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त्योहारों के सीजन में बैंक हड़ताल से दिक्कत
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बरेली। त्योहारों के सीजन में बैंक कर्मचारियों की हड़ताल से व्यापारी से लेकर आम ग्राहक तक सभी परेशान हैं। लोगों को त्योहार पर जरूरी साज सामान की खरीदारी के लिए कैश नहीं मिल पाया। बैंक संबंधी दूसरे कामों को लेकर भी परेशानी झेलनी पड़ी। सुबह कुछ बैंक शाखाएं खुलीं भी लेकिन हड़ताली कर्मचारियों ने पहुंचकर उन्हें बंद करा दिया। हालांकि एसबीआई सहित कुछ सरकारी और निजी बैंकें खुली रहने से ग्राहकों को कुछ राहत रही।
छह राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय के खिलाफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को तमाम बैंकों में ताले पड़े रहे। इस दौरान सर्किल चौराहा स्थित इलाहाबाद बैंक, चौकी चौराहा पर केनरा बैंक, यूनियन बैंक अयूब खां चौराहा, पीएनबी पटेल चौक सहित विभिन्न बैंकों की शाखाएं नहीं खुलीं। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने पीलीभीत बाईपास रोड पर पहुंचकर केनरा बैंक की शाखा को बंद कर दिया है। त्योहारों के मौके पर बैंकों में हड़ताल से ग्राहकों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी। बैंकों से कैश न मिल पाने से लोग खरीदारी नहीं कर सके। ग्राहकों का कहना था कि ज्यादातर एटीएम में एक दिन में 15 से 20 हजार रुपये तक ही कैश निकाल सकते हैं, लेकिन बड़ी रकम बैंकों के काउंटर से ही निकाली जा सकती है। इसी तरह से नकदी जमा करने में भी यही समस्या हुई। बैंकें बंद होने से चेक के क्लीयरेंस भी नहीं हो सके। नकदी ट्रांसफर न हो पाने से व्यापारी धनतेरस और दिवाली के लिए माल का ऑर्डर करने के लिए पेमेंट नहीं भेजे सके। इसी तरह बैंक से संबंधित दूसरी सेवाएं भी बाधित रहने से पब्लिक परेशान रही।
माल सप्लाई के लिए नहीं निकाल सके नकदी
- प्राइवेट नौकरी करने वाले विजय कुमार को माल की सप्लाई मंगवाने के लिए बैंक से भुगतान लेना था, लेकिन बैंक में हड़ताल से इधर-उधर भटकते रहे। उन्होंने बताया कि एटीएम से नकदी काफी कम निकली है। बैंक न खुलने से काउंटर से भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है।
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नहीं जमा कर सके सरकारी भुगतान
- कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक एसपी सिंह भी बैंक की हड़ताल से सरकारी पेमेंट नहीं जमा कर सके। उन्होंने बताया कि निगम का खाता इलाहाबाद बैंक में है। हड़ताल की वजह से बैंक से कैश वापस ले जाना पड़ा।
नहीं निकाल सके पेंशन
-श्यामगंज मेें रहने वाले रेलवे से रिटायर्ड कर्मी एडी अग्रवाल को पेंशन निकलानी थी लेकिन जिस बैंक में उनका खाता था, हड़ताल की वजह से वह बंद थी। चल फिर पाने में दिक्कत होने के बावजूद वह एक से दूसरी शाखा में पेंशन के लिए भटकते रहे।
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छह राष्ट्रीयकृत बैंकों के विलय के खिलाफ बैंक यूनियनों के आह्वान पर बुधवार को तमाम बैंकों में ताले पड़े रहे। इस दौरान सर्किल चौराहा स्थित इलाहाबाद बैंक, चौकी चौराहा पर केनरा बैंक, यूनियन बैंक अयूब खां चौराहा, पीएनबी पटेल चौक सहित विभिन्न बैंकों की शाखाएं नहीं खुलीं। हड़ताल पर गए कर्मचारियों ने पीलीभीत बाईपास रोड पर पहुंचकर केनरा बैंक की शाखा को बंद कर दिया है। त्योहारों के मौके पर बैंकों में हड़ताल से ग्राहकों को काफी असुविधा झेलनी पड़ी। बैंकों से कैश न मिल पाने से लोग खरीदारी नहीं कर सके। ग्राहकों का कहना था कि ज्यादातर एटीएम में एक दिन में 15 से 20 हजार रुपये तक ही कैश निकाल सकते हैं, लेकिन बड़ी रकम बैंकों के काउंटर से ही निकाली जा सकती है। इसी तरह से नकदी जमा करने में भी यही समस्या हुई। बैंकें बंद होने से चेक के क्लीयरेंस भी नहीं हो सके। नकदी ट्रांसफर न हो पाने से व्यापारी धनतेरस और दिवाली के लिए माल का ऑर्डर करने के लिए पेमेंट नहीं भेजे सके। इसी तरह बैंक से संबंधित दूसरी सेवाएं भी बाधित रहने से पब्लिक परेशान रही।
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माल सप्लाई के लिए नहीं निकाल सके नकदी
- प्राइवेट नौकरी करने वाले विजय कुमार को माल की सप्लाई मंगवाने के लिए बैंक से भुगतान लेना था, लेकिन बैंक में हड़ताल से इधर-उधर भटकते रहे। उन्होंने बताया कि एटीएम से नकदी काफी कम निकली है। बैंक न खुलने से काउंटर से भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है।
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नहीं जमा कर सके सरकारी भुगतान
- कर्मचारी कल्याण निगम के जिला प्रबंधक एसपी सिंह भी बैंक की हड़ताल से सरकारी पेमेंट नहीं जमा कर सके। उन्होंने बताया कि निगम का खाता इलाहाबाद बैंक में है। हड़ताल की वजह से बैंक से कैश वापस ले जाना पड़ा।
नहीं निकाल सके पेंशन
-श्यामगंज मेें रहने वाले रेलवे से रिटायर्ड कर्मी एडी अग्रवाल को पेंशन निकलानी थी लेकिन जिस बैंक में उनका खाता था, हड़ताल की वजह से वह बंद थी। चल फिर पाने में दिक्कत होने के बावजूद वह एक से दूसरी शाखा में पेंशन के लिए भटकते रहे।