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इलाज के बहाने जेल से बाहर आने की जुगत में चिन्मयानंद, प्रशासन ने कहा- बाहर ले जाने की जरूरत नहीं
Sat, 12 Oct 2019 09:39 PM IST
Abhishek Singh
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शाहजहांपुर
Published by: Abhishek Singh
Updated Sat, 12 Oct 2019 09:39 PM IST
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पूर्व केंद्रीय गृहराज्यमंत्री चिन्मयानंद
- फोटो : Social Media
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दुष्कर्म के आरोपी पूर्व गृह राज्यमंत्री चिन्मयानंद बीमारी का सहारा लेकर जिला जेल से निकलने की कोशिश में हैं। इसके लिए वह केजीएमसी लखनऊ जाकर इलाज कराने के लिए सीजेएम की अदालत में प्रार्थना पत्र दे चुके हैं। हालांकि कोर्ट ने इसका फैसला जेल प्रशासन पर छोड़ दिया है। उधर, जेल प्रशासन ने इस मामले में कोई निर्णय नहीं लिया है। जेल प्रशासन का कहना है कि चिन्मयानंद को अभी इलाज के लिए बाहर ले जाने की जरूरत नहीं है।
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एसआईटी की शुरुआती जांच के बाद चिन्मयानंद की गिरफ्तारी का रास्ता जिस दिन साफ हुआ था, उसी रात में वह अचानक बीमार हो गए। उनका पहले तो मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मुमुक्षु आश्रम जाकर इलाज किया था। जहां उन्हें दिल में दर्द, उच्च रक्तचाप और शुगर की बीमारी बताई गई। बाद में उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन वहां उन्हें ज्यादा दिन नहीं रखा गया।
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20 सितंबर की सुबह एसआईटी ने चिन्मयानंद को मुमुक्षु आश्रम से उस वक्त गिरफ्तार कर लिया था जब वह आयुर्वेदिक इलाज के लिए हरिद्वार जाने की तैयारी में थे। जेल जाने के बाद उन्हें 23 सितंबर को सुबह करीब सात बजे एंजियोग्राफी के लिए लखनऊ पीजीआई ले जाया गया था। 30 सितंबर की रात उन्हें पीजीआई से वापस लाकर जिला कारागार में दाखिल कर दिया गया।
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अब चिन्मयानंद को आंखों में दिक्कत बताकर उन्हें जेल से बाहर निकालने की कोशिश हो रही है। चिन्मयानंद की ओर से उनके अधिवक्ता ने 11 अक्तूबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की कोर्ट में एक प्रार्थना पत्र दिया, जिसमें चिन्मयानंद को इलाज के लिए केजीएमसी लखनऊ भेजे जाने की अनुमति मांगी गई है।
प्रार्थना पत्र में चिन्मयानंद की एक आंख का कार्निया खराब होने के साथ उच्च रक्तचाप, हृदय रोग, मधुमेह, क्रोनिक डर्मिटाइटिस रोग से पीड़ित बताया गया है। जिस पर कोर्ट ने इलाज के लिए चिन्मयानंद को लखनऊ भेजे जाने का निर्णय जिला कारागार प्रशासन पर छोड़ दिया है। जेल प्रशासन का कहना है कि चिन्मयानंद की स्थिति ठीक है। अभी उन्हें इलाज के लिए बाहर ले जाने की जरूरत नहीं है।