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बच्चों को कानून की किताबें स्कूल में पढ़ानी चाहिए : पूर्व न्यायाधीश

Mon, 29 Dec 2025 02:31 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 29 Dec 2025 02:31 AM IST
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Children should be taught law books in school: Former judge
फरीदपुर। सीएएस इंटर कॉलेज में पुरातन छात्र सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें पहुंचे हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एसके अग्रवाल ने कहा कि शुरुआती शिक्षा से ही बच्चों को कानून की किताबें स्कूल में पढ़ानी चाहिए।
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इंटर कॉलेज में रविवार को पुरातन छात्र सम्मेलन सांस्कृतिक कार्यक्रम के साथ आयोजित हुआ। विद्यालय के छात्र प्रशांत और शिवम ने देश रंगीला पर शानदार प्रस्तुति दी। माध्यमिक शिक्षा निदेशक डॉ. महेंद्र देव ने हाई स्कूल एवं इंटरमीडिएट कक्षाओं में ग्रामीण क्षेत्र के उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति के रूप में 1.51 लाख की एफडी करके उसके मिलने वाले ब्याज को पुरस्कार स्वरूप हाईस्कूल के छात्र को 2100 रुपये और इंटरमीडिएट के छात्र को 5100 रुपये देने की घोषणा की। इलाहाबाद हाईकोर्ट के सेवानिवृत न्यायाधीश एसके अग्रवाल ने कहा कि स्कूल कॉलेज में कक्षा चार से कानून की किताब भी सरकार को पढ़वाना शुरू करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि जन्म से लेकर मृत्यु तक व्यक्ति का कानूनी अधिकार हर मामले में हो जाता है तो ऐसे मामले में जीवन में रोज घटित होने वाली बातों के बारे में क्या कानून है। उनका किस कानून के तहत क्या अधिकार है यह सब जानकारी उन्हें स्कूली शिक्षा में ही मिलनी चाहिए, जबकि हमारे यहां केवल एलएलबी की शिक्षा में ही कानून की किताबें पढ़ाई जाती हैं।
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बरेली कैंट विधायक संजीव अग्रवाल, एमएलसी कुंवर महाराज सिंह, उमाशंकर शर्मा आदि मौजूद रहे। संवाद
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