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Bareilly News: धड़ाधड़ चालान, छह माह में महज 78 लाइसेंस हुए निलंबित
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बरेली। हेलमेट नहीं लगाने और यातायात नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी है। इस वित्त वर्ष में महज 78 लाइसेंस ही निलंबित हुए हैं। परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, प्रवर्तन दल की ओर से किए गए चालान के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। पुलिस की ओर से भेजी गई रिपोर्ट में लाइसेंस की जगह वाहनों की पंजीकरण संख्या दी गई है। विभाग वाहन नंबर के आधार पर लाइसेंस को नहीं तलाश सकता। ऐसे में संबंधित 150 वाहनों को काली सूची में डाला गया है। संवाद
यह है नियम
पांच चालान होने पर संबंधित का लाइसेंस परिवहन विभाग कुछ अवधि के लिए निलंबित करता है। दोबारा उन्हीं यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर दोबारा लाइसेंस निलंबित किया जाता है। यदि लाइसेंस धारक तीसरी बार निलंबन की सूची में आता है तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जाता है। इसके बाद लाइसेंस के लिए उसे दोबारा आवेदन करना होता है। बीते चार माह के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक एक भी लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ है।
हेलमेट होता तो नहीं उजड़ता सुहाग
शाही। थाना क्षेत्र के डूंगरपुर गांव के प्यारेलाल (48) की 24 जनवरी को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी राजकुमारी ने बताया कि अगर वह हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। उनकी मृत्यु के बाद तीन छोटे-छोटे बच्चों का सहारा भी खत्म हो गया। अब राजकुमारी मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पाल रही हैं। संवाद
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...तो बच जाती बेटे की जान
शाही। थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव के विपिन (22) दो माह पहले अपने साथी के साथ गांव से दिल्ली बाइक से जा रहे थे। हापुड़ के पास सड़क हादसे में घायल हुए और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पिता के मुताबिक, विपिन ने हादसे के समय हेलमेट नहीं लगाया था। अगर हेलमेट लगाया होता तो उसकी जान बच जाती।
वर्जन
हेलमेट व अन्य मामलों में हुई कार्रवाई के आधार पर लाइसेंस निलंबित हुए हैं। लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। - प्रणव झा, आरटीओ प्रवर्तन
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यह है नियम
पांच चालान होने पर संबंधित का लाइसेंस परिवहन विभाग कुछ अवधि के लिए निलंबित करता है। दोबारा उन्हीं यातायात नियमों का उल्लंघन करने पर दोबारा लाइसेंस निलंबित किया जाता है। यदि लाइसेंस धारक तीसरी बार निलंबन की सूची में आता है तो उसका लाइसेंस निरस्त किया जाता है। इसके बाद लाइसेंस के लिए उसे दोबारा आवेदन करना होता है। बीते चार माह के आंकड़ों के मुताबिक अभी तक एक भी लाइसेंस निरस्त नहीं हुआ है।
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हेलमेट होता तो नहीं उजड़ता सुहाग
शाही। थाना क्षेत्र के डूंगरपुर गांव के प्यारेलाल (48) की 24 जनवरी को सड़क हादसे में मौत हो गई थी। उनकी पत्नी राजकुमारी ने बताया कि अगर वह हेलमेट लगाए होते तो शायद उनकी जान बच जाती। उनकी मृत्यु के बाद तीन छोटे-छोटे बच्चों का सहारा भी खत्म हो गया। अब राजकुमारी मेहनत-मजदूरी कर बच्चों को पाल रही हैं। संवाद
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...तो बच जाती बेटे की जान
शाही। थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गांव के विपिन (22) दो माह पहले अपने साथी के साथ गांव से दिल्ली बाइक से जा रहे थे। हापुड़ के पास सड़क हादसे में घायल हुए और इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। पिता के मुताबिक, विपिन ने हादसे के समय हेलमेट नहीं लगाया था। अगर हेलमेट लगाया होता तो उसकी जान बच जाती।
वर्जन
हेलमेट व अन्य मामलों में हुई कार्रवाई के आधार पर लाइसेंस निलंबित हुए हैं। लाइसेंस के निरस्तीकरण की कार्रवाई अभी तक नहीं हुई है। - प्रणव झा, आरटीओ प्रवर्तन