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दस हजार शौचालयों के रिकॉर्ड गायब, मचा हड़कंप

Sun, 12 Jan 2020 01:40 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2020 01:40 AM IST
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तीन साल बाद भी एमआईएस पर नहीं अपडेट हो सका है डाटा
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सीडीओ ने मिशन के निदेशक को पत्र लिखा, डाटा अपडेट करने की संस्तुति
बरेली। स्वच्छ भारत मिशन को परवान चढ़ाने में मातहतों समेत अफसरों का रवैया भी गैर जिम्मेदाराना रहा है। पिछले दिनों ट्रांजेक्शन फेल होने से आठ हजार लाभार्थियों के खाते में रकम नहीं पहुंचने का मामला प्रकाश में आया था, तो अब एमआईएस फीडिंग न होने से दस हजार शौचालयों का डाटा सिस्टम से गायब होने का मामला खुला है। मामला प्रकाश में आने के बाद जिम्मेदार लोग बेचैन हैं। अफसर शौचालयोें का रिकॉर्ड खोज रहे हैं तो सीडीओ ने मिशन के निदेशक को पत्र लिखकर डाटा अपडेट कराने की गुजारिश की है।
साल 2014 में निर्मल भारत योजना शुरू हुई थी। इसके तहत जिले में करीब तीस हजार शौचालय बनवाए गए। वर्ष 2016 में निर्मल भारत योजना का नाम परिवर्तित कर स्वच्छ भारत मिशन कर दिया गया। नियमानुसार परिवर्तित योजना में बनाए गए शौचालयों का रिकॉर्ड भी जुड़ना चाहिए था, लेकिन इसके प्रति अफसर लापरवाह बने रहे। करीब तीन साल तक इस प्रक्रिया को पूरा करने के बारे में कोई संज्ञान नहीं लिया गया। पिछले दिनों शौचालय के सत्यापन के दौरान मामला प्रकाश में आया तो अफसरों के होश उड़ गए। दस हजार शौचालयों का रिकॉर्ड एमआईएस (मैनेजमेंट इंफार्मेंशन सिस्टम) से गायब मिला। मिशन के निदेशक ने संबंधित प्रकरण में जिला पंचायत राज विभाग से जवाब-तलब किया तो अफसर दस्तावेजों में शौचालय खोजने में जुट गए। मामले पर अब सीडीओ ने मिशन के निदेशक को पत्र लिखकर एमआईएस पर लापता 10,555 शौचालयों का डाटा फीड करने की गुजारिश की है। बताया जाता है कि तीन साल तक प्रकरण लंबित होने से मामला अब राज्य सरकार की योजना (निर्मल भारत) को केंद्र सरकार (स्वच्छ भारत मिशन) में जोड़े जाने को लेकर पेंच फंस गया है।
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14861 शौचालयों की भी गलत हुई फीडिंग
हैरत यह कि एक तरफ बनाए गए दस हजार शौचालय एमआईएसएस से गायब हैं तो दूसरी ओर 14861 शौचालयों का गलत रिकॉर्ड एमआईएस पर विभाग ने दर्ज कर दिया है। इस मामले में सीडीओ ने मिशन के निदेशक को लिखे पत्र में एमआईएस पर गलती से अपडेट हुए चौदह हजार से ज्यादा शौचालयों का रिकॉर्ड मिटाने की गुजारिश की है।
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एमआईएस पर डाटा अपडेट करने के लिए अब तक भारत सरकार ने मॉड्यूल नहीं खोले हैं। मिशन के निदेशक की ओर से भी कोई ठोस पहल न होने से अपडेशन की कार्रवाई लंबित है। मामले में मिशन के निदेशक को पत्र लिखकर डाटा अपडेट कराने का अनुरोध किया गया है।
- सत्येंद्र कुमार, सीडीओ
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