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नवाबगंज की चेयरमैन जाति प्रमाण पत्र की जांच में फंसी
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बरेली। नवाबगंज नगर पालिका चेयरमैन शहला ताहिर अब फर्जी जाति प्रमाण पत्र की जांच फंस गई हैं। राज्य पिछड़ा आयोग इस गंभीर मामले की जांच कर रहा है। आयोग ने सुनवाई के लिए दो बार तिथि तय की थी, लेकिन प्रशासन ने अपना पक्ष नहीं रखा। इस पर आयोग ने मंगलवार को डीएम को तलब किया है। इस बाबत शासन ने जिला प्रशासन को पत्र भेज दिया है।
भाजपा नेता नीरेंद्र राठौर ने पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग आयोग और शासन में शिकायत की थी कि नगर पालिका नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर फर्जी जाति प्रणाम पत्र लगाकर आरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर जीती हैं। शिकायत में कहा गया है कि मुस्लिम उच्च जाति के सैयद परिवार में जन्मी शहला की शादी 13 वर्ष की आयु में प्यारे अली अंसारी से हुई थी। शहला पर जन्म प्रमाणपत्र में भी हेराफेरी करने का आरोप है। इस शिकायत पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपर मुख्य सचिव नियुक्ति और कार्मिक को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसमें में कहा गया कि शहला ताहिर ने आरक्षित सीट पर अतिक्रमण कर नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा है, जो पिछड़ों को मिलने अधिकारों का हनन है। शासन ने इस पर 14 नवंबर और दो दिसंबर को अपना पक्ष रखने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया लेकिन दोनों ही तिथियों में कोई नहीं पहुंचा। अब फिर शासन ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि मंगलवार दोपहर 12.30 बजे पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष उपस्थित होकर पक्ष रखें। जिला प्रशासन को लिखे पत्र में कहा गया है कि डीएम खुद अथवा अपना प्रतिनिधि सुनवाई और पक्ष रखने के लिए नामित करें।
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भाजपा नेता नीरेंद्र राठौर ने पिछले दिनों पिछड़ा वर्ग आयोग और शासन में शिकायत की थी कि नगर पालिका नवाबगंज चेयरमैन शहला ताहिर फर्जी जाति प्रणाम पत्र लगाकर आरक्षित सीट पर चुनाव लड़कर जीती हैं। शिकायत में कहा गया है कि मुस्लिम उच्च जाति के सैयद परिवार में जन्मी शहला की शादी 13 वर्ष की आयु में प्यारे अली अंसारी से हुई थी। शहला पर जन्म प्रमाणपत्र में भी हेराफेरी करने का आरोप है। इस शिकायत पर राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने अपर मुख्य सचिव नियुक्ति और कार्मिक को पत्र लिखकर मामले की जांच कराने के निर्देश दिए थे। इसमें में कहा गया कि शहला ताहिर ने आरक्षित सीट पर अतिक्रमण कर नगर पालिका अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा है, जो पिछड़ों को मिलने अधिकारों का हनन है। शासन ने इस पर 14 नवंबर और दो दिसंबर को अपना पक्ष रखने के लिए जिला प्रशासन को निर्देशित किया लेकिन दोनों ही तिथियों में कोई नहीं पहुंचा। अब फिर शासन ने डीएम को भेजे पत्र में कहा है कि मंगलवार दोपहर 12.30 बजे पिछड़ा वर्ग आयोग के समक्ष उपस्थित होकर पक्ष रखें। जिला प्रशासन को लिखे पत्र में कहा गया है कि डीएम खुद अथवा अपना प्रतिनिधि सुनवाई और पक्ष रखने के लिए नामित करें।
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