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कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण पाएंगे मूक बधिर छात्र
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25-25 बच्चों के बैच को मिलेगा प्रशिक्षण, संस्थाओं के छात्र भी कर सकेंगे प्रतिभाग
बरेली। हाथ, पैर और दिमाग से पूरी तरह फिट मूक बधिर छात्र समाज में अक्सर उपेक्षित रहते हैं। होनहार होने के बावजूद बेहतर शिक्षा न मिलने से इन बच्चों को रोजगार नहीं मिल पाता। लिहाजा, समाज की मुख्यधारा में शामिल होने में पीछे रह जाते हैं। ऐसे छात्रों को अब कौशल विकास योजना के तहत सशक्त बनाने की कवायद शुरू की गई है। सोमवार से संकेत विद्यालय में प्रशिक्षण शुरू होगा।
सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पिछले दिनों संकेत विद्यालय का उन्होंने निरीक्षण किया था। शिक्षकों और प्रधानाचार्य से मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे मूक बधिर हैं, लेकिन रोजगारपरक शिक्षा न मिलने से यह समाज से अलग-थलग हैं। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि बच्चों को अब कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए संकेत विद्यालय में ही एक कक्ष को ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। मूक बधिर बच्चों को कंप्यूटर और फर्नीचर तैयार करने की कला सिखाई जाएगी। बताया कि संकेत विद्यालय में 125 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में आयु वर्ग के हिसाब से बच्चों की कैटगरी तैयार कराई जाएगी, जिसके आधार पर किस वर्ग में प्रशिक्षण दिलाया जाय यह तय होगा। कहा, इसके अलावा शहर में चल रहे अन्य दिव्यांग संस्थानों के संचालकों से भी बात कर वहां पर भी अगर कोई मूक बधिर बच्चा होगा तो उसे भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद योग्यता के आधार पर बच्चों को निजी कंपनी या सेवा योजन कार्यालय के जरिए उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा। सोमवार से पहले बैच के प्रशिक्षण शुरू होने की बात कही है।
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बरेली। हाथ, पैर और दिमाग से पूरी तरह फिट मूक बधिर छात्र समाज में अक्सर उपेक्षित रहते हैं। होनहार होने के बावजूद बेहतर शिक्षा न मिलने से इन बच्चों को रोजगार नहीं मिल पाता। लिहाजा, समाज की मुख्यधारा में शामिल होने में पीछे रह जाते हैं। ऐसे छात्रों को अब कौशल विकास योजना के तहत सशक्त बनाने की कवायद शुरू की गई है। सोमवार से संकेत विद्यालय में प्रशिक्षण शुरू होगा।
सीडीओ सत्येंद्र कुमार ने बताया कि पिछले दिनों संकेत विद्यालय का उन्होंने निरीक्षण किया था। शिक्षकों और प्रधानाचार्य से मिली जानकारी के मुताबिक बच्चे मूक बधिर हैं, लेकिन रोजगारपरक शिक्षा न मिलने से यह समाज से अलग-थलग हैं। ऐसे में निर्णय लिया गया है कि बच्चों को अब कौशल विकास योजना के तहत प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। इसके लिए संकेत विद्यालय में ही एक कक्ष को ट्रेनिंग सेंटर बनाया जाएगा। मूक बधिर बच्चों को कंप्यूटर और फर्नीचर तैयार करने की कला सिखाई जाएगी। बताया कि संकेत विद्यालय में 125 बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में आयु वर्ग के हिसाब से बच्चों की कैटगरी तैयार कराई जाएगी, जिसके आधार पर किस वर्ग में प्रशिक्षण दिलाया जाय यह तय होगा। कहा, इसके अलावा शहर में चल रहे अन्य दिव्यांग संस्थानों के संचालकों से भी बात कर वहां पर भी अगर कोई मूक बधिर बच्चा होगा तो उसे भी प्रशिक्षण दिलाया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद योग्यता के आधार पर बच्चों को निजी कंपनी या सेवा योजन कार्यालय के जरिए उन्हें रोजगार मुहैया कराया जाएगा। सोमवार से पहले बैच के प्रशिक्षण शुरू होने की बात कही है।
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