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आवाज मिलान के लिए फोरेंसिक लैब ले जाए जाएंगे चिन्मयानंद और छात्रा, एसआईटी को मिली अनुमति
Sat, 05 Oct 2019 08:33 PM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
अमर उजाला ब्यूरो, शाहजहांपुर
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 05 Oct 2019 08:33 PM IST
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स्वामी चिन्मयानंद
- फोटो : अमर उजाला
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दुष्कर्म के आरोपी चिन्मयानंद और फिरौती मामले में जेल में बंद छात्रा व उसके दोस्त संजय सिंह, विक्रम उर्फ दुर्गेश सिंह और सचिन सेंगर उर्फ सोनू को आवाज मिलान के लिए लखनऊ फोरेंसिक लैब ले जाने की कोर्ट ने एसआईटी को अनुमति दे दी।
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कोर्ट के आदेश की प्रति जेल प्रशासन को भी भेज दी गई है। आरोपियों में संजय, विक्रम थाना तिलहर क्षेत्र के गांव बंथरा और सचिन गाजियाबाद के थाना इंदिरापुरम के रेजंट ब्लॉक सुपर टेक स्टेट सेक्टर-9 का रहने वाला है।
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मालिश कराते चिन्मयानंद और छात्रा के बीच बातचीत का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। दूसरा वीडियो पांच करोड़ की फिरौती मांगे जाने के मामले में पीड़ित छात्रा और उसके दोस्तों के बीच हुई बातचीत का था।
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जांच कर रही एसआईटी ने दोनों वीडियो और आरोपियों की आवाज का मिलान फोरेंसिक लैब लखनऊ में कराने के लिए उन्हें जेल से निकालकर लखनऊ ले जाने की अनुमति की अर्जी दी थी।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ओमवीर सिंह के कोर्ट में इस पर शुक्रवार को संजय, सचिन, विक्रम के वकील प्रमोद तिवारी ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा था कि आरोपियों से पूछा जाए कि क्या वे अपनी आवाज का नमूना देने को तैयार हैं या नहीं।
चिन्मयानंद के अधिवक्ता मनेंद्र सिंह और दुष्कर्म पीड़ित छात्रा के अधिवक्ता अनूप त्रिवेदी ने भी आपत्ति जताते हुए कोर्ट में दलील दी थी। चिन्मयानंद के अधिवक्ता ने उनके खराब स्वास्थ्य का भी हवाला दिया था। वहीं छात्रा के अधिवक्ता ने कहा था कि एसआईटी पहले ही प्रेस कांफ्रेंस करके सारी बातें बता चुकी है।
बहस सुनने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। शनिवार को कोर्ट ने आरोपियों को आवाज नमूना परीक्षण/मिलान के लिए फोरेंसिक लैब लखनऊ ले जाने की एसआईटी को अनुमति देने का निर्णय सुनाया।