बरेली। लंबी बीमारी के चलते वरिष्ठ अधिवक्ता उद्यमी भारत भूषण शील का शुक्रवार शाम निधन हो गया। वह 67 वर्ष के थे। उनके परिवार में एक पुत्र और एक पुत्री है। उनके निधन पर उद्यमियों ने शोक जताया है। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के दौरान सांसद संतोष गंगवार के माध्यम से भाजपा से जुड़े भारत भूषण शील ने हरूनगला में पहला उद्योग लगाया। उनके पिता जयनारायण सोसलिस्ट पार्टी के नेता थे, इसलिए भारत भूषण शुरूआती दौर में सोसलिस्ट पार्टी से भी जुड़े रहे थे। कायस्थ चेतना मंच समेत कई सामाजिक संगठनों से जुड़े रहे भारत भूषण आईआईए और चैंबर ऑफ कॉमर्स में भी कई पदों पर रहे। आरएसएस में सक्रिय भागेदारी के साथ ही औद्योगिक समस्याओं को लगातार विभिन्न मंचों पर उठाते रहे। लघु उद्योग भारती में भी उनकी सक्रियता रही। जून से वह गंभीर रूप से बीमार थे। उनके निधन पर आरके गोयल, सुरेश सुंदरानी, घनश्याम खंडेलवाल, उपेंद्र सक्सेना, पार्षद सतीश कातिब, अभय भटनागर, राजेश गुप्ता, सतीश अग्रवाल, राजू खंडेलवाल, रजत शर्मा आदि उद्यमियों और भाजपा नेताओं ने शोक जताया है।