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Bareilly News: रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर 15-15 लाख रुपये ठगे
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बरेली। रेलवे में नौकरी लगवाने का झांसा देकर शातिरों ने बेरोजगारों से लाखों रुपये की ठगी कर ली। इज्जतनगर की शिव स्टेट कॉलोनी निवासी विनोद कुमार ने बताया कि उनकी जान-पहचान विजेंद्र पाठक से थी। वह खुद को रेलवे का रिटायर्ड अधिकारी बताता था। वर्ष 2018 में विजेंद्र ने बताया कि रेलवे भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष और रेल राज्यमंत्री से उसके अच्छे संबंध हैं। उसने अपने बेटे का नियुक्तिपत्र दिखाया और खेल कोटे से नौकरी लगवाने का झांसा दिया।
विजेंद्र ने विनोद को मयंक पाठक से मिलवाया। मयंक ने रेलवे सचिव बताते हुए करन शर्मा से बात कराई। करन ने अजय गुप्ता, निशा गुप्ता और खुद को रेल मंत्री बताने वाले शिवाजी सिंह से बात कराई। झांसे में आकर हापुड़ निवासी ईशू का फॉर्म भरवाया। मयंक पाठक और विजेंद्र पाठक को 15 लाख रुपये भी दे दिए। लक्ष्मीपुर गौटिया के अभिषेक व पंकज सिंह, जनकपुरी के सिद्धार्थ, नगरिया परीक्षित के रोहित, बदायूं के राजेश, हार्टमन रोड के शुभांकर सेठ, पटना बिहार के हिमांशु, गोरखपुर की पूजा व दिलीप, चंदौसी के महेश आदि को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगों ने 15-15 लाख रुपये ऐंठ लिए।
इन लोगों ने बेरोजगारों को फर्जी नियुक्तिपत्र भी भेजे और उसे ठीक कराने के नाम पर भी रुपये लिए। बाद में आरोपी टालमटोल करने लगे। ठगों का एक साथी कथित सैन्यकर्मी शिवाजी जो खुद को मंत्री बताता था, वह अब ठगी के मामले में डासना जेल में बंद है। इज्जतनगर थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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विजेंद्र ने विनोद को मयंक पाठक से मिलवाया। मयंक ने रेलवे सचिव बताते हुए करन शर्मा से बात कराई। करन ने अजय गुप्ता, निशा गुप्ता और खुद को रेल मंत्री बताने वाले शिवाजी सिंह से बात कराई। झांसे में आकर हापुड़ निवासी ईशू का फॉर्म भरवाया। मयंक पाठक और विजेंद्र पाठक को 15 लाख रुपये भी दे दिए। लक्ष्मीपुर गौटिया के अभिषेक व पंकज सिंह, जनकपुरी के सिद्धार्थ, नगरिया परीक्षित के रोहित, बदायूं के राजेश, हार्टमन रोड के शुभांकर सेठ, पटना बिहार के हिमांशु, गोरखपुर की पूजा व दिलीप, चंदौसी के महेश आदि को नौकरी लगवाने का झांसा देकर ठगों ने 15-15 लाख रुपये ऐंठ लिए।
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इन लोगों ने बेरोजगारों को फर्जी नियुक्तिपत्र भी भेजे और उसे ठीक कराने के नाम पर भी रुपये लिए। बाद में आरोपी टालमटोल करने लगे। ठगों का एक साथी कथित सैन्यकर्मी शिवाजी जो खुद को मंत्री बताता था, वह अब ठगी के मामले में डासना जेल में बंद है। इज्जतनगर थाने में इन सभी आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है।
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