों पर खासतौर से समीक्षा की थी। इसे देखते हुए अफसर इन प्रोजेक्टों को लेकर प्रभारी अधिकारी के खास समीक्षा करने की संभावना जता रहे हैं। प्रभारी अधिकारी के दौरे से एक दिन विभिन्न विभागों में अफसर मातहतों के साथ बैठक करते रहे। देर शाम को डीएम नितीश कुमार ने भी कैंप कार्यालय में अफसरों को लेकर विभिन्न योजनाओं की समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट जानी।
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फ्लाईओवर और ओवरब्रिज
-बरेली-नैनीताल (एसएच-37) से मिनी बाईपास मार्ग पर 38.23 करोड़ की लागत से 701.70 मीटर लंबे पुल का निर्माण मार्च 2016 में पूरा होना था। इस प्रोजेक्ट को लेकर पहले सेतु निगम के अफसरों ने लापरवाही दिखाई। अब क्रासिंग पर रेलवे अपने हिस्से का पुल और अंडरपास बनाने में देरी कर रहा है।
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-बरेली-बदायूं मार्ग पर लालफाटक फ्लाईओवर 82.49 करोड़ की लागत से जनवरी 2017 में मंजूर हुआ था। 955.42 मीटर लंबे इस पुल का काम पूरा करने में सबसे बड़ा अड़ंगा कैंट की 6500 वर्गमीटर जमीन के न मिल पाने से लगा है। इसमें रेलवे भी क्रासिंग पर काम शुरू करने में देरी कर रहा है। ट्रैफिक जाम से बचने के लिए दोनों रेल क्रासिंग के पास अस्थायी रोड बनाने के लिए 1.22 करोड़ का प्रस्ताव भेजा गया था, जिसकी स्वीकृत भी सेतु निगम को नहीं मिली है।
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-बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर नकटिया नदी पर 5.50 करोड़ की लागत से 70.88 मीटर लंबा पुल सितंबर 2018 में स्वीकृत हुआ था। वन विभाग से एनओसी को लेकर फिर पेच फंस गया है। इसी तरह बरेली-बीसलपुर रोड पर नकटिया नदी पर ही इतना ही लंबा पुल 12.59 करोड़ से मंजूर है। यहां टू-लेन का एक पुल चालू हुआ है, जबकि दूसरे का निर्माण पूरा होने में काफी वक्त है।
-चौपुला चौराहे पर दिल्ली लखनऊ मार्ग पर तीन लेन उपरिगामी सेतु और इसी से जुड़ा बरेली-बदायूं मार्ग एसएच-33 और पुराने बस अड्डे के लिए दो लेन उपरिगामी सेतु का 1108 मीटर लंबा फ्लाईओवर अक्तूबर 2018 में मंजूर हुआ था। शुरूआत में इसके नक्शा तय करने में काफी विलंब हुआ। इस फ्लाईओवर के लिए सेतु निगम को अब तक पुलिस विभाग और सेतु निगम से एनओसी नहीं मिल सकी है।
-बरेली-शाहजहांपुर मार्ग पर सेटेलाइट चौराहे पर 597 मीटर लंबा फ्लाईओवर 26.78 करोड़ की लागत से अक्तूबर 2018 में मंजूर हुआ था। इसका काम रुक-रुककर हो रहा है। यहां हाईटेंशन लाइन और पोल शिफ्टिंग के लिए करीब छह करोड़ रुपये के बजट की जरूरत है। इसकी स्वीकृति न मिल पाने से निर्माण लटका हुआ है।

एयर टर्मिनल
-पीलीभीत हाईवे के पास करीब 44 एकड़ भूमि पर लगभग 80 करोड़ की लागत से हवाई अड्डे का निर्माण चल रहा है। 10 मार्च को राज्य के नागरिक उड्डयन मंत्री नंद गोपाल नंदी की मौजूदगी में इस हवाई अड्डे की बिल्डिंग का उद्घाटन हो चुका है। हालांकि अभी हवाई सेवाएं शुरू होनी बाकी है। इसके लिए पहले जेट एयरवेज कंपनी के अधिकारी संपर्क में थे। इसके बाद टर्बो एविएशन नाम की एक दूसरी कंपनी के अधिकारी यहां अप्रैल में सर्वे किया था लेकिन हवाई अड्डा अब तक चालू नहीं हो सका है। करके जा चुके हैं।

सड़क के प्रोजेक्ट
-बरेली-सीतापुर 157 किलोमीटर लंबे इस फोरलेन का काम अधूरा पड़ा है। पिछले साल इस प्रोजेक्ट का कांट्रेक्ट लेने वाली इरा इंफ्रा स्ट्रक्चर नाम की कंपनी फरार हो चुकी है। आधा-अधूरा पड़ा ये फोरलेन पिछली बारिश में टूटता और दरकता रहा। इस फोरलेन का काम अब तक शुरू नहीं हुआ है। हालांकि पिछले महीने एनएचएआई ने पिछले माह इस प्रोजेक्ट को पूरा करने के लिए सात अरब का ठेका दिया है।
-बरेली से पीलीभीत होते हुए सितारगंज तक का काम भी ठेका लेने वाली कंपनी छोड़कर जा चुकी है। करीब पौने तीन अरब का काम बाकी है। एनएचएआई ने पुरानी कंपनी से काम छीनकर ब्लैक लिस्ट कर दिया है लेकिन नया टेंडर अब तक नहीं हुआ है।


प्रभारी मंत्री का दो दिवसीय दौरा
सूक्ष्म, लघु, मध्यम उद्यम एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग के प्रमुख सचिव नवनीत सहगल 20 नवंबर को सुबह 9.30 बजे पहुंचकर किसी एक दफ्तर का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद वह दो परियोजनाओं का हाल मौके पर पहुंचकर देखेंगे। इसके बाद वह दोपहर 3.30 बजे किसी एक गांव में पहुंचकर विकास कार्यों का भी जायजा लेंगे। रात नौ बजे शहर में भ्रमण करते हुए व्यवस्थाओं को चेक करेंगे। इसके बाद वह अगले दिन सुबह आठ बजे जिले के किसी एक अस्पताल को चेक करेंगे। इसके बाद पूर्वाह्न 11 बजे निर्धारित 18 बिंदुओं के साथ विभागीय योजनाओं एवं निर्माण कार्यों की समीक्षा विकास भवन के सभागार में होगी। दोपहर एक बजे पावर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से वह निराश्रित गौवंश के लिए गौ आश्रय स्थल के निर्माण व संचालन एवं आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा करेंगे।
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