{"_id":"5c140b75bdec225706044ffd","slug":"celebrate-in-village-of-kamal-nath-in-bareilly","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"कमलनाथ के सीएम बनने पर बरेली के इस गांव में जश्न का माहौल, गर्व से फूले नहीं समा रहे ग्रामीण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कमलनाथ के सीएम बनने पर बरेली के इस गांव में जश्न का माहौल, गर्व से फूले नहीं समा रहे ग्रामीण
Sat, 15 Dec 2018 01:28 AM IST
गौरव द्विवेदी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बरेली
Published by: गौरव द्विवेदी
Updated Sat, 15 Dec 2018 01:28 AM IST
विज्ञापन
कमलनाथ के पैतृक गांव में जश्न
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मध्य प्रदेश के भावी मुख्यमंत्री कमलनाथ का बरेली से गहरा नाता है। कमलनाथ का पैतृक गांव अतरछेड़ी बरेली की आंवला तहसील में है। कमलनाथ के मुख्यमंत्री बनने के एलान से अतरछेड़ी में जश्न का माहौल है।
गांव वाले गर्व से फूले नहीं समा रहे हैं। प्रधान और पूर्व प्रधान समेत गांव के कई बुजुर्ग मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ से मिलने भोपाल जाने की भी योजना बनाने लगे हैं।
मध्य प्रदेश की लोकसभा सीट छिंदवाड़ा से कई बार सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के दादा बरेली की आंवला तहसील के गांव अतरछेड़ी के रहने वाले थे।
विज्ञापन
कमलनाथ के पिता तीन भाई थे। उनका परिवार सराफा कारोबार से जुड़ा था। कमलनाथ के पिता डॉ. महेंद्रनाथ संस्कृत के विद्वान थे। कई दशक पहले वह तीनों भाइयों के परिवार समेत कानपुर जाकर बस गए थे। वहां से उनका परिवार मध्य प्रदेश चला गया।
विज्ञापन
गांव वाले गर्व से फूले नहीं समा रहे हैं। प्रधान और पूर्व प्रधान समेत गांव के कई बुजुर्ग मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ से मिलने भोपाल जाने की भी योजना बनाने लगे हैं।
विज्ञापन
मध्य प्रदेश की लोकसभा सीट छिंदवाड़ा से कई बार सांसद और केंद्र सरकार में मंत्री रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कमलनाथ के दादा बरेली की आंवला तहसील के गांव अतरछेड़ी के रहने वाले थे।
विज्ञापन
कमलनाथ के पिता तीन भाई थे। उनका परिवार सराफा कारोबार से जुड़ा था। कमलनाथ के पिता डॉ. महेंद्रनाथ संस्कृत के विद्वान थे। कई दशक पहले वह तीनों भाइयों के परिवार समेत कानपुर जाकर बस गए थे। वहां से उनका परिवार मध्य प्रदेश चला गया।
राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित अतरछेड़ी के सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक जय गोविंद सिंह के अनुसार डॉ. महेंद्रनाथ के अतरछेड़ी गांव छोड़ने की उन्हें धुंधली सी याद है। कमलनाथ मुख्यमंत्री बनने जा रहे हैं तो गांव वालों को उन पर गर्व है।
वह एक बार दिल्ली में कमलनाथ से मिल भी चुके हैं। जब उन्होंने परिचय दिया तो वह बहुत खुश हुए, लेकिन समय की कमी की वजह से गांव नहीं आ सके। पूर्व प्रधान मुनेंद्रपाल सिंह ने बताया कि कमलनाथ का परिवार जिस मकान में रहता था, वह अब खंडहर बन चुका है।
कमलनाथ के पिता ने कानपुर जाने से पहले अपने मकान का एक हिस्सा करन सिंह को दे दिया था। अब करन सिंह का नाती कमलनाथ के मकान में रहता है।
प्रधान के पुत्र अतुल कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. महेंद्रनाथ के नाम पर मेरठ में रोड है। चंदौसी में भी उनके कुनबे के कुछ सदस्य रहते हैं। बहरहाल, कमलनाथ को सीएम बनने की खुशी में अतरछेड़ी की महिलाएं, बच्चे और बड़े सब खुश हैं।
वह एक बार दिल्ली में कमलनाथ से मिल भी चुके हैं। जब उन्होंने परिचय दिया तो वह बहुत खुश हुए, लेकिन समय की कमी की वजह से गांव नहीं आ सके। पूर्व प्रधान मुनेंद्रपाल सिंह ने बताया कि कमलनाथ का परिवार जिस मकान में रहता था, वह अब खंडहर बन चुका है।
कमलनाथ के पिता ने कानपुर जाने से पहले अपने मकान का एक हिस्सा करन सिंह को दे दिया था। अब करन सिंह का नाती कमलनाथ के मकान में रहता है।
प्रधान के पुत्र अतुल कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. महेंद्रनाथ के नाम पर मेरठ में रोड है। चंदौसी में भी उनके कुनबे के कुछ सदस्य रहते हैं। बहरहाल, कमलनाथ को सीएम बनने की खुशी में अतरछेड़ी की महिलाएं, बच्चे और बड़े सब खुश हैं।