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25 में 20 छात्राएं निकली एनीमिक, सिर्फ पांच ने किया रक्तदान
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बरेली। वीरांगना रानी अवंतीबाई लोधी राजकीय महिला महाविद्यालय में लगे रक्तदान शिविर में जब छात्राओं का परीक्षण किया गया तो 25 में से 20 छात्राएं एनीमिक निकलीं। हीमोग्लोबिन और वजन कम होने के चलते सिर्फ पांच छात्राएं ही रक्तदान कर सकीं।
एनएसएस की स्वयंसेवी छात्राओं और आईएमए ब्लड बैंक के सहयोग से महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ. संध्या सक्सेना सहित अन्य प्राध्यापकों ने रक्तदान किया। छात्राओं में भी रक्तदान को लेकर उत्साह था और 25 छत्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराए गए। मगर जब उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तो 25 में से 20 छात्रों का हीमोग्लोबिन काफी कम था। वजन भी मानक के अनुरूप नहीं था। इस वजह से सिर्फ पांच छात्राएं ही रक्तदान कर सकीं। शिविर में पहुंची ब्लड बैंक पदाधिकारी डॉ. पारुल घोष ने इन छात्राओं को खानपान और जीवनशैली को सही करने की सलाह दी। बताया कि वे अधिक मात्रा में हरी सब्जियां, फल और गुड़ का सेवन करें ताकि उनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ सके। इससे पूर्व छात्राओं ने शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर रैली के माध्यम से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया था। इन कॉलोनियों से पहुंचे लोगों ने भी शिविर में रक्तदान किया। आईएमए की टीम ने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और महाविद्यालय को एक ट्राफी दी। रक्तदान शिविर का आयोजन डॉ. अनु महाजन और डॉ. फौजिया खान के नेतृत्व में हुआ।
जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन 12.5 और वजन 50 किलो से ज्यादा होता है, उन्हीं का ब्लड लिया जाता था। जिन छात्राओं का वजन या हीमोग्लोबिन कम निकला, उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। - डॉ. अंजू उप्पल, अध्यक्ष, आईएमए ब्लड बैंक
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एनएसएस की स्वयंसेवी छात्राओं और आईएमए ब्लड बैंक के सहयोग से महाविद्यालय में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। सर्वप्रथम प्राचार्य डॉ. संध्या सक्सेना सहित अन्य प्राध्यापकों ने रक्तदान किया। छात्राओं में भी रक्तदान को लेकर उत्साह था और 25 छत्राओं ने रजिस्ट्रेशन कराए गए। मगर जब उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया तो 25 में से 20 छात्रों का हीमोग्लोबिन काफी कम था। वजन भी मानक के अनुरूप नहीं था। इस वजह से सिर्फ पांच छात्राएं ही रक्तदान कर सकीं। शिविर में पहुंची ब्लड बैंक पदाधिकारी डॉ. पारुल घोष ने इन छात्राओं को खानपान और जीवनशैली को सही करने की सलाह दी। बताया कि वे अधिक मात्रा में हरी सब्जियां, फल और गुड़ का सेवन करें ताकि उनमें हीमोग्लोबिन की मात्रा बढ़ सके। इससे पूर्व छात्राओं ने शनिवार को शहर के विभिन्न क्षेत्रों में जाकर रैली के माध्यम से लोगों को रक्तदान के लिए प्रेरित किया था। इन कॉलोनियों से पहुंचे लोगों ने भी शिविर में रक्तदान किया। आईएमए की टीम ने सभी रक्तदाताओं को प्रमाण पत्र और महाविद्यालय को एक ट्राफी दी। रक्तदान शिविर का आयोजन डॉ. अनु महाजन और डॉ. फौजिया खान के नेतृत्व में हुआ।
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जिन महिलाओं का हीमोग्लोबिन 12.5 और वजन 50 किलो से ज्यादा होता है, उन्हीं का ब्लड लिया जाता था। जिन छात्राओं का वजन या हीमोग्लोबिन कम निकला, उन्हें रिजेक्ट कर दिया गया। - डॉ. अंजू उप्पल, अध्यक्ष, आईएमए ब्लड बैंक
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