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सीएचसी गेट पर तांगे में जना बच्चा
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
Updated Mon, 26 Sep 2016 01:01 AM IST
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सीएचसी के गेट पर तांगे में हुअा प्रसव
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मीरगंज। स्वास्थ्य महकमे की बदइंतजामी एक बार फिर सामने आ गई। सीएचसी के सामने एक प्रसूता तांगे पर दर्द से तड़पती रही। डॉक्टरों ने तांगे में ही उसका प्रसव करा दिया। लोगों ने डॉक्टरों की लापरवाही की शिकायत की। टीवी पर खबर प्रसारित होने के बाद प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य ने डीएम को फोन कर मामले के बारे में जानकारी ली। तब स्वास्थ्य महकमे की नींद टूटी। आनन- फानन में एसडीएम, नायब तहसीलदार और सीएमओ भी मौके पर पहुंच गए। हालांकि डॉक्टर इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही की बात नहीं स्वीकार रहे हैं।
मीरगंज के खमरिया सानी गांव की प्रेमवती की शादी रामपुर खजुरिया के गांव कैथोला में हुई है। गर्भवती महिला अपने मायके आई थी। रविवार सुबह पांच बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। एंबुलेंस नहीं मिली तो तांगे पर उसको सीएचसी लाया गया। जानकारी मिलते ही ड्यूटी पर तैनात डॉ. वागेश कुमार और स्टाफ नर्स मीनू जैकब मौके पर पहुंचे। उन्होंने उसको अस्पताल में लाने की बजाए तांगे पर ही प्रसव करा दिया। बाद में जच्चा बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि डाक्टरों की लापरवाही के चलते महिला को तांगे पर बच्चे को जन्म देना पड़ा। वहीं मामले की सूचना लखनऊ तक पहुंची। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डीएम पंकज यादव को फोन कर सूचित किया। डीएम ने सीएमओ और एसडीएम को मौके पर भेजा। सीएमओ डॉ. विजय यादव, एसडीएम अर्चना द्विवेदी और नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश दोपहर दोपहर में मीरगंज सीएचसी पहुंचे। भर्ती प्रसूता प्रेमवती और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए। हालांकि उनका कहना था कि अस्पताल की लापरवाही नहीं है। उन्होंने खुद ही एंबुलेंस को फोन नहंी किया। परिवार वाले ही उसको तांगे पर लाए थे।
महिला की हालत इस योग्य नहीं थी कि उसे तांगे से उतरवाकर भर्ती करते। लिहाजा जच्चा बच्चा को बचाने के लिए अस्पताल के बाहर की सुरक्षित प्रसव कराया। इसमें किसी तरह की लापरवाही बरती की गई।
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डॉ. अमित कुमार, अधीक्षक सीएचसी मीरगंज
महिला के बयान दर्ज किए हैं। उसने साफ कह दिया कि उसके परिजन ही तांगे पर अस्पताल लाए थे। डॉॅक्टरों ने सुरक्षित प्रसव कराया।
सत्यप्रकाश, नायब तहसीलदार मीरगंज
स्टॉफ, मरीज व तीमारदाराें से बात की गई है। गर्भवती की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे तांगे से उतारकर वार्ड पर लाते। इसलिए तांगे पर ही सुरक्षित प्रसव कराया। कोई लापरवाही की बात सामने नहीं आई।
डॉ. मनोज शुक्ला, प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग
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मीरगंज के खमरिया सानी गांव की प्रेमवती की शादी रामपुर खजुरिया के गांव कैथोला में हुई है। गर्भवती महिला अपने मायके आई थी। रविवार सुबह पांच बजे उसे प्रसव पीड़ा हुई। एंबुलेंस नहीं मिली तो तांगे पर उसको सीएचसी लाया गया। जानकारी मिलते ही ड्यूटी पर तैनात डॉ. वागेश कुमार और स्टाफ नर्स मीनू जैकब मौके पर पहुंचे। उन्होंने उसको अस्पताल में लाने की बजाए तांगे पर ही प्रसव करा दिया। बाद में जच्चा बच्चा को अस्पताल में भर्ती कराया। आरोप है कि डाक्टरों की लापरवाही के चलते महिला को तांगे पर बच्चे को जन्म देना पड़ा। वहीं मामले की सूचना लखनऊ तक पहुंची। प्रमुख सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य डीएम पंकज यादव को फोन कर सूचित किया। डीएम ने सीएमओ और एसडीएम को मौके पर भेजा। सीएमओ डॉ. विजय यादव, एसडीएम अर्चना द्विवेदी और नायब तहसीलदार सत्यप्रकाश दोपहर दोपहर में मीरगंज सीएचसी पहुंचे। भर्ती प्रसूता प्रेमवती और उसके परिजनों के बयान दर्ज किए। हालांकि उनका कहना था कि अस्पताल की लापरवाही नहीं है। उन्होंने खुद ही एंबुलेंस को फोन नहंी किया। परिवार वाले ही उसको तांगे पर लाए थे।
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महिला की हालत इस योग्य नहीं थी कि उसे तांगे से उतरवाकर भर्ती करते। लिहाजा जच्चा बच्चा को बचाने के लिए अस्पताल के बाहर की सुरक्षित प्रसव कराया। इसमें किसी तरह की लापरवाही बरती की गई।
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डॉ. अमित कुमार, अधीक्षक सीएचसी मीरगंज
महिला के बयान दर्ज किए हैं। उसने साफ कह दिया कि उसके परिजन ही तांगे पर अस्पताल लाए थे। डॉॅक्टरों ने सुरक्षित प्रसव कराया।
सत्यप्रकाश, नायब तहसीलदार मीरगंज
स्टॉफ, मरीज व तीमारदाराें से बात की गई है। गर्भवती की हालत ऐसी नहीं थी कि उसे तांगे से उतारकर वार्ड पर लाते। इसलिए तांगे पर ही सुरक्षित प्रसव कराया। कोई लापरवाही की बात सामने नहीं आई।
डॉ. मनोज शुक्ला, प्रवक्ता, स्वास्थ्य विभाग