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कुर्सियां चलती रहीं, बैरियर पर पुलिस कर्मी देखते रहे
बरेली
Updated Mon, 08 Feb 2016 01:15 AM IST
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बरेली। बिथरी में प्रधान शाहिद अंसारी के घर के बाहर लगे सपा के मजमे में कुर्सियां और पत्थर फेंकने के मामले में पुलिस और प्रशासन ने जिस तरह उदासीनता दिखाई, उससे बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ने दिखावे में तो तीन बैरियर लगाकर सतर्कता बरतने का तमाशा किया। वाहन चालकों या भले लोगों से ब्लाक गेट तक जाने में अभद्रता की गई लेकिन गुंडा तत्व खुले आम घूमते रहे। पुलिस का काम केवल होटल बंद कराने और साइकिल या पैदल राहगीरों को डंडे से पीटने तक सीमित रहा। असामाजिक तत्वों को अराजकता फैलाने की खुली छूट मिली।
बिथरी ब्लाक प्रमुख चुनाव में मतदान से मतगणना तक दिखावे में सुरक्षा के खूब इंतजाम थे। सीओ संतोष कुमार समेत थाना कोतवाली, बारादरी, इज्जतनगर, बिथरी समेत कई थानों की फोर्स तैनात थी। बैरियर के एक ओर सपा और दूसरी ओर बसपा समर्थकों का हुजूम जमा था। इस हुजूम में नेताओं के अलावा माफिया और हिस्ट्रीशीटर भी थे। पंचायत चुनाव में सपा प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह के तमंचा लहराने की घटना होने के चलते बिथरी का चुनाव सबसे संवेदनशील माना जा रहा था। फिर भी पुलिस प्रशासन ने सतर्कता नहीं दिखाई। नतीजा, सपा के खेमे में कुर्सियां और पत्थर चलने के रूप में सामने आया। वह तो ये कहिए कि ये झगड़ा आपसी समझ से शांत हो गया। अगर कहीं असलहे निकल आते तो पता नहीं कितना बड़ा हादसा होता। पुलिस दोनों खेमों के उत्साही समर्थकों पर काबू रखने के बजाय केवल होटल और खोखे बंद कराने में लगी रही।
‘हमारे संज्ञान में कोई मामला नहीं आया है। जहां भीड़ थी, वहां फोर्स लगाई थी। सपा खेमे में भगदड़ और कुर्सियां फेंकने की बात मुझे नहीं पता चली।’ समीर सौरभ, एसपी सिटी
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शेरगढ़ में वोटर को जबरन ले जाने पर भिड़े सपा भाजपा समर्थक
-डीएम, कप्तान की मौजूदगी में पुलिस, पीएसी ने लठियाकर दौड़ाया
दुनका/शेरगढ़। शेरगढ़ ब्लाक के प्रमुखी चुनाव में खूब बखेड़ा हुआ। डीएम की मौजूदगी में ही सपा से जुड़े लोगों ने डेलपुर के बीडीसी वेदराम को घेर लिया, उसे पकड़कर जबर्दस्ती वोट डालने ले जाने लगे, विरोध करने पर पिटाई कर दी। भाजपा के लोगों ने इसका विरोध किया तो सपाई उन पर भी हमलावर हो गए। आरोप है कि विधायक शहजिल इस्लाम और शीशगढ़ चेयरमैन गुड्डू हाजी ने भी दबंगई दिखाई। पुलिस ने हमलावरों पर लाठियां भांजी, इससे भगदड़ मच गई। मार्केट बंद हो गया। भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार के पति दुष्यंत गंगवार ने सपा नेता भूपेंद्र कुर्मी समेत दस लोगों के खिलाफ डीएम को तहरीर दी।
लगभग दोपहर 12.50 बजे डीएम गौरव दयाल और एसएसपी आरके भारद्वाज चुनावी जायजा लेने पहुंचे। डीएम के पहुंचने तक लगभग 100 वोट पड़ चुके थे। वह मतदान केंद्र पर 40 मिनट तक जमे रहे। लौटते समय जैसे ही दोनों अफसरों की गाड़ी ब्लाक के मुख्य गेट से रोड की तरफ पहुंची कि सड़क पर दोनों पक्षों मे हंगामा होने लगा। इसे देख डीएम और कप्तान ने रुक गए। पता लगा कि भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी में से बीडीसी सदस्य डेलपुर निवासी वेदराम के उतरते ही उसको सपा प्रत्याशी के समर्थक साथ ले जाने लगे। इस पर दोनों पक्षों के सर्मथक आपस मे भिड़ गए। उनमें लात-घूंसे, थप्पड़ चलने लगे। ब्लाक कार्यालय पर निरीक्षण के बाद गाड़ियों से निकल रहे डीएम और कप्तान रुक गए। भीड़ को पुलिस-पीएसी ने खदेड़ दिया और जमकर लाठियां भंाजी। दुकानदार दुकानें बंद करके भागने लगे। इस बीच भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार के पति दुष्यंत कुमार गंगवार ने चुनाव में सत्ता पक्ष पर धांधली का आरोप लगाकर डीएम को शिकायती पत्र दिया। उन्होंने विधायक शहजिल इस्लाम और सपा नेता हाजी गुड्डू पर वोटरों को हड़काने का आरोप भी लगाया। धांधली का आरोप लगाने के बाद सारे भाजपाई चले गए। मतदान के बाद हुई मतगणना के दौरान भाजपा की ओर से कोई मौजूद नहीं रहा। अफसरों ने भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार का इंतजार भी किया लेकिन वह नहीं आए।
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बिथरी ब्लाक प्रमुख चुनाव में मतदान से मतगणना तक दिखावे में सुरक्षा के खूब इंतजाम थे। सीओ संतोष कुमार समेत थाना कोतवाली, बारादरी, इज्जतनगर, बिथरी समेत कई थानों की फोर्स तैनात थी। बैरियर के एक ओर सपा और दूसरी ओर बसपा समर्थकों का हुजूम जमा था। इस हुजूम में नेताओं के अलावा माफिया और हिस्ट्रीशीटर भी थे। पंचायत चुनाव में सपा प्रत्याशी बिजेंद्र सिंह के तमंचा लहराने की घटना होने के चलते बिथरी का चुनाव सबसे संवेदनशील माना जा रहा था। फिर भी पुलिस प्रशासन ने सतर्कता नहीं दिखाई। नतीजा, सपा के खेमे में कुर्सियां और पत्थर चलने के रूप में सामने आया। वह तो ये कहिए कि ये झगड़ा आपसी समझ से शांत हो गया। अगर कहीं असलहे निकल आते तो पता नहीं कितना बड़ा हादसा होता। पुलिस दोनों खेमों के उत्साही समर्थकों पर काबू रखने के बजाय केवल होटल और खोखे बंद कराने में लगी रही।
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‘हमारे संज्ञान में कोई मामला नहीं आया है। जहां भीड़ थी, वहां फोर्स लगाई थी। सपा खेमे में भगदड़ और कुर्सियां फेंकने की बात मुझे नहीं पता चली।’ समीर सौरभ, एसपी सिटी
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शेरगढ़ में वोटर को जबरन ले जाने पर भिड़े सपा भाजपा समर्थक
-डीएम, कप्तान की मौजूदगी में पुलिस, पीएसी ने लठियाकर दौड़ाया
दुनका/शेरगढ़। शेरगढ़ ब्लाक के प्रमुखी चुनाव में खूब बखेड़ा हुआ। डीएम की मौजूदगी में ही सपा से जुड़े लोगों ने डेलपुर के बीडीसी वेदराम को घेर लिया, उसे पकड़कर जबर्दस्ती वोट डालने ले जाने लगे, विरोध करने पर पिटाई कर दी। भाजपा के लोगों ने इसका विरोध किया तो सपाई उन पर भी हमलावर हो गए। आरोप है कि विधायक शहजिल इस्लाम और शीशगढ़ चेयरमैन गुड्डू हाजी ने भी दबंगई दिखाई। पुलिस ने हमलावरों पर लाठियां भांजी, इससे भगदड़ मच गई। मार्केट बंद हो गया। भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार के पति दुष्यंत गंगवार ने सपा नेता भूपेंद्र कुर्मी समेत दस लोगों के खिलाफ डीएम को तहरीर दी।
लगभग दोपहर 12.50 बजे डीएम गौरव दयाल और एसएसपी आरके भारद्वाज चुनावी जायजा लेने पहुंचे। डीएम के पहुंचने तक लगभग 100 वोट पड़ चुके थे। वह मतदान केंद्र पर 40 मिनट तक जमे रहे। लौटते समय जैसे ही दोनों अफसरों की गाड़ी ब्लाक के मुख्य गेट से रोड की तरफ पहुंची कि सड़क पर दोनों पक्षों मे हंगामा होने लगा। इसे देख डीएम और कप्तान ने रुक गए। पता लगा कि भाजपा प्रत्याशी की गाड़ी में से बीडीसी सदस्य डेलपुर निवासी वेदराम के उतरते ही उसको सपा प्रत्याशी के समर्थक साथ ले जाने लगे। इस पर दोनों पक्षों के सर्मथक आपस मे भिड़ गए। उनमें लात-घूंसे, थप्पड़ चलने लगे। ब्लाक कार्यालय पर निरीक्षण के बाद गाड़ियों से निकल रहे डीएम और कप्तान रुक गए। भीड़ को पुलिस-पीएसी ने खदेड़ दिया और जमकर लाठियां भंाजी। दुकानदार दुकानें बंद करके भागने लगे। इस बीच भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार के पति दुष्यंत कुमार गंगवार ने चुनाव में सत्ता पक्ष पर धांधली का आरोप लगाकर डीएम को शिकायती पत्र दिया। उन्होंने विधायक शहजिल इस्लाम और सपा नेता हाजी गुड्डू पर वोटरों को हड़काने का आरोप भी लगाया। धांधली का आरोप लगाने के बाद सारे भाजपाई चले गए। मतदान के बाद हुई मतगणना के दौरान भाजपा की ओर से कोई मौजूद नहीं रहा। अफसरों ने भाजपा प्रत्याशी रागिनी गंगवार का इंतजार भी किया लेकिन वह नहीं आए।