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कारोबार
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मोदी सरकार ने दिवाली और दशहरा से पहले दिया गिफ्ट
कारपोरेट टैक्स घटने और जीएसटी रिटर्न में
मिली छूट से कारोबार और शेयर बाजार झूमा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार द्वारा कारपोरेट और अन्य सेक्टरों में दी गई छूट से शेयर बाजार में अचानक उछाल आया है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले दस साल में इससे शेयर बाजार में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला है। विभिन्न छूट और योजनाओं से सुस्त पड़े बाजार में रौनक लौटेगी। होटल उद्योग भी चमकेगा और नई इकाइयां लगाने पर टैक्स में ज्यादा छूट मिलेगी। गोवा में हुई जीएसटी बैठक में हुए फैसलों को कारोबारियों ने बड़ी सौगात बताया है। केंद्रीय वित्तमंत्री ने इसकी घोषणा भी कर दी है। जानकारों ने बताया कि कारपोरेट क्षेत्र में जो छूट मिली है, वह किसी देश में नहीं है। दो करोड़ रुपये से कम कारोबार करने पर जीएसटी रिटर्न नहीं भरने की छूट से करीब 80 प्रतिशत व्यापारी लाभान्वित होंगे। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी चहलपहल होगी। टैक्स छूट आदि से निवेशक और कारोबार क्षेत्र में जश्न जैसा माहौल है। इस मौके पर प्रमुख उद्यमी, कारोबारी और सीए से हुई बातचीत में उन्होंने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। बरेली जिला में करीब 20 हजार करोड़ रुपये हर वर्ष कारपोरेट सेक्टर में कारोबार होता है। टैक्स छूट मिलने से करीब दर्जन भर उद्योगों को आक्सीजन मिलेगी, प्रस्तुत हैं कुछ अंश।
ज्यादा लगेंगे नए उद्योग
ऐतिहासिक फैसला आया है। एक अक्टूबर से कंपनी कारोबार पर 15 प्रतिशत टैक्स लागू होगा, इससे नए उद्योग ज्यादा आएंगे। देर से ही सही लेकिन दुरुस्त फैसला आया है, सरकार और मदद कर दे तो आर्थिक मंदी और सुस्ती बिल्कुल गायब हो जाएगी। कारपोरेट टैक्स छूट मिलने से बरेली में दर्जन भर उद्योगाें को फायदा होगा।
- घनश्याम खंडेलवाल, चैंबर ऑफ कामर्स
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फैसले से दूर होगी मंदी
स्वागत योग्य फैसला है, सभी कारोबारी संगठन और उद्यमियों ने इसे सराहा है। हालांकि उद्यमी सरकार से अभी और मदद चाहते हैं, त्योहार से पहले सरकार ने उपहार देकर आर्थिक क्षेत्र में चहलपहल बढ़ा दी है। इससे सुस्त बाजार भी दौड़ेगा। शेयर बाजार उछलना ही इसका प्रमाण है।
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- दिनेश गोयल, वरिष्ठ उद्यमी
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आटोमोबाइल बाजार भी चमकेगा
जीएसटी बैठक में लिए गए फैसले से आटोमोबाइल समेत सभी सेक्टर चमकेंगे। कमाल का फैसला लिया गया है। निर्माण और निवेश क्षेत्र में बदलाव आएंगे। इसके परिणाम जल्द दिखना शुरू हो जाएंगे। सरकारी राजस्व कम होगा लेकिन बाजार में इकोनॉमी बढ़ेगी। छूट से बाजार में उत्साह है।
- किशोर कटरू, कारोबारी
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देश हित में बेहतर फैसला
देश हित में बेहतर और बड़ा फैसला है। विदेश और एशिया में कारपोरेट सेक्टर में इतना कम टैक्स कहीं नहीं है। त्योहार पर केंद्रीय वित्तमंत्रालय ने उद्यमियों को उपहार दिया है। बड़े और छोटे कारोबारी इस फैसले से खुश हैं। हमें ऐसे ही फैसलों की उम्मीद थी, लेकिन अभी सरकार अन्य लंबित सुझावों पर भी ध्यान दे।
- सुरेश सुंदरानी, उद्यमी
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सरकार ने ऑक्सीजन दी
वेंटिलेटर तक पहुंच चुके औद्योगिक क्षेत्र में सरकार ने सही समय पर ऑक्सीजन दी है। इससे बाजार में उत्साह है। अगर यही फैसला पिछले साल आ जाता तो शायद कुछ और नजारा होता। कारपोरेट सेक्टर में करीब साढ़े तीन फीसदी तक टैक्स की कमी आएगी। बिजली दरें बढ़ने से मिली मायूसी इस फैसले ने खुशी में बदल दी है।
- अभिनव अग्रवाल, आईआईए
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शेयर बाजार में उछाल
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही कारपोरेट सेक्टर में टैक्स दरों में कटौती की शेयर बाजार में दस वर्षों में सबसे बड़ा उछाल आया है। घरेलू कंपनियों के पास अब 22 फीसदी की दर से इनकम टैक्स चुकाने का विकल्प है। इस घोषणा से सरकारी राजस्व जरूर घटेगा, लेकिन उद्योग और कारोबार क्षेत्र चमकेगा। इससे देश में आर्थिक मंदी पर लगाम लगेगी।
- राजीव अग्रवाल, शेयर कारोबारी
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80 कारोबारी जीएसटी रिटर्न से बाहर होंगे
सरकार ने सभी कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न भरने की अनिवार्यता रद्द कर दी है। अब दो करोड़ रुपये से कम वार्षिक टर्नओवर होने पर रिटर्न नहीं भरा जाएगा। इससे करीब 80 प्रतिशत कारोबारी रिटर्न के झमेले से अलग हो जाएंगे। बड़ी तादाद में कारोबारी जीएसटी रिटर्न भरने से अलग हो जाएंगे।
- पंकज अग्रवाल, कारोबारी
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मोदी सरकार ने दिवाली और दशहरा से पहले दिया गिफ्ट
कारपोरेट टैक्स घटने और जीएसटी रिटर्न में
मिली छूट से कारोबार और शेयर बाजार झूमा
अमर उजाला ब्यूरो
बरेली। त्योहारों से पहले मोदी सरकार द्वारा कारपोरेट और अन्य सेक्टरों में दी गई छूट से शेयर बाजार में अचानक उछाल आया है। कारोबारियों का कहना है कि पिछले दस साल में इससे शेयर बाजार में सबसे ज्यादा उत्साह देखने को मिला है। विभिन्न छूट और योजनाओं से सुस्त पड़े बाजार में रौनक लौटेगी। होटल उद्योग भी चमकेगा और नई इकाइयां लगाने पर टैक्स में ज्यादा छूट मिलेगी। गोवा में हुई जीएसटी बैठक में हुए फैसलों को कारोबारियों ने बड़ी सौगात बताया है। केंद्रीय वित्तमंत्री ने इसकी घोषणा भी कर दी है। जानकारों ने बताया कि कारपोरेट क्षेत्र में जो छूट मिली है, वह किसी देश में नहीं है। दो करोड़ रुपये से कम कारोबार करने पर जीएसटी रिटर्न नहीं भरने की छूट से करीब 80 प्रतिशत व्यापारी लाभान्वित होंगे। ऑटोमोबाइल सेक्टर में भी चहलपहल होगी। टैक्स छूट आदि से निवेशक और कारोबार क्षेत्र में जश्न जैसा माहौल है। इस मौके पर प्रमुख उद्यमी, कारोबारी और सीए से हुई बातचीत में उन्होंने इसे ऐतिहासिक फैसला बताया है। बरेली जिला में करीब 20 हजार करोड़ रुपये हर वर्ष कारपोरेट सेक्टर में कारोबार होता है। टैक्स छूट मिलने से करीब दर्जन भर उद्योगों को आक्सीजन मिलेगी, प्रस्तुत हैं कुछ अंश।
ज्यादा लगेंगे नए उद्योग
ऐतिहासिक फैसला आया है। एक अक्टूबर से कंपनी कारोबार पर 15 प्रतिशत टैक्स लागू होगा, इससे नए उद्योग ज्यादा आएंगे। देर से ही सही लेकिन दुरुस्त फैसला आया है, सरकार और मदद कर दे तो आर्थिक मंदी और सुस्ती बिल्कुल गायब हो जाएगी। कारपोरेट टैक्स छूट मिलने से बरेली में दर्जन भर उद्योगाें को फायदा होगा।
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- घनश्याम खंडेलवाल, चैंबर ऑफ कामर्स
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फैसले से दूर होगी मंदी
स्वागत योग्य फैसला है, सभी कारोबारी संगठन और उद्यमियों ने इसे सराहा है। हालांकि उद्यमी सरकार से अभी और मदद चाहते हैं, त्योहार से पहले सरकार ने उपहार देकर आर्थिक क्षेत्र में चहलपहल बढ़ा दी है। इससे सुस्त बाजार भी दौड़ेगा। शेयर बाजार उछलना ही इसका प्रमाण है।
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- दिनेश गोयल, वरिष्ठ उद्यमी
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आटोमोबाइल बाजार भी चमकेगा
जीएसटी बैठक में लिए गए फैसले से आटोमोबाइल समेत सभी सेक्टर चमकेंगे। कमाल का फैसला लिया गया है। निर्माण और निवेश क्षेत्र में बदलाव आएंगे। इसके परिणाम जल्द दिखना शुरू हो जाएंगे। सरकारी राजस्व कम होगा लेकिन बाजार में इकोनॉमी बढ़ेगी। छूट से बाजार में उत्साह है।
- किशोर कटरू, कारोबारी
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देश हित में बेहतर फैसला
देश हित में बेहतर और बड़ा फैसला है। विदेश और एशिया में कारपोरेट सेक्टर में इतना कम टैक्स कहीं नहीं है। त्योहार पर केंद्रीय वित्तमंत्रालय ने उद्यमियों को उपहार दिया है। बड़े और छोटे कारोबारी इस फैसले से खुश हैं। हमें ऐसे ही फैसलों की उम्मीद थी, लेकिन अभी सरकार अन्य लंबित सुझावों पर भी ध्यान दे।
- सुरेश सुंदरानी, उद्यमी
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सरकार ने ऑक्सीजन दी
वेंटिलेटर तक पहुंच चुके औद्योगिक क्षेत्र में सरकार ने सही समय पर ऑक्सीजन दी है। इससे बाजार में उत्साह है। अगर यही फैसला पिछले साल आ जाता तो शायद कुछ और नजारा होता। कारपोरेट सेक्टर में करीब साढ़े तीन फीसदी तक टैक्स की कमी आएगी। बिजली दरें बढ़ने से मिली मायूसी इस फैसले ने खुशी में बदल दी है।
- अभिनव अग्रवाल, आईआईए
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शेयर बाजार में उछाल
केंद्रीय वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने जैसे ही कारपोरेट सेक्टर में टैक्स दरों में कटौती की शेयर बाजार में दस वर्षों में सबसे बड़ा उछाल आया है। घरेलू कंपनियों के पास अब 22 फीसदी की दर से इनकम टैक्स चुकाने का विकल्प है। इस घोषणा से सरकारी राजस्व जरूर घटेगा, लेकिन उद्योग और कारोबार क्षेत्र चमकेगा। इससे देश में आर्थिक मंदी पर लगाम लगेगी।
- राजीव अग्रवाल, शेयर कारोबारी
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80 कारोबारी जीएसटी रिटर्न से बाहर होंगे
सरकार ने सभी कारोबारियों को जीएसटी रिटर्न भरने की अनिवार्यता रद्द कर दी है। अब दो करोड़ रुपये से कम वार्षिक टर्नओवर होने पर रिटर्न नहीं भरा जाएगा। इससे करीब 80 प्रतिशत कारोबारी रिटर्न के झमेले से अलग हो जाएंगे। बड़ी तादाद में कारोबारी जीएसटी रिटर्न भरने से अलग हो जाएंगे।
- पंकज अग्रवाल, कारोबारी