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Bareilly News: माटी से निकल रहे महारथी, कबड्डी में बना रहे पहचान

Sun, 12 Jul 2026 01:17 AM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, बरेली Updated Sun, 12 Jul 2026 01:17 AM IST
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Champions emerging from the grassroots, making a mark in Kabaddi.
बरेली। रेलवे ग्राउंड पर इन दिनों दूर-दूर से खिलाड़ी कबड्डी के दांव-पेंच सीखने पहुंच रहे हैं। लगभग 20 खिलाड़ियों की एक टीम प्रशिक्षण ले रही है। इनमें से कुछ खिलाड़ी 15 से 20 किलोमीटर दूर से आते हैं। राष्ट्रीय और प्रो कबड्डी प्रतियोगिताएं मैट पर आयोजित होती हैं। हालांकि, जिले में किसी भी स्टेडियम में कबड्डी मैट नहीं होने के कारण खिलाड़ी मिट्टी पर ही अभ्यास कर रहे हैं।
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ये खिलाड़ी खेल के प्रति अपनी लगन दिखा रहे हैं। पिछले दो सालों में ये खिलाड़ी दो से तीन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुके हैं। अब वे एक टीम के रूप में राष्ट्रीय कबड्डी प्रतियोगिता में अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए तैयार हैं। यह प्रशिक्षण उन्हें आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार कर रहा है।
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राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में धाक जमाना
भोजीपुरा के राहुल ने बताया कि उनके पिता ट्रक चलाते हैं। उनका सपना कबड्डी के खेल में नाम कमाना है। उन्होंने तीन साल पहले कबड्डी खेलना शुरू किया था। अब तक वे तीन राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। उनका सीधा लक्ष्य राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी प्रतियोगिता में धाक जमाना है।
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अटामांडा के जुनैद 25 किलोमीटर दूर से अभ्यास के लिए आते हैं। उन्होंने कहा कि सभी 20 खिलाड़ी रोजाना कबड्डी के पैंतरे सीख रहे हैं। आठ महीनों से टीम एकजुट होकर प्रयास कर रही है। जुनैद अब तक तीन बार स्टेट जूनियर, एक बार सबजूनियर और दो बार जूनियर स्टेट खेल चुके हैं। उनका लक्ष्य राष्ट्रीय खेल प्रतियोगिता तक पहुंचना है।



थारूपुरा ठाकुरान के काशिफ अली करीब 15 किलोमीटर रोजाना साइकिल से आते हैं। उन्होंने बताया कि यहां एकजुट होकर अभ्यास कर पा रहे हैं। पिछले आठ माह से कोच जसवीर ने टीम में जोश भर दिया है। काशिफ ने पिछले डेढ़ साल में तीन अलग-अलग स्तर की स्टेट प्रतियोगिताएं कबड्डी में खेली हैं। वे भविष्य में भी कबड्डी में कॅरिअर बनाना चाहते हैं।



राष्ट्रीय व स्टेट सभी प्रतियोगिताएं मेट पर होती हैं, लेकिन हमारे यहां किसी भी स्टेडियम में कबड्डी खिलाड़ियों के लिए मेट नहीं है। यहां पर कोई निश्चित इंडोर स्टेडियम नहीं है। हालांकि इस बार जिला कबड्डी संघ जोन गर्ल्स प्रतियोगिता की मेजबानी करेगा, इसके लिए स्थानीय नेताओं के सहयोग से मैट खरीदेंगे, जिससे खिलाड़ियों को मिट्टी व मैट दोनों पर खेलने का अनुभव हो सके। - पद्मवीर सिंह, पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी व सचिव जिला कबड्डी संघ
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