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एनटीपीसी का जीएम बनकर ठगी
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बरेली। खुद को एनटीपीसी का जीएम बताकर ठग ने टेंडर देने के नाम पर सिक्योरिटी एजेंसी के मालिक से 1.60 लाख रुपये ठग लिए। इस मामले में थाना कैंट में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है।
कैंट के गांव भरतौल में रहने वाले विजय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह और उनके पिता सेना के रिटायर्ड हवलदार त्रिभुवन तिवारी सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। विजय के मुताबिक 27 मार्च को उनके पास एक शख्स का फोन आया जिसने अपना नाम एके अग्रवाल बताया। उसने कहा कि वह रायबरेली के ऊंचाहार में एनटीपीसी का महाप्रबंधक है। उसने दो सौ सुरक्षाकर्मियों के लिए एक टेंडर निकाला है। बातचीत बढ़ने के बाद एके अग्रवाल ने उन्हें टेंडर दिलाने के लिए अमरेश यादव नाम के व्यक्ति के खाते में 35 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद उनसे मिलने और टेंडर दिलाने में टालमटोल शुरू कर दी।
पांच अप्रैल को उन्हें एसडीएम रायबरेली का हस्ताक्षरयुक्त एक फार्म भेजकर कोविड सुरक्षा के नाम पर 75 हजार रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने यह रकम देने से इनकार किया तो आरोपी ने उन्हें टेंडर निरस्त करने की धमकी दी। ठगी का अहसास होने के बाद विजय ने थाना कैंट में एके अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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कैंट के गांव भरतौल में रहने वाले विजय तिवारी ने रिपोर्ट दर्ज कराई है कि वह और उनके पिता सेना के रिटायर्ड हवलदार त्रिभुवन तिवारी सिक्योरिटी एजेंसी चलाते हैं। विजय के मुताबिक 27 मार्च को उनके पास एक शख्स का फोन आया जिसने अपना नाम एके अग्रवाल बताया। उसने कहा कि वह रायबरेली के ऊंचाहार में एनटीपीसी का महाप्रबंधक है। उसने दो सौ सुरक्षाकर्मियों के लिए एक टेंडर निकाला है। बातचीत बढ़ने के बाद एके अग्रवाल ने उन्हें टेंडर दिलाने के लिए अमरेश यादव नाम के व्यक्ति के खाते में 35 हजार रुपये जमा कराए। इसके बाद उनसे मिलने और टेंडर दिलाने में टालमटोल शुरू कर दी।
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पांच अप्रैल को उन्हें एसडीएम रायबरेली का हस्ताक्षरयुक्त एक फार्म भेजकर कोविड सुरक्षा के नाम पर 75 हजार रुपये जमा करने को कहा। उन्होंने यह रकम देने से इनकार किया तो आरोपी ने उन्हें टेंडर निरस्त करने की धमकी दी। ठगी का अहसास होने के बाद विजय ने थाना कैंट में एके अग्रवाल के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करा दी।
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