{"_id":"5d5daa888ebc3e6c332fd650","slug":"civic-amenities-bareilly-news-bly3731596153","type":"story","status":"publish","title_hn":"कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर प्रदर्शन किया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर प्रदर्शन किया
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बरेली। मिनिस्ट्रीयल कलक्ट्रेट कर्मचारी संघ के तत्वावधान के कलक्ट्रेट कर्मचारियों ने कामकाज ठप करते हुए प्रदर्शन किया। कर्मचारियों के काम न करने से जनता को परेशानी झेलनी पड़ी। दूरदराज से काम कराने आने लोगों को बैरंग वापस लौटना पड़ा।
कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि पूर्व में 24 सूत्रीय मांगों को एक बार फिर से उठाया। संघ के अध्यक्ष शिवेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इसके शासन स्तर पर इसका कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। महामंत्री सुनील कुमार ने कहा कि 16 सितंबर तक अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
कर्मचारियों की कुछ खास मांगे
-कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति की जाए।
-कलक्ट्रेट का नाम डीएम कार्यालय की जगह मिनी या जनपद सचिवालय रखा जाए।
-पुरानी पेंशन नियमावली को दोबारा लागू किया जाए।
-कलेक्ट्रेट में लेखा कार्य देख रहे पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए।
विज्ञापन
कर्मचारियों ने कलक्ट्रेट परिसर में धरना प्रदर्शन करते हुए कहा कि पूर्व में 24 सूत्रीय मांगों को एक बार फिर से उठाया। संघ के अध्यक्ष शिवेश कुमार गुप्ता ने कहा कि कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पूर्व में भी विरोध प्रदर्शन कर चुके हैं। बावजूद इसके शासन स्तर पर इसका कोई संज्ञान नहीं लिया जा रहा है। महामंत्री सुनील कुमार ने कहा कि 16 सितंबर तक अगर मांगों को पूरा नहीं किया गया तो कर्मचारी लखनऊ पहुंचकर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलेंगे।
विज्ञापन
कर्मचारियों की कुछ खास मांगे
-कलक्ट्रेट लिपिक संवर्ग के कर्मचारियों को नायब तहसीलदार के 10 प्रतिशत पदों पर पदोन्नति की जाए।
-कलक्ट्रेट का नाम डीएम कार्यालय की जगह मिनी या जनपद सचिवालय रखा जाए।
-पुरानी पेंशन नियमावली को दोबारा लागू किया जाए।
-कलेक्ट्रेट में लेखा कार्य देख रहे पटल सहायकों को लेखा संवर्ग का वेतन दिया जाए।