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ज्यादा बैनामा होने वाले एरिया में ही सर्किल रेट बढे़ंगे!
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बरेली। जमीनों के नए सर्किल रेट के निर्धारण के लिए जिला प्रशासन ने होम वर्क शुरू कर दिया है। चूंकि सीएम योगी पहले ही यह स्पष्ट कर चुके हैं कि इस बार भी सर्किल रेट नहीं करेंगे। इसलिए अधिकारी नए रेट तय करने को लेकर ज्यादा सतर्कता दिखा रहे है। कोशिश की जा रही है कि उन जमीनों के ही सर्किल रेट में मामूली बढ़ोत्तरी की जाए, जहां पर इस साल सबसे ज्यादा बैनामा हुए हैं। बताते हैं इसमें पीलीभीत बाईपास रोड, सौ फुटा रोड, सीबीगंज की तरफ सबसे ज्यादा बैनामा हुए हैं। अधिकारियों का कहना है कि वह प्रस्ताव बनाकर भेज देंगे। अंतिम निर्णय शासन स्तर पर ही होना है। फिलहाल 20 जुलाई को इस संबंध में विस्तार से चर्चा के लिए अधिकारियों की मीटिंग भी बुलाई गई है।
जमीनों के सर्किल रेट में पिछले साल भी इजाफा नहीं हुआ था। इस साल भी सीएम यह कह चुके हैं कि सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न की जाए। इसकी काफी संभावना है कि इस बार भी सर्किट रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। फिर भी जमीनों के वार्षिक मूल्यांकन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने सभी सब रजिस्ट्रार को निर्देश कर चुके हैं कि वह अपने-अपने सर्किल की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तावित रेट लिस्ट भी तैयार कर लें। शासन की मंशा को देखते हुए कोशिश यही की जा रही है कि इस बार उन्हें एरिया के सर्किल रेट को बढ़ाना का प्रस्ताव तैयार करें, जहां इस साल सबसे ज्यादा बैनामें हुए हैं। सब रजिस्टार आरके गौतम ने बताया कि नए सर्किल रेट का नक्शा तैयार किया जा रहा है। पहली अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी की जानी है।
बैनामों की कमी से रजिस्ट्री विभाग को झटका
बैनामों की संख्या आई कमी की वजह से इस बार रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का टारगेट पूरा करने में दिक्कत आ रही है। रजिस्ट्री विभाग को इस बार बरेली प्रथम व द्वितीय, बहेड़ी, आंवला, फरीदपुर, नवाबगंज व मीरगंज इन सभी उप निबंधक कार्यालयों से 37052 लाख रुपये से राजस्व आय हासिल करनी थी। जबकि रजिस्ट्री विभाग के स्टाफ का कहना है कि पहले जहां 120 से 150 तक रजिस्ट्री होती थी, जो इस बार 50 से 80 तक ही सिमट कर रह गई है। सर्किल रेट बढ़े तो बैनामा कराने वालों में और भी ज्यादा कमी आएगी।
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सर्किल रेट के निर्धारण के लिए प्रकिया शुरू करा दी गई है। इस बारे में एसडीएम और बार एसोसिएशन से भी राय मशविरा लिया जाएगा। इसके बाद ही नई रेट लिस्ट प्रस्तावित होगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी
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जमीनों के सर्किल रेट में पिछले साल भी इजाफा नहीं हुआ था। इस साल भी सीएम यह कह चुके हैं कि सर्किल रेट में बढ़ोत्तरी न की जाए। इसकी काफी संभावना है कि इस बार भी सर्किट रेट में कोई बढ़ोत्तरी नहीं होगी। फिर भी जमीनों के वार्षिक मूल्यांकन की कार्रवाई शुरू हो चुकी है। एडीएम वित्त मनोज कुमार पांडेय ने सभी सब रजिस्ट्रार को निर्देश कर चुके हैं कि वह अपने-अपने सर्किल की रिपोर्ट तैयार कर प्रस्तावित रेट लिस्ट भी तैयार कर लें। शासन की मंशा को देखते हुए कोशिश यही की जा रही है कि इस बार उन्हें एरिया के सर्किल रेट को बढ़ाना का प्रस्ताव तैयार करें, जहां इस साल सबसे ज्यादा बैनामें हुए हैं। सब रजिस्टार आरके गौतम ने बताया कि नए सर्किल रेट का नक्शा तैयार किया जा रहा है। पहली अगस्त तक सारी प्रक्रिया पूरी की जानी है।
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बैनामों की कमी से रजिस्ट्री विभाग को झटका
बैनामों की संख्या आई कमी की वजह से इस बार रजिस्ट्री विभाग को राजस्व का टारगेट पूरा करने में दिक्कत आ रही है। रजिस्ट्री विभाग को इस बार बरेली प्रथम व द्वितीय, बहेड़ी, आंवला, फरीदपुर, नवाबगंज व मीरगंज इन सभी उप निबंधक कार्यालयों से 37052 लाख रुपये से राजस्व आय हासिल करनी थी। जबकि रजिस्ट्री विभाग के स्टाफ का कहना है कि पहले जहां 120 से 150 तक रजिस्ट्री होती थी, जो इस बार 50 से 80 तक ही सिमट कर रह गई है। सर्किल रेट बढ़े तो बैनामा कराने वालों में और भी ज्यादा कमी आएगी।
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सर्किल रेट के निर्धारण के लिए प्रकिया शुरू करा दी गई है। इस बारे में एसडीएम और बार एसोसिएशन से भी राय मशविरा लिया जाएगा। इसके बाद ही नई रेट लिस्ट प्रस्तावित होगी। -वीरेंद्र कुमार सिंह, जिलाधिकारी