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Bareilly News: बच्चों को तपा रहा डायरिया वार्ड, और बिगड़ रही सेहत

Wed, 11 Jun 2025 02:28 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 11 Jun 2025 02:28 AM IST
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Children are suffering from diarrhea ward and their health is deteriorating
बरेली। बढ़ते तापमान के बीच बीमार पड़ रहे बच्चों को जिला अस्पताल के डायरिया वार्ड जाने पर भी गर्मी से बेहाल होना पड़ रहा है। इसको लेकर रोज हंगामे हो रहे हैं। मंगलवार को भी कई अभिभावकों ने विरोध जताया। स्टाफ के लोगों ने उन्हें जैसे-तैसे समझाया।
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दो दिन से तापमान 40 डिग्री के आसपास दर्ज हो रहा है। सामान्य से दो से तीन डिग्री अधिक पहुंचा पारा बच्चों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। मंगलवार को ओपीडी में डेढ़ सौ बीमार बच्चे पहुंचे। इनमें से 12 को भर्ती किया गया। मंगलवार को अमर उजाला टीम ने वार्ड में व्यवस्थाओं की पड़ताल की। तीन हिस्से में बंटे 28 बेड के वार्ड में सभी बेड फुल हैं। यहां दो कूलर और सीलिंग पंखे चल रहे थे। बच्चों के साथ वार्ड में मौजूद अभिभावकों ने गर्मी से बच्चों की बेहाल होने की बात कही। बताया कि स्टाफ से कूलर में पानी डालने और उनकी संख्या बढ़ाने की बात की तो उन्होंने शासन से संसाधन मिलने पर ही संचालित किए जाने की बात कही।
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बताया कि कूलर में पानी न होने से राहत नहीं मिल पा रही। पंखे चल रहे हैं लेकिन उमस बहुत अधिक है। अभिभावकों का कहना था कि गर्मी के चलते बच्चे रात भर सो नहीं पा रहे। इसका असर उनकी तबीयत पर भी पड़ रहा है। ब्यूरो
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फर्राटा लगाने की मनाही, न ही
बच्चों को बाहर ले जाने दे रहे
किला छावनी निवासी चमन का दो साल का बेटा डायरिया की चपेट में आने पर दो दिन पहले भर्ती हुआ। बताया कि गर्मी बर्दाश्त से बाहर होने पर खुद से फर्राटा लगाने की बात की तो स्टाफ ने बाहर के उपकरण प्रयोग से इन्कार कर दिया। किला छावनी के एक अन्य बच्चे की दादी गुलशबा ने कहा कि पसीने से तरबतर होने के बाद भी बच्चों को वार्ड से बाहर ले जाने की मनाही है। मझगवां ढका निवासी सुंदरलाल का कहना था कि वार्ड की सभी खिड़कियां भी स्टाफ खोलने नहीं दे रहा।


सीमित संसाधन में कर रहे बेहतर इलाज
बच्चा वार्ड के इंचार्ज बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप गुप्ता के मुताबिक, चार दिन से गर्मी बढ़ने से डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों की तादाद बढ़ गई। वार्ड में बच्चों के साथ उनके अभिभावक होते हैं। बताया कि वार्ड में कूलर और पंखे चल रहे हैं। सभी उपलब्ध संसाधन संचालित हैं। दवाओं की कमी नहीं। बेहतर इलाज किया जा रहा है।

बचाव के उपाय
- बच्चों को उल्टी, दस्त होने पर ओआरएस का घोल पिलाते रहें।
- रात में दो-तीन घंटे बाद बोतल के दूध को गुनगुना कर पिलाएं।
- सुबह नौ से शाम पांच बजे तक बच्चों को बाहर न निकलने दें।
- धूप में ज्यादा देर तक न ठहरें और न बच्चों को ही रुकने दें।
- 24 घंटे में भी हालत में सुधार न होने पर विशेषज्ञ को दिखाएं।
- खुले में रखे कटे फल, खाद्य पदार्थ आदि का सेवन न करें।
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