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Bareilly News: प्रॉक्टोरियल बोर्ड सहित अन्य पदों पर पहले से तय था बदलाव
Fri, 03 Apr 2026 01:19 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
Updated Fri, 03 Apr 2026 01:19 AM IST
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बरेली। बरेली कॉलेज में प्रॉक्टोरियल बोर्ड, डीएसडब्ल्यू सहित अन्य पदों पर बदलाव की कवायद 25 मार्च को ही शुरू कर दी गई थी। इसी क्रम में 30 मार्च को चीफ प्रॉक्टर डॉ. आलोक खरे, डीएसडब्ल्यू डॉ. बीनम सक्सेना व परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजेंद्र सिंह ने इस्तीफा दे दिया था। प्रवेश नियंत्रक प्रो. वंदना शर्मा व स्थापना प्रभारी डॉ. दयाराम भी पद से मुक्त हो जाएंगे। बताया जा रहा है कि प्रबंध समिति के उच्च पदाधिकारी ही नई टीम लाने के लिए प्रयासरत हैं।
अब प्रो. वंदना शर्मा को स्थापना प्रभारी, डॉ. बीनम सक्सेना को प्रवेश व परीक्षा नियंत्रक, एमबी कलहंस को डीएसडब्ल्यू बनाए जाने की चर्चा है। प्राचार्य ने बृहस्पतिवार को भी इस मामले में प्रबंध समिति से चर्चा की। बताया जा रहा है कि प्रबंध समिति अब तक के कार्यों से खुश नहीं थी।
बुधवार की घटना को लेकर बृहस्पतिवार को बरेली कॉलेज में शिक्षक संघ की बैठक हुई। इसमें सचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि संघ प्रो. आलोक खरे के साथ है। वह दोषियों को सजा दिलाने के लिए जिस हद तक जाना चाहेंगे, शिक्षक संघ उनका साथ देगा। इस दौरान शिक्षक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।
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बरेली कॉलेज के पूर्व चीफ प्रॉक्टर डॉ. आलोक खरे से हुई अभद्रता का मामला बृहस्पतिवार को भी चर्चा में रहा। कॉलेज प्रशासन मामले में सख्त कार्रवाई का दावा तो कर रहा है, लेकिन अब तक तहरीर भी नहीं दी गई है। प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने तहरीर देने की बात कही, लेकिन बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने कोई शिकायती पत्र मिलने से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज की ओर से अपने स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।
वहीं, प्रो. आलोक खरे ने उनके साथ प्राचार्य कक्ष में हुई अभद्रता को शिक्षक गुटों की साजिश बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि मैं चीफ प्रॉक्टर पद पर रहूं। इसलिए मैंने 30 मार्च को ही इस पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद इस तरह की घटना हुई। इससे काफी ठेस पहुंची है।
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अब प्रो. वंदना शर्मा को स्थापना प्रभारी, डॉ. बीनम सक्सेना को प्रवेश व परीक्षा नियंत्रक, एमबी कलहंस को डीएसडब्ल्यू बनाए जाने की चर्चा है। प्राचार्य ने बृहस्पतिवार को भी इस मामले में प्रबंध समिति से चर्चा की। बताया जा रहा है कि प्रबंध समिति अब तक के कार्यों से खुश नहीं थी।
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बुधवार की घटना को लेकर बृहस्पतिवार को बरेली कॉलेज में शिक्षक संघ की बैठक हुई। इसमें सचिव प्रो. वीपी सिंह ने कहा कि संघ प्रो. आलोक खरे के साथ है। वह दोषियों को सजा दिलाने के लिए जिस हद तक जाना चाहेंगे, शिक्षक संघ उनका साथ देगा। इस दौरान शिक्षक संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी व अन्य उपस्थित रहे।
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बरेली कॉलेज के पूर्व चीफ प्रॉक्टर डॉ. आलोक खरे से हुई अभद्रता का मामला बृहस्पतिवार को भी चर्चा में रहा। कॉलेज प्रशासन मामले में सख्त कार्रवाई का दावा तो कर रहा है, लेकिन अब तक तहरीर भी नहीं दी गई है। प्राचार्य प्रो. ओपी राय ने तहरीर देने की बात कही, लेकिन बारादरी इंस्पेक्टर धनंजय पांडेय ने कोई शिकायती पत्र मिलने से इन्कार किया है। उन्होंने बताया कि कॉलेज की ओर से अपने स्तर से अनुशासनात्मक कार्रवाई करने की बात कही गई है।
वहीं, प्रो. आलोक खरे ने उनके साथ प्राचार्य कक्ष में हुई अभद्रता को शिक्षक गुटों की साजिश बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि कुछ लोग नहीं चाहते थे कि मैं चीफ प्रॉक्टर पद पर रहूं। इसलिए मैंने 30 मार्च को ही इस पद से इस्तीफा दे दिया था। इसके बावजूद इस तरह की घटना हुई। इससे काफी ठेस पहुंची है।