Chhath Puja 2024: महापर्व छठ पूजा का तीसरा दिन, आज अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देंगी व्रती महिलाएं
लोक आस्था के महापर्व छठ के तीसरे दिन अस्ताचलगामी सूर्य (डूबते सूर्य) को व्रती महिलाएं अर्घ्य देंगी। इसे लेकर पूरी तैयारी कर ली गई है। शुक्रवार सुबह उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होगा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बरेली में महापर्व छठ मना रही श्रद्धालु महिलाओं ने बुधवार को छोटी छठ मनाई। खरना के साथ 36 घंटे तक चलने वाले निर्जल व्रत की शुरुआत की। अब महिलाएं शुक्रवार को उगते सूर्य को अर्घ्य देने के बाद व्रत का पारण करेंगी। इससे पहले महिलाओं ने छठी मइया के गीत गाए। केले के पत्ते पर सिंदूर से अर्द्धचंद्र की आकृति बनाकर दीप जलाया।
मिट्टी के चूल्हे पर प्रसाद बनाकर किया ग्रहण
छठ महापर्व के दूसरे दिन बुधवार को व्रती महिलाएं सुबह जल्दी उठकर घरों की साफ-सफाई में जुट गईं। स्नान कर महिलाओं ने मिट्टी के चूल्हे पर मिट्टी के बर्तन में गन्ने के रस की खीर का प्रसाद बनाया। खरना के बाद व्रती महिलाएं बृहस्पतिवार को अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने की तैयारी में जुट गई। आठ नवंबर शुक्रवार को उदयाचलगामी सूर्य को अर्घ्य देने के साथ व्रत का समापन होगा।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय परिसर स्थित श्री शिव-शक्ति पीठ मंदिर परिसर में बने तालाब के आसपास रंग-बिरंगी झालरों को लगाने का सिलसिला चलता रहा। मंदिर की देखरेख करने वाले देवेंद्र राम ने बताया कि सजावट के लिए फूल मंगाए गए हैं। फिलहाल तालाब में जल नहीं भरा गया है, बृहस्पतिवार को इसे भरा जाएगा।
छठ व्रत के लाभ
जिला अस्पताल की फिजीशियन डॉ. दीप्ती शर्मा बताती हैं कि छठ व्रत के दौरान उपवास सूर्य उपासना और खानपान हमारे शरीर में प्राकृतिक तरीके से नई ऊर्जा का संचार करता है और इसके कई लाभ होते हैं। सूर्य स्नान से शरीर में विटामिन-डी का स्तर बढ़ता है और यह हमारी हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है। सूर्य के संपर्क में और सकारात्मक ऊर्जा के संपर्क में आने से नींद की गुणवत्ता में सुधार आता है।
सूर्य देव की पूजा और ध्यान त्योहार का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह मानसिक स्वास्थ्य के लिए लाभकारी होता है और मानसिक तनाव कम होता है। व्रत के दौरान साधारण और कम वसा युक्त भोजन का सेवन किया जाता है, जिससे ह्रदय को स्वस्थ रखने में मदद मिलती है। नमक और मसालों की मात्रा सीमित रहती है, जिससे रक्तचाप नियंत्रित रहता है।
पूरे साल रहता है छठ का इंतजार
रिंकी वर्मा ने बताया कि छठ पर्व का इंतजार पूरे साल रहता है। परिवार के दूसरे सदस्य भी त्योहार मनाने के लिए घर आते हैं। छठ महापर्व की हर रस्म पूरी श्रद्धा और आस्था से निभाती हूं। नीरा पांडेय ने कहा कि दीपावली संपन्न होने के बाद से ही घर में छठ की तैयारियां चल रही हैं। हर साल पूरा परिवार विधि-विधान से छठ मैया की पूजा करता है। छठ मैया भी सभी मनोकामनाओं को पूर्ण करती हैं।