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नमामि गंगा प्रोजेक्ट- जमीन मिले तो शुरू हो 271 करोड़ का प्रोजेक्ट
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बरेली। नदियों को स्वच्छ बनाने के लिए नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत स्वीकृत 271 करोड़ का प्रोजेक्ट जिला प्रशासन के जमीन न दिला पाने के कारण लटक गया है। इस मुद्दे पर राज्य के स्वच्छ भारत मिशन के पीडी की तरफ से प्रशासन को कई बार रिमाइंडर भी भेजा गया, लेकिन अभी तक कोई नतीजा नहीं निकला। शासन ने फिर से डीएम से इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।
नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में न पहुंचे.. इसके लिए नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत शहर में चार जगहों पर एसटीपी बनाया जाना है। इनके माध्यम से नालों का पानी फिल्टर होने के बाद नकटिया, रामगंगा सहित दूसरी नदियों में जाएगा। इसके लिए बीसलपुर रोड पर 12500 वर्गमीटर, चौबारी में 8000 वर्गमीटर, छोटी विहार में 1000 वर्गमीटर और एयरफोर्स नाला के पास 1000 वर्गमीटर जगह की जरूरत है। इन सभी जगहों पर एसटीपी बनाने के लिए जिला प्रशासन को जमीन उपलब्ध करानी है। जल निगम की तरफ से पूर्व में कई बार इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने को चिट्ठी भेजी जा चुकी हैं। इस बीच नमामि गंगे कार्यक्रम को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह जल शक्ति मंत्रालय में समीक्षा बैठक में जमीन उपलब्ध न होने पर कई परियोजनाओं के शुरू होने में विलंब पर नाराजगी जाहिर की थी। जिलाधिकारी को 15 दिन के अंदर भूमि चिह्नित कराकर बजट के लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजने के भी आदेश दिए थे। बरेली में भी इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। स्वच्छ गंगा मिशन के पीडी ने डीएम से यह भी कहा है कि अगर सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है तो इसके लिए निजी जमीन भी खरीदी जा सकती है। इसका भुगतान नगर विकास विभाग से किया जाएगा। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में फिर से डीएम को लेटर भेजा है।
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नालों का गंदा पानी सीधे नदियों में न पहुंचे.. इसके लिए नमामि गंगा कार्यक्रम के तहत शहर में चार जगहों पर एसटीपी बनाया जाना है। इनके माध्यम से नालों का पानी फिल्टर होने के बाद नकटिया, रामगंगा सहित दूसरी नदियों में जाएगा। इसके लिए बीसलपुर रोड पर 12500 वर्गमीटर, चौबारी में 8000 वर्गमीटर, छोटी विहार में 1000 वर्गमीटर और एयरफोर्स नाला के पास 1000 वर्गमीटर जगह की जरूरत है। इन सभी जगहों पर एसटीपी बनाने के लिए जिला प्रशासन को जमीन उपलब्ध करानी है। जल निगम की तरफ से पूर्व में कई बार इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने को चिट्ठी भेजी जा चुकी हैं। इस बीच नमामि गंगे कार्यक्रम को लेकर सीएम योगी आदित्यनाथ ने पिछले माह जल शक्ति मंत्रालय में समीक्षा बैठक में जमीन उपलब्ध न होने पर कई परियोजनाओं के शुरू होने में विलंब पर नाराजगी जाहिर की थी। जिलाधिकारी को 15 दिन के अंदर भूमि चिह्नित कराकर बजट के लिए नगर विकास विभाग को प्रस्ताव भेजने के भी आदेश दिए थे। बरेली में भी इस प्रोजेक्ट के लिए अब तक जमीन उपलब्ध नहीं हो सकी है। स्वच्छ गंगा मिशन के पीडी ने डीएम से यह भी कहा है कि अगर सरकारी जमीन नहीं मिल पा रही है तो इसके लिए निजी जमीन भी खरीदी जा सकती है। इसका भुगतान नगर विकास विभाग से किया जाएगा। प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने इस संबंध में फिर से डीएम को लेटर भेजा है।
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