बरेली। पॉवर कारपोरेशन प्रबंधन की वादाखिलाफी, ऊर्जा नीति और नियम विरुद्ध निर्देशों से नाराज अवर अभियंताओं ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। इससे दिन भर विभागीय कामकाज और कनेक्शन चेकिंग आदि कार्य ठप रहा। पहले दिन विद्युत जेई संगठन ने चीफ इंजीनियर कार्यालय पर घेराव कर प्रदर्शन सभा में वक्ताओं ने शीर्ष प्रबंधन पर उत्पीड़न के आरोप लगाए। सोमवार सुबह दस बजे से विद्युत जेई संगठन ने उत्पीड़नात्मक नए निर्देश और नीतियों का प्रदेश स्तर पर विरोध शुरू किया है। चीफ इंजीनियर कार्यालय परिसर में संगठन ने धरना प्रदर्शन कर सभा की। इसमें जिलाध्यक्ष विकास यादव ने कहा कि उच्च प्रबंधन ने अपनी कथित खामियां छिपाने के लिए नई ऊर्जा नीति लागू कर दी है। इससे उपभोक्ताओं को कोई फायदा नहीं मिलना है, सीधे तौर पर जेई संवर्ग ही प्रभावित हो रहा है। सचिव अभय कुमार सिंह ने कहा कि नियम विरुद्ध आदेश से होने वाले उत्पीड़न से सभी जेई परेशान हैं। इसके विरोध में प्रदेश भर में दो दिन तक धरना प्रदर्शन कार्यक्रम होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मनमाने नियम लागू करने के पीछे प्रबंधन का मकसद विभाग में निजीकरण व्यवस्था लागू करना है। आंदोलन विभिन्न स्तरों पर 11 सितंबर तक चलेगा। संगठन प्रबंधन के मंसूबोें को पूरा नहीं होने देगा। आरके शर्मा, एमए खान, आरके झा, मनीश गुप्ता, राजू सागर आदि ने भाग लिया।